अमृतसर.
डीए जारी करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर पंजाब के सरकारी कर्मचारी संगठनों की ओर से 27 अगस्त को प्रस्तावित हड़ताल का जिले में व्यापक असर देखने को मिल। अमृतसर जिले के करीब सात हजार सरकारी कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर हैं। इसके चलते सरकारी कार्यालयों में कामकाज प्रभावित है।
वहीं, सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगी, हालांकि मरीजों के लिए इमरजेंसी सेवाएं जारी रखी जाएंगी। सामूहिक अवकाश के कारण डीसी कार्यालय, खजाना कार्यालय, फूड सप्लाई विभाग, पटवारखाने, आरटीओ कार्यालय समेत कई सरकारी विभागों में नियमित कामकाज प्रभावित होगा विभिन्न विभागों के कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में सामूहिक अवकाश लेकर हड़ताल में शामिल होंगे। इससे सरकारी कामकाज के सिलसिले में कार्यालय पहुंचने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
अस्पतालों में मरीजों को होगी परेशानी
हड़ताल का असर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ेगा। सरकारी अस्पतालों में नियमित ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगी। हालांकि गंभीर मरीजों और आपात स्थिति में आने वाले लोगों के लिए इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी, ताकि जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। ओपीडी बंद रहने से सामान्य इलाज और जांच के लिए अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को परेशानी हो सकती है। रोडवेज की बसें भी नहीं चलेंगी सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल का असर रोडवेज सेवा पर भी पड़ने की संभावना है। अमृतसर-1 और अमृतसर-2 डिपो का नियमित स्टाफ बसों का संचालन नहीं करेगा। इससे सरकारी बसों से सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि रेल यातायात सामान्य रहेगा।
बाजार और निजी शिक्षण संस्थान रहेंगे सामान्य
हड़ताल का असर सरकारी विभागों और सेवाओं तक सीमित रहेगा। बाजार, निजी स्कूल-कालेज और अन्य निजी शिक्षण संस्थान सामान्य रूप से खुले रहेंगे। रेल यातायात पर भी हड़ताल का कोई असर नहीं होगा। ऐसे में निजी परिवहन और अन्य सामान्य गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
















