चंडीगढ़.
हरियाणा के पूर्व खेल मंत्री व भारतीय हाॅकी टीम के पूर्व कप्तान संदीप सिंह के खिलाफ वीरवार को जिला अदालत में सुनवाई थी। इस दौरान पीड़िता ने जज के आगे नाराजगी जाहिर की और केस ट्रांसफर करने की मांग की।
पीड़िता ने कहा कि वह चार साल से इंसाफ के लिए भटक रही, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। इस दौरान उसने जज से कहा कि उसका केस किसी और कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया जाए। इस पर जज ने कहा कि अगर वह ऐसा चाहती हैं तो वह सेशंस कोर्ट में अर्जी दे सकती हैं। इससे पहले भी पीड़िता ने जज पर पक्षपात के आरोप लगाए थे जिस कारण उनका केस एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट से चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया था। पीड़िता ने इंटरनेट मीडिया पर अपनी वीडियो अपलोड कर भी नाराजगी जाहिर की।
पीड़िता ने कहा कि वह कई साल से सुरक्षा की मांग कर रही है, लेकिन उस पर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही। उसने वीरवार को भी सुनवाई के दौरान के जज से सुरक्षा दिए जाने की मांग की। पीड़िता ने चार साल पहले संदीप सिंह के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दी थी। जिस पर सेक्टर-26 थाना पुलिस ने संदीप सिंह के खिलाफ एफआइआर दर्ज की थी। इस मामले में पीड़ित की गवाही हो चुकी है। अपनी गवाही में उसने संदीप सिंह के खिलाफ खुलकर बयान दिए थे।
ये है मामला
करीब चार साल पहले हरियाणा खेल विभाग की एथलेटिक्स कोच ने पूर्व मंत्री संदीप सिंह पर छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे। उसकी शिकायत पर चंडीगढ़ पुलिस ने संदीप सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 354, 354-ए, 354-बी, 342, 506 और 509 के तहत केस दर्ज किया था। केस दर्ज होने के बाद उन्होंने खेलमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। शिकायत में महिला ने बताया था कि एक जुलाई 2022 को संदीप सिंह ने उसे अपने सेक्टर-7 स्थित सरकारी घर पर बुलाया था।
वहां उन्होंने महिला से छेड़छाड़ शुरू कर दी थी और उसके कपड़े भी फाड़ दिए थे। महिला ने फिर चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत दी और केस दर्ज हुआ। हालांकि संदीप सिंह का कहना था कि महिला ने अपने ट्रांसफर के विरोध में उनके खिलाफ झूठी शिकायत दी थी।
















