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महाकाल की नगरी में विदेशी जोड़ों ने रचाया हिंदू विवाह, इटली-स्पेन-इंग्लैंड से पहुंचे दंपती

उज्जैन   धर्म नगरी अवंतिका में रोजाना लाखों की संख्या में श्रद्धांलु व पर्यटक का सैलाब उमड़ता है. विदेशी पर्यटकों को भी भारत खूब लुभाता है. इससे अंदाजा ऐसे ही लगाया जाता है कि बड़े-बड़े देश छोड़कर वह यहां बस जाते है. ऐसे ही हम बात करें तो धार्मिक नगरी उज्जैन में शनिवार शाम आस्था और…

महाकाल की नगरी में विदेशी जोड़ों ने रचाया हिंदू विवाह, इटली-स्पेन-इंग्लैंड से पहुंचे दंपती

उज्जैन 

 धर्म नगरी अवंतिका में रोजाना लाखों की संख्या में श्रद्धांलु व पर्यटक का सैलाब उमड़ता है. विदेशी पर्यटकों को भी भारत खूब लुभाता है. इससे अंदाजा ऐसे ही लगाया जाता है कि बड़े-बड़े देश छोड़कर वह यहां बस जाते है. ऐसे ही हम बात करें तो धार्मिक नगरी उज्जैन में शनिवार शाम आस्था और भारतीय संस्कृति की अनोखी तस्वीर देखने को मिली. इटली, स्पेन और इंग्लैंड से आए तीन विदेशी जोड़ों ने पश्चिमी तौर-तरीकों के बजाय सनातन परंपरा को अपनाते हुए हिंदू वैदिक रीति-रिवाजों से विवाह किया. बाबा महाकाल की नगरी को उन्होंने अपने जीवन के इस खास पड़ाव के लिए चुना, भारतीय परिवार व्यवस्था, योग और आध्यात्मिक जीवन से प्रभावित इन जोड़ों ने वैदिक मंत्रों के बीच सात फेरे लिए और भारतीय संस्कृति में पूरी तरह रंगे नजर आए। 

यह खूबसूरत नजारा शनिवार शाम को निनोरा स्थित आनंदमय वेलनेस रिट्रीट में देखने को मिला, जहां तीन विदेशी जोड़ों के लिए विशेष विवाह समारोह आयोजित हुआ. शाम 6 बजे से रात 8:30 बजे तक चले इस आयोजन में डॉ. ओमानंद गुरुजी के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अग्नि को साक्षी मानकर सभी ने सात फेरे लिए, खास बात यह रही कि तीनों जोड़े गुरुजी के शिष्य हैं. योग और भक्ति से प्रभावित इन विदेशी मेहमानों ने आध्यात्मिक नाम अपनाकर सनातन संस्कृति के प्रति अपनी आस्था जताई। 

क्या रखें नए नाम
1. इटली के नवदंपति: ईवा (मा दर्पण आनंद) और मास्सिमिलियानो (बलराम आनंद)।
2. इटली का दूसरा जोड़ा: जेसिका (मा सीता आनंद) और लुका (राम आनंद).
3. स्पेन और इंग्लैंड का संगम: स्पेन की इन्मा (मा शांति आनंद) और इंग्लैंड के मार्क (प्रकाशानंद) भारतीय परंपराओं के साथ एक-दूसरे का हाथ थामेंगे

आखिर क्यों चुना उज्जैन
डॉ. ओमानंद गुरुजी के अनुसार, विदेशी साधकों के लिए भारतीय विवाह सिर्फ दो लोगों का रिश्ता नहीं, बल्कि दो आत्माओं और परिवारों के मिलन का पवित्र संस्कार बन गया है. सात फेरों के संकल्प, रिश्तों को जीवनभर निभाने की भावना और भारतीय परिवार व्यवस्था ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया. यही आकर्षण उन्हें उज्जैन तक खींच लाया, जहां कई विदेशी मेहमान हिंदू वैदिक परंपराओं के अनुसार विवाह को अपने जीवन का सबसे खास और आध्यात्मिक पड़ाव मानकर स्वीकार कर रहे हैं। 

उज्जैन की ओर बढ़ रहा दुनिया का आध्यात्मिक आकर्षण
उज्जैन अब सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि विदेशी लोगों के लिए आध्यात्मिक आकर्षण का प्रमुख स्थान बनता जा रहा है. दिसंबर 2024 में इटली, अमेरिका और पेरू के तीन जोड़ों ने निनोरा स्थित परमानंद योग आश्रम में वैदिक मंत्रों के बीच विवाह किया था. अब छह विदेशी जोड़ों का उज्जैन आकर हिंदू विवाह संस्कार अपनाना नई तस्वीर पेश कर रहा है. योग, ध्यान और सनातन परंपरा से प्रभावित विदेशी भारतीय परिवार व्यवस्था को भी अपनाने लगे हैं। 

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