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प्रदेश में निवेशकों का अभूतपूर्व निवेश मेड इन एमपी, फेथ इन एमपी का उत्कृष्ट उदाहरण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का दिल तो है ही, अब देश-विदेश के उद्योगपतियों और निवेशकों के दिलों में भी बसता है। प्रसिद्ध औद्योगिक प्रक्षेत्र मालनपुर में गोदरेज की चौथी नई एकीकृत विनिर्माण इकाई का शुभारंभ उद्योग जगत के मध्यप्रदेश पर दिनों-दिन बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा…

प्रदेश में निवेशकों का अभूतपूर्व निवेश मेड इन एमपी, फेथ इन एमपी का उत्कृष्ट उदाहरण

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का दिल तो है ही, अब देश-विदेश के उद्योगपतियों और निवेशकों के दिलों में भी बसता है। प्रसिद्ध औद्योगिक प्रक्षेत्र मालनपुर में गोदरेज की चौथी नई एकीकृत विनिर्माण इकाई का शुभारंभ उद्योग जगत के मध्यप्रदेश पर दिनों-दिन बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि चम्बल अब तेजी से बदल रहा है। प्रदेश में हो रही औद्योगिक प्रगति में चम्बल अपने इतिहास को पीछे छोड़कर अब पूरी क्षमता से अपनी एक नई पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को भिंड जिले के औद्योगिक क्षेत्र मालनपुर में गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड की चौथी नवीन एकीकृत औद्योगिक (विनिर्माण) इकाई का शुभारंभ किया। गोदरेज ग्रुप द्वारा लगभग 450 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश से स्थापित यह इकाई मध्यप्रदेश में बढ़ते औद्योगिक विश्वास और ग्वालियर-चंबल अंचल में बदलते निवेश परिदृश्य का महत्वपूर्ण प्रतीक है। गोदरेज की इस चौथी नई एकीकृत विनिर्माण इकाई में 600 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्र के बदलते स्वरूप के बारे में कहा कि चंबल की भूमि बेहद उपजाऊ है। आज लगातार यहां नई-नई औद्योगिक इकाइयां लग रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोदरेज ने लगभग तीन दशक पहले मालनपुर में पहली इकाई स्थापित करते समय चुनौतियों के बजाय संभावनाओं को देखा। आपने बीहड़ नहीं, भविष्य देखा। चुनौती नहीं, संभावना देखी। उन्होंने कहा कि गोदरेज का यह 450 करोड़ रुपये का निवेश ‘मेड इन एमपी’ और ‘फेथ इन एमपी’ का उत्कृष्ट उदाहरण है। मालनपुर अब ग्वालियर-चंबल के औद्योगिक विकास का कैटेलिस्ट बन रहा है। यहां टॉय से लेकर टायर तक के उद्योग विकसित हो रहे हैं। एलेक्सर इंडस्ट्रीज द्वारा 1500 करोड़ रुपये का निवेश, गौतम सोलर की सोलर सेल निर्माण इकाई तथा मवई में ग्लास मैन्युफैक्चरिंग इकाई सहित अनेक परियोजनाएं क्षेत्र के औद्योगिक विस्तार को गति दे रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प में मैन्युफैक्चरिंग महत्वपूर्ण शक्ति है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में पिछले ढाई वर्षों में मिले निवेश प्रस्तावों में से 30 प्रतिशत से अधिक निवेश धरातल पर उतर चुका है। राज्य में उत्पादित करीब 76 हजार करोड़ रुपए के उत्पाद/कंज्यूमर प्रोडक्ट्स अब सात समंदर पार निर्यात किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हमारा मध्यप्रदेश देश का सबसे तेज गति से औद्योगिक प्रगति हासिल करने वाला राज्य बन गया है। मध्यप्रदेश की बेरोजगारी दर पूरे देश में सबसे कम है। मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों और निवेशकों को जनवरी 2027 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि आइए, मप्र में उद्योग लगाइए और अपना बिजनेस भी बढ़ाइए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गोदरेज का सफर राज्य की औद्योगिक विकास के लिए प्रतिबद्धता और उद्योगों के साथ स्थायी पार्टनरशिप का प्रमाण है। वर्ष 1991 में मालनपुर में अपनी पहली इकाई की स्थापना से लेकर आज अपने विस्तारित मैन्युफैक्चरिंग हब के उद्घाटन तक गोदरेज कंपनी ने लगातार मध्यप्रदेश में रोजगार निर्माण, औद्योगिक विकास और आर्थिक वृद्धि में अपना योगदान दिया है। आज के शुभारंभ से मालनपुर को एशिया की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड सोप मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री का गौरव हासिल हो गया है। प्लांट के कर्मचारियों में महिलाओं की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होती जा रही है। समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित मध्यप्रदेश की दिशा में इस पार्टनरशिप को और अधिक मजबूत करने में यह इकाई महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

ग्वालियर-चंबल में दो महीने के अंदर तीसरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का हुआ शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और मध्यप्रदेश बदल रहा है। यहां लगातार औद्योगिक निवेश आने और फैक्ट्रियों के लोकार्पण एवं भूमि-पूजन का क्रम जारी है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में पिछले करीब दो महीने में आज तीसरी औद्योगिक ईकाई का शुभारंभ हो रहा है। पहले गुना में लगभग 1500 करोड़ के निवेश से सीमेंट प्लांट, शिवपुरी में डिफेंस सेक्टर के मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट और आज मालनपुर में 450 करोड़ के निवेश से गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की नई यूनिट का शुभारंभ हुआ है। विभिन्न इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में हमारी सरकार ने औद्योगिक समूहों के साथ एमओयू किए हैं, जो आज मूर्तरूप ले रहे हैं। एशिया की सबसे बड़ी साबुन फैक्ट्री अब मालनपुर में है, यहां प्रति मिनट 4000 साबुन तैयार हो सकते हैं। गोदरेज समूह ने प्रतिबद्धता के बल पर दुनिया में अपनी अलग साख और थाक बनाई है। औद्योगिक घरानों के प्रयासों से कई घरों में आर्थिक समृद्धि और विकास की नई रौशनी आती है।

प्रदेश की समृद्धि के लिए हम केन्द्र के साथ कर रहे है कदम ताल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भिंड जिले में बहुत जल्द 1500 करोड़ के निवेश से बन रही औद्योगिक ईकाई का लोकार्पण किया जाएगा। मध्यप्रदेश युवाओं की समृद्धि और उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहा है। भोपाल में पिछले साल हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस 2025) में 30.77 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इनमें से 30 प्रतिशत धरातल पर उतर चुके हैं और करीब 10 लाख करोड़ रुपए की औद्योगिक ईकाइयां मूर्तरूप ले रही हैं। कई फैक्ट्रियों ने अपना उत्पादन भी शुरू कर दिया है। मध्यप्रदेश की विदेशी निर्यात क्षमता बढ़कर अब 76 हजार करोड़ हो चुकी है। मध्यप्रदेश की सीमाओं पर कोई समुद्र नहीं है, लेकिन हमारे उत्पाद सात समंदर पार दूर देशों तक पहुंच रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में जीआईएस से पहले हमारी सरकार ने रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव कर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में औद्योगिक विकास की संभावनाएं तलाशी थीं। इसी आधार पर ग्वालियर में टेलीकॉम सेक्टर की सबसे बड़ी यूनिट स्थापित की जाएगी। यहां टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) के माध्यम से ग्वालियर अंचल बदलेगा। चंबल बेल्ट में कभी दस्यु समस्या थी, लेकिन अब ग्वालियर-चंबल क्षेत्र निवेश, उद्योग और रोजगार के लिए अपनी पहचान बना रहा है। आशा है कि गोदरेज समूह मालनपुर में अपनी पांचवीं यूनिट भी जल्द शुरू करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गोदरेज समूह को भिंड जिले में स्थानीय स्तर पर कर्मचारियों के कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत करनी चाहिए। हमारी सरकार मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। राज्य में तेजी से आ रहे निवेश से हमारे युवाओं को रोजगार के नये अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।

गोदरेज ग्रुप की एग्जिक्यूटिव चेयरपर्सन सु निसाबा गोदरेज ने कहा कि इस विस्तार के बाद अब एशिया की सबसे बड़ी सोप मैन्युफैक्वरिंग सुविधा मालनपुर में है। इस प्लांट में हर मिनट 4,000 तक सोप बार बना सकते हैं। यह अत्याधुनिक प्लांट गोदरेज और मध्यप्रदेश के बीच 35 सालों की पार्टनरशिप प्रदर्शित करता है, जो 1991 में मालनपुर में हमारे पहले मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के साथ शुरू हुई थी। जिसमें अब तक कुल 850 करोड़ का निवेश हो चुका है, जहां साबुन, हेयर कलर्स, घरेलू कीटनाशकों आदि का निर्माण होता है। इस साईट में 480 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ चौथी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू की गई है। यह प्लांट पूरी तरह ऑपरेशनल होने के बाद 3,800 करोड़ रुपये के टर्नओवर का निर्माण करेगा। इस फैक्ट्री ने मैन्युफैक्चरिंग में महिलाओं के लिए अवसरों का निर्माण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पिछले साल मध्यप्रदेश सरकार ने महिलाओं को नाईट शिफ्ट में काम करने में समर्थ बनाने के लिए जो कदम उठाया है और उनकी सुरक्षा के जो उपाय किए हैं, उससे हमारा उत्साह काफी बढ़ा है। इस फैसले से महिलाओं के लिए नौकरियों, कौशल और लीडरशिप की भूमिकाओं के अवसर बढ़े हैं। सु निसाबा गोदरेज ने कहा कि मालनपुर से गोदरेज का रिश्ता 35 साल पुराना है। मेरे पिता  आदि गोदरेज ने वर्ष 1991 में यहां साबुन निर्माण के लिए यूनिट शुरू की थी। गोदरेज साबुन आज मालनपुर की धरती पर तैयार होकर देश का अग्रणी ब्रांड बनी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं के लिए सुरक्षा और आवास सहित सभी प्रकार सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। अब उन्हें नाइट शिफ्ट में काम करने का भी अवसर मिलेगा। महिलाओं को रोजगार, कौशल विकास और नेतृत्व क्षमता दिखाने के अवसर भी मिल रहे हैं। महिलाओं को हर क्षेत्र में समानता, सम्मान और अवसर मिलने चाहिए। गोदरेज के मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट में काम करने वाले महिला-पुरुष कर्मचारियों को काम करने के लिए सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जा रहा है। गोदरेज कंज्यूमर प्लांट के विस्तार से 600 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। मलेरिया सहित अन्य मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए गोदरेज ने खास प्रोडक्ट तैयार कर इसे बाजार में उपलब्ध कराया। मध्यप्रदेश में मलेरिया के मरीजों की संख्या में कमी देखने को मिली थी। वर्ष 2030 तक मलेरिया मुक्त होने के लिए गोदरेज राज्य सरकार के साथ काम करने के लिए तैयार है।

मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में लगातार निवेश आ रहा है। पहले चंबल को देश का पिछड़ा क्षेत्र माना जाता था। अब यहां धीरे-धीरे औद्योगिक निवेश बढ़ रहा है। भिंड जिले में हाइड्रोजन तैयार करने के लिए प्लांट का शिलान्यास भी हो चुका है। मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र से प्रधानमंत्री  मोदी के मेक इन इंडिया का संकल्प पूरा हो रहा है। यह क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था का मजबूत केंद्र बन रहा है। मुरैना शहर में सरसो की पिराई की ईकाई बड़ी संख्या में है। ग्वालियर-चंबल संभाग में नए-नए औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। भूमि-पूजन से पहले ही यहां निवेश आने लगा है। चंबल क्षेत्र को एक सैनिक स्कूल की सौगात मिली है। इस स्कूल का भवन बनकर तैयार हो चुका है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री और भिंड जिले के प्रभारी मंत्री  प्रह्लाद सिंह पटेल ने कहा कि गोदरेज के विस्तार से मालनपुर के स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। गोदरेज ने अपने प्रोडक्ट्स के बलबूते उपभोक्ताओं के साथ मजबूत रिश्ता बनाया है।

गोदरेज कंज्युमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के एमडी एवं सीईओ  आसिफ मलवारी ने कहा कि इस प्लांट का निर्माण अत्याधुनिक ऑटोमेशन और डिजिटाईजेशन के साथ किया गया है। उन्होंने राज्य सरकार की प्रगतिशील और भविष्यगामी दृष्टि की सराहना की।  मलवारी ने कहा कि निवेशकों को अनुकूल वातावरण और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस प्रदान करने के लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना। उन्होंने कहा कि मालनपुर के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को देश का दिल कहा जाता है, उसी प्रकार गोदरेज के लिए मालनपुर कंपनी की मैन्यूफैक्चरिंग का हृदय है। गोदरेज कंज्यूमर के प्रोडक्ट्स देश के कोने-कोने में पहुंचाए जाएंगे। मध्यप्रदेश सरकार की ओर से हमें व्यवसाय को बढ़ाने में पूरी सहायता मिल रही है। मालनपुर के प्लांट में अभी काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या 2200 है, जो अब बढ़कर 2800 हो जाएंगे। हम कर्मचारियों के समर्पण से उपभोक्ताओं के विश्वास को मजबूत करेंगे। गोदरेज के प्रोडक्ट्स भरारतीय परिवारों का प्रमुख हिससा बन चुके हैं। गोदरेज ने 35 साल पहले मालनपुर में अपनी ईकाई प्रारंभ की थी। यहां करीब 70 एकड़ क्षेत्र में हमारी मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट संचालित हो रही है, जिसमें अब तक कुल 850 करोड़ रुपए का निवेश हो चुका है। गोदरेज की कुल सोप मैन्यूफैक्चरिंग क्षमता 2 लाख टन है। अब नई यूनिट के विस्तार के साथ हम पूरे एशिया महाद्वीप के सबसे बड़े साबुन निर्माता बन जाएंगे। मालनपुर प्लांट में मैन्यूफैक्चरिंग और पैकेजिंग की एडवांस मशीनें लगाई गई हैं।

कार्यक्रम में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला,विधायक  केशव देसाई, विधायक  अंबरीश शर्मा, विधायक  नरेन्द्र सिंह कुशवाहा, जिला पंचायत अध्यक्ष मती कामना भदौरिया, मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन अध्यक्ष  संजय नागाइच, अपेक्स बैंक के अध्यक्ष  महेंद्र सिंह यादव, पूर्व मंत्री  लाल सिंह आर्य, पूर्व मंत्री  अरविंद भदौरिया,  देवेन्द्र सिंह नरवरिया, गोदरेज ग्रुप के प्रेसिडेंट  राकेश स्वामी, गोदरेज समूह के सभी कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित थे।

 

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