छपरा
बिहार में त्रिस्तरीय पंचायतों के पुनर्गठन और नए सिरे से परिसीमन की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य सरकार के निर्णय के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने इस दिशा में प्रारंभिक कवायद शुरू कर दी है।
परिसीमन के लिए वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाया जाएगा। पूरी प्रक्रिया में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल करते हुए प्रगणक ब्लॉक की सीमाओं और संबंधित आंकड़ों को मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज किया जाएगा।
2011 की जनगणना के आधार पर तय होंगी सीमाएं
आयोग के निर्देश के अनुसार, 2011 की जनगणना के आधार पर तैयार प्रगणक ब्लॉकवार जनसंख्या, नक्शे और सीमाओं का मिलान करते हुए उनकी सीमा संबंधी जानकारी विशेष मोबाइल ऐप पर दर्ज की जाएगी। इससे पंचायतों के परिसीमन में आंकड़ों की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
परिसीमन से जुड़ी ऑनलाइन प्रविष्टियों के दौरान कई जिलों में ऐसे बेचिरागी राजस्व ग्राम भी सामने आए हैं, जो गैर-आबाद होने के बावजूद राजस्व अभिलेखों में दर्ज हैं और भौतिक रूप से मौजूद हैं।
पूर्व के पोर्टल पर इनके लिए अलग विकल्प उपलब्ध नहीं होने के कारण इनका विवरण दर्ज नहीं हो सका था। अब ऐसे सभी गांवों की जानकारी भी पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज की जाएगी।
आयोग ने जारी किए दिशानिर्देश
आयोग ने इस संबंध में जिला निर्वाचन पदाधिकारियों-सह-जिला पदाधिकारियों, जिला पंचायत राज पदाधिकारियों और प्रखंड विकास पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। तकनीकी तैयारियां पूरी होने के बाद परिसीमन की जमीनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जिला पंचायती राज पदाधिकारी शशि कुमार ने बताया कि तकनीकी तैयारियां पूरी हो गई हैं। जल्दी ही परिसीमन का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
















