योगी सरकार उत्तर प्रदेश की महिलाओं के उत्थान के लिए अपने कार्यकाल के पहले दिन से सक्रिय

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योगी सरकार उत्तर प्रदेश की महिलाओं के उत्थान के लिए अपने कार्यकाल के पहले दिन से सक्रिय

योगी सरकार उत्तर प्रदेश की महिलाओं के उत्थान के लिए अपने कार्यकाल के पहले दिन से सक्रिय
महिलाओं-बालिकाओं के सशक्तीकरण, सम्मान और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
योगी सरकार की योजनाओं से लाखों महिलाओं को मिला लाभ
ग्रामीण इलाकों की महिलाओं ने बीसी सखी योजना के तहत किया 42 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का लेन-देन
लखनऊ,
 योगी सरकार अपने कार्यकाल के पहले दिन से ही प्रदेश की महिलाओं के उत्थान के लिए जोर-शोर से काम कर रही है। योगी सरकार के 9 वर्षों के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, सशक्तीकरण, स्वावलंबन, स्वास्थ्य समेत अन्य मुद्दे हमेशा प्राथमिकता में रहे हैं। योगी सरकार महिलाओं को हर तरीके से सशक्त बनाने के लिए नई योजनाओं को सामने लाती रही है। सरकार ने इन वर्षों में 1 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार हुआ है।
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, लखपति दीदी योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना और आंगनबाड़ी समेत अन्य योजनाओं के जरिए आधी आबादी का पूरा ध्यान रखा गया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने हमेशा लोकसभा और विधानसभा में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का पक्ष लिया। सीएम योगी की प्राथमिकताओं में महिलाओं की सुरक्षा भी सबसे अहम बिंदु रहा है।
योगी सरकार ने बेटियों पर विशेष ध्यान दिया है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत 2 करोड़ 85 लाख महिलाओं और बालिकाओं को भी जागरूक किया गया। वहीं 5 लाख 20 हजार से ज्यादा बेटियों का विवाह मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कराया गया। साथ ही मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत 26.81 लाख बेटियां लाभान्वित हुईं हैं। योगी सरकार ने सबल नारी, प्रगति हमारी नारे को जमीनी हकीकत में बदला है।
महिलाओं को खुद पर दिलाया भरोसा
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 2 लाख से ज्यादा महिलाओं को पीएम स्वनिधि योजना का लाभ दिलाया। लखपति दीदी योजना के तहत 35 लाख को चिह्नित किया गया और 18.55 लाख महिलाएं लखपति की श्रेणी तक पहुंच पाईं।
बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट (बीसी) सखी योजना ने उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को अहम जिम्मेदारी दी। इसके जरिए महिलाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में 42,711 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन किया। साथ ही 116 करोड़ रुपये का लाभांश अर्जित किया। योगी सरकार की पहल के बाद 15,409 विद्युत सखियों ने 3,207 करोड़ रुपये के विद्युत बिल कलेक्शन संबंधित काम किया और अपने लिए 41.3 करोड़ रुपये का कमीशन भी प्राप्त किया।
महिलाओं को काम करने की मिली आजादी
योगी सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र में भी काम करने वाली महिलाओं की भागीदारी को पंख दिए। योगी सरकार ने महिलाओं को नाइट शिफ्ट (शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक) काम करने की अनुमति दी गई। साथ ही सुरक्षित माहौल भी उपलब्ध कराया। वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में जहां महिला श्रम बल की भागीदारी लगभग 13 प्रतिशत थी, अब बढ़कर 36 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
दूसरी तरफ निराश्रित महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा के लिए योगी सरकार ने मासिक पेंशन में भी हर महीने 500 रुपये की वृद्धि की। इसे 1 हजार से बढ़ाकर 1500 रुपये मासिक किया गया, जिससे लाखों महिलाओं को सहारा मिल रहा है। योगी सरकार ने बीते 9 वर्षों में सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी पेंशन राशि में 5 गुना तक वृद्धि की है। 
वहीं अनुपूरक पुष्टाहार योजना के तहत 2 करोड़ 12 लाख बच्चे, गर्भवती और धात्री महिलाओं के जीवन में सुधार किया गया।
महिलाओं की सुरक्षा अहम
योगी सरकार महिलाओं की सुरक्षा का भी ध्यान रख रही है। ऐसे में 181 महिला हेल्पलाइन के जरिए 8.42 लाख से ज्यादा महिलाओं को मदद पहुंचाई गई। जघन्य अपराधों से पीड़ित महिलाओं और बालिकाओं को आर्थिक क्षतिपूर्ति देने के लिए ‘रानी लक्ष्मीबाई बाल एवं महिला सम्मान कोष’ की स्थापना की गई। इसके जरिए 14 हजार से ज्यादा पीड़िताओं को 511 करोड़ रुपये से अधिक की क्षतिपूर्ति की जा चुकी है।

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