जालंधर.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को जालंधर के नौगज्जा-बल्लां में श्री गुरु रविदास महाराज वाणी अध्ययन केंद्र का नींव पत्थर रखा। इस दौरान उन्होंने गुरु रविदास महाराज की शिक्षाओं और उनकी वाणी के महत्व पर विस्तार से बात की।
उन्होंने कहा कि गुरुओं की वाणी मानवता को सही दिशा दिखाने का काम करती है। गुरु रविदास महाराज ने समानता, भाईचारे और सामाजिक न्याय का संदेश दिया, जिसे आज के समाज में भी अपनाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि लाल-पीले और नीले कार्ड से किसी परिवार को कुछ समय के लिए रोटी तो मिल सकती है, लेकिन गरीबी का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। गरीबी तभी खत्म होगी, जब पंजाब के बच्चे अच्छी शिक्षा हासिल कर अपने पैरों पर खड़े होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि बच्चों को बेहतर शिक्षा के अवसर मिलें और वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और प्रदेश की तरक्की में योगदान दें।
शिक्षा से ही गरीबी का स्थायी समाधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से जरूरतमंद परिवारों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता दी जाती है। इससे लोगों की तत्काल जरूरतें पूरी हो सकती हैं, लेकिन किसी परिवार को गरीबी से स्थायी रूप से बाहर निकालने के लिए उसके बच्चों को अच्छी शिक्षा देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब बच्चे पढ़-लिखकर अपने पैरों पर खड़े होंगे और रोजगार हासिल करेंगे, तभी परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। इसलिए सरकार शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है। उनका कहना था कि किसी भी समाज का भविष्य उसके बच्चों की शिक्षा से तय होता है।
गुरु रविदास की वाणी घर-घर पहुंचाने का प्रयास
मान ने कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज वाणी अध्ययन केंद्र के माध्यम से बच्चों को उनकी वाणी और शिक्षाओं का अध्ययन करने का अवसर मिलेगा। बच्चे गुरु रविदास महाराज के संदेश को समझेंगे और उसे समाज तक पहुंचाने में भी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास महाराज ने जात-पात, भेदभाव और असमानता के खिलाफ आवाज उठाई थी। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को समानता और भाईचारे का रास्ता दिखाती हैं। सरकार का उद्देश्य उनकी शिक्षाओं को घर-घर तक पहुंचाकर समरस समाज का निर्माण करना है।
पंजाब में नफरत का बीज नहीं पनप सकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सभी वर्गों की धरती है। यहां की जमीन बेहद उपजाऊ है और पंजाब के लोगों ने हमेशा मेहनत और भाईचारे को महत्व दिया है। उन्होंने कहा कि इस मिट्टी पर नफरत का बीज कभी नहीं पनप सकता। मान ने पंजाब के कठिन दौर को भी याद किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने आतंकवाद का दौर देखा है। यहां बम चले और एके-47 चलीं, लेकिन लोगों के बीच का प्यार और आपसी भाईचारा कभी खत्म नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पंजाब की सबसे बड़ी ताकत आपसी सद्भाव और मिल-जुलकर रहने की भावना है।
















