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अगले दस साल में देश में 100 नए एयरपोर्ट बनाएंगे : केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री नायडू

भोपाल  मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में रविवार को एक बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री  किंजरापु राममोहन नायडू के साथ मध्यप्रदेश में चार नई सीधी हवाई सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर इनका शुभारंभ किया। भोपाल–रीवा, भोपाल–पटना, रीवा–कोलकाता और जबलपुर–कोलकाता सीधी हवाई सेवाओं…

अगले दस साल में देश में 100 नए एयरपोर्ट बनाएंगे : केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री  नायडू

भोपाल 

मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में रविवार को एक बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री  किंजरापु राममोहन नायडू के साथ मध्यप्रदेश में चार नई सीधी हवाई सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर इनका शुभारंभ किया। भोपाल–रीवा, भोपाल–पटना, रीवा–कोलकाता और जबलपुर–कोलकाता सीधी हवाई सेवाओं से प्रदेश के विंध्य और महाकौशल अंचल को राजधानी भोपाल तथा पूर्वी भारत के प्रमुख महानगर कोलकाता एवं पटना से सीधा हवाई संपर्क मिला है। मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री ने भोपाल से रीवा तक जाने वाली अलायन्स एयर की नवप्रारंभ फ्लाइट के यात्रियों को बोर्डिंग पास भी वितरित किए। उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल भोपाल से रीवा की इसी फ्लाइट में बैठकर रीवा के लिए रवाना हुए।

चार नई हवाई सेवाओं के शुभारंभ अवसर पर राजा भोज विमानतल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे मध्यप्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार का “ऐतिहासिक दिन” बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज मध्यप्रदेश के विकास और नागरिक सुविधाओं को नए पंख लग रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपालवासियों को बधाई देते हुए कहा कि अगले दो महीने के भीतर भोपाल से शारजाह तक सीधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई सेवा प्रारंभ कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए तेजी से काम कर रही है। बीते तीन साल में ही प्रदेश में रीवा, सतना और दतिया के रूप में तीन नए एयरपोर्ट प्रारंभ हो गए हैं। उज्जैन और शिवपुरी में भी नए एयरपोर्ट बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज ही केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने प्रदेश में पांच नए एयरपोर्ट्स बनाने की मंजूरी दे दी है। इसमें सबसे पहले सिंगरौली में एयरपोर्ट बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते दो साल में ही दस से अधिक रूट पर हवाई सेवाएं प्रारंभ हो गई हैं। उन्होंने कहा कि हवाई कनेक्टिविटी का लाभ प्रदेश के सभी अंचलों तक पहुंचाने का प्रयास किया है। देश में सबसे पहले मध्यप्रदेश में ही एयर एम्बुलेंस सर्विस प्रारंभ हुई है। राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की गई हेली सेवा प्रतिदिन चल रही हैं और इसमें पच्चयानवें प्रतिशत आकोपेंसी दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक समय प्रदेश में हवाई सेवाएं सीमित थीं और सुविधाएं नगण्य थीं, लेकिन आज एक साथ चार नई उड़ानों का शुरू होना बदलते मध्यप्रदेश और बदलते भारत की तस्वीर प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि इन सेवाओं का सबसे बड़ा लाभ समय की बचत के रूप में सामने आएगा। भोपाल–रीवा के बीच सप्ताह में चार दिन, जबकि भोपाल–पटना, रीवा–कोलकाता और जबलपुर–कोलकाता के बीच सप्ताह में तीन दिन उड़ानें संचालित होंगी। वर्तमान में इन शहरों के बीच सड़क अथवा रेल मार्ग से यात्रा में कई घंटे तक लगते हैं, जबकि सीधी हवाई सेवा से यही दूरी महज दो से ढाई घंटे में ही तय की जा सकेगी।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का हृदय स्थल होने के साथ विभिन्न राज्यों की कनेक्टिविटी का महत्वपूर्ण केंद्र बनने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि इन सीधी उड़ानों के प्रारंभ होने से उद्योगपतियों, व्यापारियों और पर्यटकों के समय तथा धन दोनों की बचत होगी। साथ ही रीवा और जबलपुर जैसे औद्योगिक केंद्रों का कोलकाता से सीधा जुड़ाव स्थानीय उद्योगों और एमएसएमई क्षेत्र के लिए बड़े बाजारों के द्वार भी खोलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच महज दस महीनों में प्रदेश में आठ नए हवाई मार्गों पर सेवाएं शुरू हुई हैं, जिनमें इंदौर–अबूधाबी अंतर्राष्ट्रीय उड़ान भी शामिल है। वर्तमान में मध्यप्रदेश में 8 एयरपोर्ट, 20 से अधिक हवाई पट्टियां और 220 हेलीपैड हैं। उन्होंने कहा कि हवाई सेवाओं का विस्तार केवल आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निवेश, उद्योग, पर्यटन और रोजगार को गति देने वाला आधारभूत ढांचा है। मध्यप्रदेश की ‘नागर विमानन नीति 2025’ के अंतर्गत राज्य सरकार हवाई सेवाओं को समर्थन दे रही है। किसानों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए इंदौर, भोपाल और जबलपुर एयरपोर्ट को कृषि उड़ान योजना में शामिल किया गया है। वहीं विमानन क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए कोर्स फीस का 60 प्रतिशत हिस्सा सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज से प्रांरभ हुई सीधी हवाई सेवाएं “विकसित मध्यप्रदेश” की आधारभूत संरचना को और भी मजबूत करेगी।

2036 तक हवाई सेवाओं के विकास–विस्तार पर 29 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी केंद्र सरकार

केद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री  किंजरापु राममोहन नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सिविल एविएशन क्षेत्र का तेजी से विस्तार हुआ है। वर्ष 2016 में ‘उड़ान’ योजना के माध्यम से ‘उड़े देश का आम नागरिक’ के संकल्प के साथ छोटे शहरों और आम नागरिकों तक हवाई सेवाओं की पहुंच बढ़ाई गई। पिछले वर्षों में देश में करीब 90 नए एयरपोर्ट विकसित हुए हैं और विमानों के बेड़े और हवाई यात्रियों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट और हवाई कनेक्टिविटी केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था के विकास का महत्वपूर्ण आधार है। एयरपोर्ट के आसपास रियल एस्टेट, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ती हैं और रोजगार के अवसर सृजित होते हैं।

केंद्रीय मंत्री  नायडू ने कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सिविल एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार हुआ है। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में सुविधाओं के विस्तार के साथ सतना, दतिया और रीवा में नए एयरपोर्ट विकसित किए गए हैं। कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश की सिविल एविएशन पॉलिसी प्रभावी है और देश की राज्यों की विमानन नीतियों में इसे सर्वश्रेष्ठ नीतियों में माना जा सकता है। इसके परिणामस्वरूप इंदौर से अंतर्राष्ट्रीय कनेक्टिविटी और रीवा–कोलकाता, रीवा–पटना, जबलपुर–कोलकाता और भोपाल–रीवा जैसे नए हवाई मार्ग शुरू हो रहे हैं।उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य शहरों को भी हवाई सेवाओं से जोड़ने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर कार्य किया जाएगा। प्रदेश की लगभग दस हवाई पट्टियों को एयरपोर्ट में परिवर्तित करने और कुछ शहरों में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य किया जा रहा है।  नायडू ने कहा कि ‘उड़ान’ योजना को अगले दस वर्षों के लिए विस्तारित किया गया है और इसके लिए केंद्र सरकार ने लगभग 29 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इससे नए एयरपोर्ट, हेलीपोर्ट और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार को गति मिलेगी। ‘उड़ान’ योजना, मध्यप्रदेश की एविएशन पॉलिसी और प्रदेशवासियों के सहयोग से मध्यप्रदेश को सिविल एविएशन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

केंद्रीय मंत्री  नायडू ने कहा कि सिविल एविएशन क्षेत्र युवाओं के लिए रोजगार और नए अवसरों का महत्वपूर्ण क्षेत्र बन रहा है।नए एयरपोर्ट और बढ़ती विमानन गतिविधियों से रोजगार की संभावनाएं और बढ़ेंगी।उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का विजन हर 150 किलोमीटर पर एक एयरपोर्ट, हर 75 किलोमीटर पर एक हवाई पट्टी और हर 45 किलोमीटर पर एक हेलिपोर्ट विकसित करने का है। केंद्र सरकार इस दिशा में मध्यप्रदेश को पूरा सहयोग देगी। आज प्रारंभ हो रही नई हवाई सेवाएं एक नई शुरुआत हैं और आने वाले समय में प्रदेश को और अधिक शहरों एवं गंतव्यों से हवाई सेवाओं के माध्यम से जोड़ा जाएगा।

उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए दूरदर्शी स्टेट एविएशन पॉलिसी– 2025 तैयार की गई है। इसके माध्यम से प्रदेश के छोटे शहरों को प्रमुख शहरों से जोड़ने का कार्य तेजी से हो रहा है। विशेष रूप से विंध्य क्षेत्र के लिए नई हवाई सेवाओं का विस्तार विकास की नई संभावनाओं को गति देगा। रीवा से दिल्ली, इंदौर और रायपुर की सेवाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं तथा अब रीवा को भोपाल और कोलकाता से जोड़ने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी और सुदृढ़ होगी। सिंगरौली देश के प्रमुख पावर हब में शामिल है। क्षेत्र में तीन राष्ट्रीय उद्यान तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। चित्रकूट भगवान राम के वनवास से जुड़ी महत्वपूर्ण पवित्र भूमि है। हवाई कनेक्टिविटी बढ़ने से इन संभावनाओं को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि एटीआर-72 जैसे विमानों के संचालन के लिए वित्तीय सहयोग की आवश्यकता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शी सोच से स्टेट एविएशन पॉलिसी तैयार की गई, जिसकी विमानन क्षेत्र में सराहना हो रही है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने बताया कि रीवा–भोपाल हवाई सेवा का किराया लगभग 2,700 रुपये तथा डायनेमिक फेयर में अधिकतम 3,500 रुपये निर्धारित किया गया है। रीवा–कोलकाता सेवा के किराये की कैपिंग लगभग 5,300 रुपये रखी गई है। इससे हवाई यात्रा आम नागरिकों के लिए अधिक सुलभ होगी।उन्होंने कहा कि भोपाल से पटना होते हुए कोलकाता, भोपाल से रीवा तथा अन्य शहरों के लिए कनेक्टिविटी का विस्तार हो रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से विशेषकर विंध्य क्षेत्र को देश के प्रमुख शहरों से जोड़ने का कार्य निरंतर आगे बढ़ेगा।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव  समीर कुमार सिन्हा ने कहा कि केंद्र सरकार वर्ष 2016 से ‘उड़ान’ योजना के माध्यम से टियर-2 और टियर-3 शहरों और दूर–दराज के क्षेत्रों को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने का निरंतर प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री  मोदी ने 4 जुलाई को ‘मॉडिफाइड उड़ान’ योजना का शुभारंभ किया है। आगामी दस वर्षों में इस योजना से छोटे शहरों को हवाई सेवाओं से जोड़ने को नई गति मिलेगी। केंद्रीय सचिव  सिन्हा ने कहा कि मध्यप्रदेश में उपलब्ध एयरस्ट्रिप्स को चिन्हित कर एयरपोर्ट विकसित करने और हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और नागरिक उड्डयन मंत्रालय राज्य सरकार के साथ समन्वय से कार्य करेंगे। मध्यप्रदेश में एयरस्ट्रिप और टर्मिनल उपलब्ध होने के बावजूद जहां विमानों की सीमित संख्या के कारण सेवाएं प्रारंभ नहीं हो पाई हैं, ऐसे क्षेत्रों को भी ‘मॉडिफाइड उड़ान’ योजना के माध्यम से कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि अलायंस एयर के माध्यम से नई हवाई सेवाओं की शुरुआत हो रही है। इंडिगो, अलायंस एयर, एयर इंडिया एक्सप्रेस और एयर इंडिया सहित विभिन्न एयरलाइंस द्वारा नए विमानों के ऑर्डर दिए गए हैं, जिससे भविष्य में हवाई सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं मजबूत होंगी। ‘उड़ान’ योजना के बाद फ्लाई 91, स्टार एयर सहित क्षेत्रीय एयरलाइंस का विस्तार भी हुआ है। मध्यप्रदेश ने नागरिक उड्डयन क्षेत्र की भौगोलिक आवश्यकताओं और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। केंद्र सरकार, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, अलायंस एयर और अन्य एयरलाइंस के सहयोग से प्रदेश में नागरिक उड्डयन क्षेत्र को नई गति मिलेगी।

अपर मुख्य सचिव, विमानन विभाग  संजय कुमार शुक्ल ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन में मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बीते एक साल में प्रदेश के सात शहरों से नई हवाई सेवाएं प्रारंभ की गई हैं। प्रदेश की विमानन नीति के अंतर्गत इंदौर से अबू धाबी के लिए अंतर्राष्ट्रीय हवाई सेवा भी प्रारंभ की गई है।  शुक्ला ने बताया कि इसी क्रम में आज से चार नई हवाई सेवाएं प्रारंभ की जा रही हैं।

चार नए हवाई मार्गों से मजबूत होगी प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी

आज शुभारंभ होने वाली चारों नई हवाई सेवाएं मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के अंतर्गत वित्त पोषित हैं। सभी घरेलू हवाई मार्गों पर प्रत्येक राउंड ट्रिप के लिए राज्य शासन द्वारा 10 लाख रुपये तक की वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) सहायता दी जाएगी। इन चारों सेवाओं का संचालन अलायंस एयर द्वारा किया जाएगा। भोपाल–रीवा हवाई सेवा सप्ताह में चार दिन मंगलवार, गुरुवार, शनिवार एवं रविवार को, भोपाल–पटना सेवा सोमवार, बुधवार एवं रविवार को तथा रीवा–कोलकाता और जबलपुर–कोलकाता हवाई सेवाएं मंगलवार, गुरुवार एवं शनिवार को संचालित होंगी। भोपाल–पटना सीधी हवाई सेवा से मध्यप्रदेश की राजधानी बिहार की राजधानी पटना से जुड़ेगी, जबकि भोपाल–रीवा सेवा से प्रदेश की राजधानी की विंध्य क्षेत्र से सीधी हवाई कनेक्टिविटी स्थापित होगी। रीवा और जबलपुर से कोलकाता की सीधी कनेक्टिविटी से इन क्षेत्रों के यात्रियों को सुविधा मिलेगी। चारों नवीन हवाई सेवाओं से पर्यटन, व्यापार एवं शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।

सीधी हवाई सेवाओं से यात्रा का समय होगा कम

सीधी हवाई कनेक्टिविटी से यात्रियों के यात्रा समय में कमी आएगी। भोपाल–रीवा की यात्रा में जहां रेल मार्ग से लगभग 10 घंटे लगते हैं, वहीं हवाई यात्रा से यह समय लगभग 1.5 घंटे रह जाएगा। भोपाल–पटना एवं रीवा–कोलकाता की यात्रा में रेल मार्ग से लगभग 22 घंटे की तुलना में हवाई यात्रा लगभग 2 घंटे में पूरी होगी। जबलपुर–कोलकाता की यात्रा भी रेल मार्ग के लगभग 22 घंटे की तुलना में लगभग 2.5 घंटे में पूरी होगी। इस प्रकार भोपाल–रीवा मार्ग पर लगभग 8.5 घंटे, भोपाल–पटना एवं रीवा–कोलकाता मार्ग पर लगभग 20-20 घंटे और जबलपुर–कोलकाता मार्ग पर लगभग 19.5 घंटे की समय बचत होगी।

किफायती किराए से यात्रियों को मिलेगा लाभ

सीधी हवाई कनेक्टिविटी के अभाव में इन रूट्स पर हवाई यात्रा का किराया लगभग 8 से 10 हजार रुपये होता था तथा यात्रियों को दिल्ली जाकर फ्लाइट बदलनी पड़ती थी। नवीन सीधी सेवाओं से किराया कम होकर लगभग 3,200 से 4,500 रुपये के बीच रहेगा। भोपाल–रीवा का किराया लगभग 3,500 रुपये, भोपाल–पटना 4,500 रुपये, रीवा–कोलकाता 3,200 रुपये और जबलपुर–कोलकाता 4,500 रुपये रहेगा। नवीन चार रूट्स के प्रारंभ होने से प्रदेश की विमानन नीति में एयरलाइंस के विश्वास को भी बल मिला है।

नई हवाई सेवाओं का परिचालन

क्र.

हवाई रूट

साप्ताहिक फ्रीक्वेंसी

ऑपरेटर

परिचालन शुरू होनेकी तिथि

1

भोपाल –रीवा

4 (मंगल, गुरु, शनि, रवि)

अलायंस एयर

09/08/2026

2

भोपाल– पटना

3 (सोम, बुध, रवि)

अलायंस एयर

10/08/2026

3

रीवा —कोलकाता

3 (मंगल, गुरु, शनि)

अलायंस एयर

09/08/2026

4

जबलपुर– कोलकता

3 (मंगल, गुरु, शनि)

अलायंस एयर

08/08/2026

यात्रा के समय में भारी बचत

जो यात्रा पहले 20 से 22 घंटे में होती थी, सीधी उड़ान से अब वह यात्रा 2 से 2.5 घंटे में सम्पन्न होगी तथा यात्रियों को बिना थकान के सुखद यात्रा का अनुभव मिलेगा।

क्र.

हवाई रूट

ट्रेन यात्रा में

लगने वाला समय

हवाई यात्रा में

लगने वाला समय

समय

की बचत

किराया

1

भोपाल–रीवा

10 घंटे

1.5 घंटे

8.5 घंटे

रु. 3,500

2

भोपाल–पटना

22 घंटे

2 घंटे

20 घंटे

रु. 4,500

3

रीवा–कोलकाता

22 घंटे

2 घंटे

20 घंटे

रु. 3,200

4

जबलपुर–कोलकाता

22 घंटे

2.5 घंटे

19.5 घंटे

रु. 4,500

 

कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री मती राधा सिंह, भोपाल सांसद  आलोक शर्मा, महापौर भोपाल मती मालती राय, आयुक्त विमानन विभाग  चंद्रमौली शुक्ला, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मेंबर (प्लानिंग)  अनिल कुमार गुप्ता, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक, पश्चिमी क्षेत्र  एच. पुल्ला, अलायंस एयर के अध्यक्ष  अमित कुमार, अलायंस एयर के सीईओ  राजर्षि सेन, अलायंस एयर के डिप्टी सीसीओ  विनीत भल्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं भोपाल से रीवा फ्लाइट में जाने वाले यात्रीगण उपस्थित थे।

 

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