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यूपी में लम्पी स्किन डिजीज की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग ने जारी की एडवाइजरी

लखनऊ  प्रदेश में पशुओं को लम्पी स्किन डिजीज (एलएसडी) से बचाने के लिए पशुपालन विभाग ने पशुपालकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने पशुओं में बीमारी के संभावित लक्षणों पर नियमित निगरानी रखने और संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना देने की अपील की है। विभाग के अनुसार…

यूपी में लम्पी स्किन डिजीज की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग ने जारी की एडवाइजरी

लखनऊ
 प्रदेश में पशुओं को लम्पी स्किन डिजीज (एलएसडी) से बचाने के लिए पशुपालन विभाग ने पशुपालकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने पशुओं में बीमारी के संभावित लक्षणों पर नियमित निगरानी रखने और संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना देने की अपील की है।

विभाग के अनुसार तेज बुखार, त्वचा पर गोल एवं कठोर गांठें, आंख और नाक से स्राव, अत्यधिक लार आना, भूख कम होना, शरीर व पैरों में सूजन, दूध उत्पादन में कमी, कमजोरी और चलने में परेशानी लम्पी स्किन डिजीज के प्रमुख लक्षण हैं। किसी पशु में ऐसे लक्षण दिखाई देने पर पशुपालकों को उसे तत्काल अन्य पशुओं से अलग कर देना चाहिए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पशु चिकित्सक की सलाह के बिना संदिग्ध पशु का उपचार न करें।

इससे संक्रमण की स्थिति में बीमारी के प्रसार को रोकने में मदद मिल सकती है। पशुपालक संदिग्ध पशु की सूचना अपने जिले के विकास भवन स्थित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) कार्यालय या नजदीकी पशु चिकित्सालय को तत्काल दे सकते हैं। इसके अलावा पशुपालन विभाग की टोल-फ्री हेल्पलाइन 18001805141 पर भी सूचना दी जा सकती है।

सूचना मिलने पर पशुपालन विभाग की ओर से आवश्यक जांच, उपचार और रोग नियंत्रण की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने पशुपालकों से पशुओं के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करने और बीमारी के संभावित लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की है।

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