GDP के बाद GST से भी खुशखबरी! ₹1,99,853 करोड़ का कलेक्शन, असम की शानदार छलांग

नई दिल्ली  जीडीपी ग्रोथ के बाद जीएसटी कलेक्शन के मोर्चे पर भी अच्छी खबर आई है। अगस्त में जीएसटी कलेक्शन सालाना आधार पर 14.8 प्रतिशत बढ़कर 1,99,853 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल अगस्त में यह 1,74,116 करोड़ रुपये रहा था। घरेलू लेनदेन से जीएसटी राजस्व 9.3 प्रतिशत बढ़कर 1.37 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा।…

GDP के बाद GST से भी खुशखबरी! ₹1,99,853 करोड़ का कलेक्शन, असम की शानदार छलांग

नई दिल्ली
 जीडीपी ग्रोथ के बाद जीएसटी कलेक्शन के मोर्चे पर भी अच्छी खबर आई है। अगस्त में जीएसटी कलेक्शन सालाना आधार पर 14.8 प्रतिशत बढ़कर 1,99,853 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल अगस्त में यह 1,74,116 करोड़ रुपये रहा था। घरेलू लेनदेन से जीएसटी राजस्व 9.3 प्रतिशत बढ़कर 1.37 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। वहीं आयात से राजस्व 29 प्रतिशत की बढ़त के साथ 62,604 करोड़ रुपये हो गया। जीएसटी कलेक्शन में लगातार तीसरी बार दोहरे अंकों में तेजी आई है। जुलाई में इसमें 15.4% और जून में 13.9% की बढ़त हुई थी।

सकल केंद्रीय जीएसटी संग्रह अगस्त में 38,413 करोड़ रुपये, राज्य जीएसटी संग्रह 46,316 करोड़ रुपये और एकीकृत जीएसटी संग्रह 1.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। अगस्त में रिफंड भी 68 प्रतिशत बढ़कर 31,795 करोड़ रुपये हो गया। समीक्षाधीन महीने में शुद्ध जीएसटी संग्रह 1.68 लाख करोड़ रुपये रहा जो सालाना आधार पर 8.3 प्रतिशत की वृद्धि है।

सोमवार को आए GDP ग्रोथ के आंकड़े के बाद देश के लिए ये एक और सकारात्‍मक संकेतक है। 

  •     घरेलू लेनदेन से जीएसटी राजस्व 9.3 प्रतिशत बढ़कर 1.37 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। 
  •     वहीं आयात से GST आय 29 प्रतिशत की बढ़त के साथ 62,604 करोड़ रुपये हो गया। 
  •     CGST यानी केंद्र सरकार के हिस्‍से आने वाला सकल केंद्रीय जीएसटी संग्रह अगस्त में 38,413 करोड़ रुपये रहा। 
  •     वहीं राज्‍यों के हिस्‍से आने वाला SGST यानी राज्य जीएसटी संग्रह 46,316 करोड़ रुपये रहा। 
  •     IGST यानी इंटीग्रेटेड जीएसटी संग्रह 1.15 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा के लेवल पर पहुंच गया। 

पांच महीनों का लेखा-जोखा
इस साल अप्रैल-अगस्त की अवधि में कुल GST कलेक्शन 11 प्रतिशत बढ़कर 10.43 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 9.40 लाख करोड़ रुपये था। घरेलू कुल रेवेन्यू में 5.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई जबकि इंपोर्ट से होने वाले रेवेन्यू में 27.3 प्रतिशत का उछाल आया। इस फाइनेंशियल ईयर के पहले पांच महीनों में नेट GST रेवेन्यू 9 प्रतिशत बढ़कर 8.90 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि कुल रिफंड 23.8 प्रतिशत बढ़कर 1.53 लाख करोड़ रुपये हो गए।

इस महीने में रिफंड 68 प्रतिशत बढ़कर ₹31,795 करोड़ हो गए, जबकि नेट GST कलेक्शन ₹1.68 लाख करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 8.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाता है। अगस्त में ग्रॉस सेंट्रल GST कलेक्शन ₹38,413 करोड़ था, जबकि स्टेट GST कलेक्शन ₹46,316 करोड़ रहा। इस महीने में इंटीग्रेटेड GST कलेक्शन ₹1.15 लाख करोड़ से ज़्यादा रहा।

कुल मिलाकर, अगस्त में ग्रॉस GST कलेक्शन बढ़कर लगभग ₹2 लाख करोड़ हो गया, जिसकी मुख्य वजह घरेलू और इंपोर्ट से होने वाली ज़्यादा कमाई थी; हालांकि रिफंड में भी तेज़ी से बढ़ोतरी हुई और नेट कलेक्शन सालाना आधार पर 8.3 प्रतिशत बढ़कर ₹1.68 लाख करोड़ हो गया।

GST काउंसिल सेक्रेटेरिएट द्वारा जारी एक ऑफिस मेमोरेंडम के अनुसार, GST काउंसिल की 57वीं बैठक 12 सितंबर को सुबह 11 बजे नई दिल्ली में होनी है।

यूपी में 19% बढ़ोतरी
बड़े राज्यों में अगस्त में उत्तर प्रदेश में घरेलू GST कलेक्शन में 19% की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद तेलंगाना में 16%, गुजरात में 15%, कर्नाटक और केरल में 13-13% और हरियाणा और पंजाब में 12-12% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। देश की इकॉनमी में सबसे ज्यादा योगदान देने वाले राज्य महाराष्ट्र में 8% की बढ़ोतरी के साथ कलेक्शन ₹28,779 करोड़ हो गया।

असम ने चौंकाया
इस बीच दक्षिणी राज्य तमिलनाडु के कलेक्शन में 1 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि ओडिशा और आंध्र प्रदेश में 7-7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। राजस्थान और गोवा में कलेक्शन 2 प्रतिशत कम हुआ। असम में इस महीने के दौरान जीएसटी रेवेन्यू में 162 प्रतिशत की असाधारण रूप से तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। पिछले साल अगस्त में यह 1,403 करोड़ रुपये था जबकि इस बार 3,679 करोड़ रुपये रहा।

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