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यूपी टेक्स-2026: लखनऊ में 8 और 9 सितंबर को जुटेंगे देश के प्रतिष्ठित वस्त्र व्यवसायी और निर्माता

लखनऊ उत्तर प्रदेश के हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग क्षेत्र को नई पहचान और गति देने की दिशा में योगी सरकार का प्रयास लगातार प्रभावी परिणाम दे रहा है। इसी कड़ी में यूपी टेक्स-2026 का आयोजन 8 और 9 सितंबर 2026 को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर में किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसका उद्घाटन…

यूपी टेक्स-2026: लखनऊ में 8 और 9 सितंबर को जुटेंगे देश के प्रतिष्ठित वस्त्र व्यवसायी और निर्माता

लखनऊ

उत्तर प्रदेश के हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग क्षेत्र को नई पहचान और गति देने की दिशा में योगी सरकार का प्रयास लगातार प्रभावी परिणाम दे रहा है। इसी कड़ी में यूपी टेक्स-2026 का आयोजन 8 और 9 सितंबर 2026 को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर में किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसका उद्घाटन करेंगे, जिसमें देश के प्रतिष्ठित वस्त्र व्यवसायी एवं निर्माता हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम के जरिए प्रदेश के वस्त्र उद्योग की संभावनाओं, निवेश, उत्पादन और रोजगार के अवसरों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

हथकरघा और वस्त्रोद्योग विभाग योगी सरकार में लगातार उपलब्धियों की तरफ बढ़ रहा है। वर्ष 2017-18 से अब तक वस्त्रोद्योग क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन के उद्देश्य से ‘उत्तर प्रदेश हैंडलूम, पावरलूम, सिल्क, टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2017’ तथा ‘उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2022’ लागू की गई हैं। इन नीतियों के तहत नई वस्त्र इकाइयों तथा विस्तार/विविधीकरण करने वाली इकाइयों को लाभ पहुंचाते हुए 214 इकाइयों के पक्ष में ‘लेटर ऑफ कम्फर्ट’ जारी किए गए हैं। वहीं 157 इकाइयों को कुल 416.75 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता वितरित की जा चुकी है।

4,122 बुनकरों को 73.18 करोड़ की मदद

योगी सरकार ने हथकरघा एवं पावरलूम बुनकरों को स्वरोजगार और उत्पादन से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना शुरू की। वित्तीय वर्ष 2023-24 से शुरू इस योजना के तहत अब तक 4,122 बुनकरों को 73.18 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता से लाभान्वित किया जा चुका है। योजना में नए करघों की खरीद, कार्यशाला निर्माण और प्रशिक्षण आदि के लिए सहायता का प्रावधान है।

अनुसूचित जाति के हथकरघा एवं पावरलूम बुनकरों को विशेष रूप से लाभ पहुंचाने के लिए ‘झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना’ भी संचालित है। इसके तहत अब तक 4,039 बुनकरों को 77.45 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है।

99,929 पावरलूम बुनकरों को बिजली दर में राहत

पावरलूम बुनकरों को उत्पादन लागत में राहत देने के लिए ‘अटल बिहारी पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना’ के तहत भी बड़ा कदम उठाया गया है। योजना के अंतर्गत 99,929 पावरलूम विद्युत कनेक्शनधारक बुनकरों को लाभ पहुंचाने के लिए अब तक 3,446.44 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता अनुमोदित की जा चुकी है।

टेक्सटाइल पार्कों से बढ़ेगा निवेश और रोजगार

प्रदेश में आधुनिक टेक्सटाइल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर भी सरकार का जोर है। लखनऊ-हरदोई की सीमा पर 1 हजार एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक अवस्थापना सुविधाओं से युक्त पीएम मित्र पार्क की स्थापना की जा रही है, जिसका बाउंड्री-वॉल निर्माण कार्य 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है।

इसके अलावा 3 अक्टूबर 2025 को ‘संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना’ घोषित की गई। इसके तहत वाराणसी, संत कबीर नगर, बरेली, बिजनौर और अमरोहा में टेक्सटाइल पार्कों की स्थापना के लिए भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं सीतापुर, रायबरेली, मऊ और कानपुर नगर में भी टेक्सटाइल पार्कों के लिए भूमि चिह्नित करने की कार्यवाही जारी है।

नई योजनाओं से कौशल और बुनकरों की आय बढ़ाने पर जोर

वित्तीय वर्ष 2026-27 में विभाग ने दो नई योजनाएं भी शुरू की हैं। ‘उत्तर प्रदेश वस्त्र क्षेत्र प्रशिक्षण एवं कौशल विकास योजना’ के जरिए प्रदेश में स्थापित होने वाली वस्त्र इकाइयों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित एवं कुशल श्रमिक उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं ‘मुख्यमंत्री हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना’ के माध्यम से बुनकरों को समूह में संगठित कर सामूहिक उत्पादन के जरिए उनके कारोबार को आर्थिक मजबूती देने, आय बढ़ाने और विदेशी मुद्रा अर्जित करने की दिशा में काम किया जाएगा।

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