नई दिल्ली
केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर एक बड़ी खबर है। नेशनल काउंसिल (JCM) के स्टाफ साइड ने सरकार को ज्ञापन सौंपते हुए 3.83 के फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। अगर यह मांग मंजूर हो जाती है, तो कर्मचारियों की न्यूनतम मूल सैलरी और पेंशन में 283% तक का ऐतिहासिक उछाल आ सकता है।
क्या है 3.83 फिटमेंट फैक्टर और इससे कितनी बढ़ेगी सैलरी?
फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक है, जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा किया जाता है। 7वें वेतन आयोग में यह फैक्टर 2.57 था। अब JCM ने इसे बढ़ाकर 3.83 करने की मांग रखी है। अगर मांग मान ली जाती है तो मौजूदा न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 × 3.83 = ₹68,940 हो जाएगा। वहीं, न्यूनतम पेंशन ₹9,000 से बढ़कर ₹34,470 हो जाएगा। यानी सैलरी और पेंशन दोनों में 283% की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन यह सिर्फ कर्मचारियों की मांग है, अंतिम फैसला सरकार करेगी।
क्या वाकई 283% बढ़ोतरी मिलेगी?
हालांकि, 283% का आंकड़ा काफी चर्चा में है, लेकिन पिछले अनुभवों से समझा जा सकता है कि सरकार आमतौर पर कर्मचारियों की मांग से कम फिटमेंट फैक्टर तय करती है। एक्सपर्ट्स के अनुमान के अनुसार, सरकार 1.8 से 2.86 के बीच फिटमेंट फैक्टर लागू कर सकती है। ऐसे में असली बढ़ोतरी करीब 13% से 35% के बीच रहने की संभावना है, न कि 283%। फिर भी, यह केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक बड़ा फायदा होगा।
कर्मचारियों की अन्य प्रमुख मांगें क्या हैं?
JCM ने सिर्फ सैलरी बढ़ाने तक सीमित नहीं रखा है। उनकी अन्य प्रमुख मांगों में ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) की बहाली, वेतन स्तरों को घटाकर सिर्फ 7 लेवल करना, हाउस रेंट अलाउंस (HRA) 30% करना, सालाना इंक्रीमेंट 3% से बढ़ाकर 6% करना, और 30 साल की सेवा में कम से कम 5 प्रमोशन सुनिश्चित करना शामिल है। इन मांगों पर सरकार का फैसला अभी बाकी है।
कब बना 8वां वेतन आयोग और कब मिलेगा फायदा?
8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा जनवरी 2025 में हुई थी। 3 नवंबर 2025 को इसका औपचारिक गठन किया गया। आयोग को अपनी रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय मिला है। उम्मीद है कि सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी, भले ही औपचारिक लागू होने में देरी हो। संभावित तारीखों के अनुसार, कर्मचारियों को 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत तक बढ़ी हुई सैलरी और पेंशन मिलना शुरू हो जाएगा।
7वां और 8वां वेतन आयोग में तुलना
अगर 7वें वेतन आयोग की बात करें, तो उसमें फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जिससे न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 और अधिकतम ₹2,50,000 था। वहीं 8वें वेतन आयोग के लिए प्रस्तावित 3.83 फैक्टर से न्यूनतम मूल वेतन ₹68,940 हो सकता है। हालांकि, एक्सपर्ट्स अनुमान बताते हैं कि असली फैक्टर 2.86 के आसपास हो सकता है, जिससे न्यूनतम वेतन करीब ₹51,480 बनता है।
क्या पेंशनर्स को भी फायदा होगा?
जी हां, 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें सभी केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स पर समान रूप से लागू होंगी। जिस फिटमेंट फैक्टर से सक्रिय कर्मचारियों की सैलरी बढ़ेगी, उसी फैक्टर से पेंशनभोगियों की पेंशन भी बढ़ाई जाएगी। साथ ही, पिछली तारीख (1 जनवरी 2026) से एरियर भी दिया जाना संभव है।
8वें वेतन आयोग का बड़ा अपडेट: कर्मचारियों की सैलरी में हो सकती है 283% की बढ़ोतरी
नई दिल्ली केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर एक बड़ी खबर है। नेशनल काउंसिल (JCM) के स्टाफ साइड ने सरकार को ज्ञापन सौंपते हुए 3.83 के फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। अगर यह मांग मंजूर हो जाती है, तो कर्मचारियों की न्यूनतम मूल सैलरी और पेंशन में…

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