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चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में वार्ड आरक्षण का ड्रॉ 11 को, कई पार्षदों के समीकरण बिगड़ने के आसार

चंडीगढ़  नगर निगम चुनाव के लिए 11 सितंबर को होने वाले वार्ड आरक्षण ड्राॅ से पहले सबसे ज्यादा नजर उन वार्डों पर है, जो अनुसूचित जाति (एससी) और महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकते हैं। 2011 की जनगणना में वार्डवार एससी आबादी के प्रतिशत और पिछले आरक्षण की रोटेशन व्यवस्था को आधार मानें तो वार्ड…

चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में वार्ड आरक्षण का ड्रॉ 11 को, कई पार्षदों के समीकरण बिगड़ने के आसार

चंडीगढ़
 नगर निगम चुनाव के लिए 11 सितंबर को होने वाले वार्ड आरक्षण ड्राॅ से पहले सबसे ज्यादा नजर उन वार्डों पर है, जो अनुसूचित जाति (एससी) और महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकते हैं।

2011 की जनगणना में वार्डवार एससी आबादी के प्रतिशत और पिछले आरक्षण की रोटेशन व्यवस्था को आधार मानें तो वार्ड नंबर-1, 3, 4, 9, 15, 29 और 32 एससी आरक्षण के लिए संभावित वार्डों की सूची में सबसे आगे हैं।

सात एससी वार्डों में से तीन को 11 सितंबर के ड्रा में एससी महिला के लिए आरक्षित किया जाएगा, जबकि बाकी चार एससी वर्ग की महिला-पुरुष के लिए ओपन रहेंगे।

इसलिए इन वार्डों के आरक्षित होने की संभावना अधिक
वार्ड-1, 3, 4, 9, 15, 29, 32 इन सात वार्डों को संभावित एससी वार्डों के तौर पर इसलिए देखा जा रहा है क्योंकि 2021 में एससी के लिए आरक्षित रहे सात वार्डों को रोटेशन के तहत इस बार बाहर रखा गया है।

2021 में वार्ड-7, 16, 19, 24, 26, 28 और 31 एससी वर्ग के लिए आरक्षित किए गए थे। इनमें वार्ड-16, 19 और 28 एससी महिला के लिए आरक्षित थे।

आरक्षण के तय फार्मूले के अनुसार एक चुनाव में एससी के लिए आरक्षित वार्डों को अगले चुनाव में दोबारा उसी श्रेणी में आरक्षित करने के बजाय एससी आबादी के प्रतिशत के आधार पर अगले वार्डों को मौका दिया जाता है।

महिलाओं के लिए भी 12 वार्ड आरक्षित होंगे
35 में से कुल 12 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाएंगे। इनमें तीन एससी महिला और नौ सामान्य महिला वार्ड होंगे। कई पुरुष नेताओं को अपनी पत्नी को चेहरा बनाना होगा। पहले भी देवेंद्र बबला जैसे नेता ने महिला आरक्षण के बाद पत्नी हरप्रीत कौर बबला को चुनाव लड़ाया था।

इन पार्षदों को तलाशना पड़ सकता है नया वार्ड
वार्ड-1 में अभी आप पार्षद जसविंद्र कौर सामान्य वर्ग श्रेणी से हैं। वार्ड-3 पर भाजपा पार्षद दलीप शर्मा के सामने आरक्षण तीसरी बार जीत का क्रम रोकेगा। उन्हें नई राजनीतिक जमीन तलाशनी होगी। वार्ड-4 में आप से भाजपा में शामिल होने के बाद डिप्टी मेयर की कुर्सी पर पहुंची सुमन शर्मा काबिज हैं। उनको भी अब नए वार्ड से टिकट लेने के लिए लड़ाई लड़नी होगी।

वार्ड-9 में भाजपा पार्षद बिमला दुबे हैं। 2021 में वार्ड-7 आरक्षित होने के कारण उन्होंने वार्ड-9 से चुनाव लड़ा था। अब वार्ड-9 छोड़ना पड़ सकता है। वह वापस वार्ड-7 लौट सकते हैं। वार्ड-15 में आप पार्षद रामचंद्र यादव की मुश्किल बढ़ने वाली है। उन्हें टिकट के लिए नई जगह तलाशनी पड़ सकती है।

वार्ड-29 से आप की टिकट पर पार्षद बने मुन्नवर अब कांग्रेस में जा चुके हैं। आरक्षण को देखते हुए ही नई जगह टिकट की तलाश में उनके पार्टी बदलने की बात कही जा रही है। वहीं अंतिम वार्ड-32 में भाजपा पार्षद एवं सीनियर डिप्टी मेयर जसमनप्रीत सिंह हैं। अगर वार्ड रिजर्व होता है तो उन्हें भी टिकट के लिए दूसरी जगह तलाशनी होगी।

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