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मौतों के बाद भी सागर में खुलेंगी शराब दुकानें! 28 लोगों की जान गई, 100+ गांवों में चलेगा नशामुक्ति अभियान

 सागर  मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने वाले लोगों की मौत का सिलसिला जारी है। मंगलवार को तीन और लोगों की मौत हुई। इनको मिलाकर मरने वालों की संख्या बढ़कर 28 हो गई है।इस बीच प्रभावित क्षेत्रों में उन सात शराब की दुकानों को फिर से खोलने का आदेश हो जारी हो…

मौतों के बाद भी सागर में खुलेंगी शराब दुकानें! 28 लोगों की जान गई, 100+ गांवों में चलेगा नशामुक्ति अभियान

 सागर
 मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने वाले लोगों की मौत का सिलसिला जारी है। मंगलवार को तीन और लोगों की मौत हुई। इनको मिलाकर मरने वालों की संख्या बढ़कर 28 हो गई है।इस बीच प्रभावित क्षेत्रों में उन सात शराब की दुकानों को फिर से खोलने का आदेश हो जारी हो गया है, जिन्हें मौतों के बाद बंद करा दिया गया था। हालांकि आदेश में कहा गया है कि जिले में केवल संदिग्ध बाम्बे व्हिस्की और सागर गोल्ड ब्रांड की देसी शराब की बिक्री प्रतिबंधित रहेगी।

मामले में पुलिस और प्रशासन ने अवैध शराब के नेटवर्क को ध्वस्त करने और दोषियों पर कार्रवाई के लिए रणनीति बनाई है। अब प्रशासन ने तीन स्तर पर कार्रवाई शुरू की है।

इसमें घर-घर सर्वे, चौपाल और कानूनी कार्रवाई शामिल है। बंडा सिविल अस्पताल में शराब सेवन से प्रभावित मरीजों के आने का सिलसिला अब थमने लगा है। हालांकि, मामले में अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने शासन-प्रशासन पर मौतों का आंकड़ा छिपाने का आरोप लगाया है।

मंगलवार को छापरी, घूरमार और रिछवार सानौधा गांव के एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। करीब 13 लोग बुंदेलखंड मेडिकल कालेज की आइसीयू में जीवन और मौत के बीच जूझ रहे हैं, जबकि डेढ़ सौ से अधिक लोग भर्ती हैं। हालांकि कुछ लोगों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई है।

इस बीच, प्रारंभिक जांच में संदिग्ध शराब किसी अधिकृत डिस्टिलरी से तैयार होकर बाजार में आने की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि डिस्टिलरी स्तर पर तैयार शराब में गड़बड़ी होती तो उसका असर संभाग के अन्य क्षेत्रों में भी दिखाई देता।

फिलहाल जांच का फोकस शराब की पैकेजिंग और उसमें मिलावट के स्तर पर है। शराब की जांच के लिए तीन टीमें गठित की हैं। पिछले दो दिनों में शराब दुकानों, आरोपितों के कब्जे, फैक्ट्री सहित अन्य स्थानों से शराब के करीब 80 नमूने लिए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि नकली शराब की बोतल का ढक्कन ढीला होने और शराब का रंग सामान्य से अलग होता है।

मृतकों के विसरा की फॉरेंसिक जांच पर जताया संदेह
जिला कांग्रेस कमेटी सागर ग्रामीण के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मोहासा ने कहा कि सरकार अभी भी जहरीली शराब से हुई मौतों के वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक नहीं कर रही है। प्रशासन द्वारा बताए जा रहे आंकड़ों और जमीनी हकीकत में अंतर दिखाई दे रहा है।

पहले मृतकों के शव परिजनों को सौंपने में देरी हुई, पोस्टमार्टम में देरी हुई और अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि मृतकों के विसरा की फॉरेंसिक जांच पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से होगी या नहीं।

कांग्रेस की मांग है कि सभी मृतकों के विसरा की जांच भोपाल की स्वतंत्र फॉरेंसिक लैब से कराई जाए, ताकि जांच की निष्पक्षता पर किसी प्रकार का सवाल न उठे।

भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार मध्यप्रदेश में-राहुल गांधी
राहुल गांधी ने सागर में जहरीली शराब से मौतों के बाद X पर लिखा- भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार वाले राज्य मध्यप्रदेश में शासन नाम की कोई चीज बची ही नहीं। दवा जहरीली। शराब जहरीली। पानी जहरीला। नए कानून बना दिए जाते हैं, लेकिन अगले हादसे तक उन्हें किसी तहखाने में डाल दिया जाता है।

उन्होंने लिखा- जहरीली शराब ने प्रदेश के सागर में अनेक लोगों की जान लेकर उन सभी घरों में मातम पहुंचा दिया है, लेकिन मध्यप्रदेश को पता है आगे क्या होगा। कुछ गिरफ्तारियां होंगी, कुछ अधिकारी सस्पेंड होंगे, जांच के आदेश होंगे, क्योंकि ये पहली बार नहीं है।

शिकायतों पर क्लीनचिट भारी पड़ी, वेयर हाउस प्रभारी को हटाया
सागर में लंबे समय से आबकारी वेयर हाउस की प्रभारी मंजूषा सोनी को मंगलवार देर शाम हटा दिया गया। उनके स्थान पर राम चित्रकार को नया प्रभारी बनाया गया है।

दरअसल, पिछले महीने एक शराब ठेकेदार ने बाम्बे व्हिस्की की नकली बोतल देकर उसके मिलावटी होने की आशंका जताई थी। 10-12 दिन उसे रखे रहने के बाद सहायक आबकारी आयुक्त ने उसे जांच के लिए वेयर हाउस भेजा।

बताया गया है कि एडीओ मंजूषा सोनी ने करीब एक घंटे में केवल बैच नंबर का मिलान कर शराब को पीने योग्य बताते हुए रिपोर्ट भेज दी।

अब इसी ब्रांड की शराब से बंडा तहसील मुख्यालय से सटे आठ गांवों में मौतों के बाद क्लीनचिट पर सवाल है। शराब ठेकेदारों का कहना है मंजूषा सोनी 20-22 साल से सागर में ही कार्यरत हैं।

राहुल गांधी ने कहा- सरकार जवाब दे
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष्य राहुल गांधी ने इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार से जवाबदेही की मांग की है। उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर की पोस्ट में लिखा है कि भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार वाले राज्य मध्य प्रदेश में शासन नाम की कोई चीज बची ही नहीं।

जहरीली शराब ने प्रदेश के सागर जिले में अनेक लोगों की जान लेकर उन सभी घरों में मातम पहुंचा दिया है। मगर पूरे मध्य प्रदेश को पता है आगे क्या होगा- कुछ गिरफ्तारियां होंगी, कुछ अधिकारी सस्पेंड होंगे, जांच के आदेश होंगे, क्योंकि यह पहली बार नहीं है। कुछ ही वक्त पहले इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हुई।

पिछले साल जहरीली कफ सीरप से छोटे बच्चों की जान चली गई। मध्य प्रदेश में दवा जहरीली। शराब जहरीली। पानी जहरीला। 20 साल से ज्यादा समय से भाजपा की सरकार है, लेकिन जवाबदेही कहां है?

उन्होंने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो, इन मौतों की पूरी सच्चाई सामने आए और सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं, जिसकी भी लापरवाही या मिलीभगत सामने आए, उसकी जवाबदेही तय हो।

शिवपुरी में महिलाओं ने शराब की दुकान पर लगाई आग
सागर जिले में जहरीली शराब पीने से मौतों के बाद शिवपुरी जिले के अमोला गांव की शराब की दुकान पर महिलाओं ने धावा बोल दिया। उन्होंने बोतलें फेंक जमकर तोड़फोड़ की और दुकान में आग लगा दी। पूरी दुकान जलकर राख हो गई। कर्मचारियों ने भागकर खुद को महिलाओं के आक्रोश से बचाया। सभी महिलाएं हाथों में लाठियां लेकर पहुंचीं थीं।

दरअसल, शराब ठेकेदारों ने जगह-जगह शराब बिक्री के ठिकाने बना दिए हैं। आमोला में ऐसी ही दुकान खोली गई है। इससे गांव में शराब पीकर रोज हंगामा होता है। नतीजतन, महिलाएं परेशान होती हैं। अमोला थाना प्रभारी योगेंद्र सेंगर का कहना है कि पुलिस टीम ने महिलाओं को शांत कराया।

शराब दुकानें सील, आरोपियों की धरपकड़ शुरू
शराब से मौतें होने का कारण सामने आते ही पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी। तत्काल सात लाइसेंसी शराब दुकानों को सील कर दिया गया। सैंपलिंग शुरू कराई गई।

वहीं, दूसरी ओर पुलिस की अलग-अलग टीमों ने गांवों में दबिश दी। अवैध रूप से शराब बेचने वाले आरोपियों की धरपकड़ शुरू की गई। उनके कब्जे से शराब जब्त की गई। इसके बाद पुलिस ने क्षेत्र में लगातार निगरानी बढ़ाई, ताकि कोई भी व्यक्ति अवैध शराब न बेच सके।

प्रशासन ने गांव-गांव में मुनादी कराकर लोगों से शराब नहीं पीने की अपील की। वहीं, शराब पीने वाले लोगों को अस्पताल में चेकअप कराने की सलाह दी गई। इसके बाद प्रशासन ने जल्द ही स्थिति पर नियंत्रण पा लिया।

इन 30 लोगों को मामले में आरोपी बनाया
मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जुझार लोधी, दिनेश सिंह, सौरभ लोधी, गोविंद लोधी, मनोहर लोधी, लाइसेंसी यशवंत ठाकुर, मनीष लोधी, आशीष साहू, आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रोहित, माखन, अनिकेत गंधर्व, विशाल लोधी, मंगल रजक, विशाल लोधी और राजा सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

वहीं, विनायका थाने में राम सिंह लोधी निवासी पाटन, ततरवारा सरपंच चंदू उर्फ चंद्रभान पिता द्वारिका प्रसाद राजपूत निवासी ततरवारा, अरविंद पिता आशाराम यादव, भगवान सिंह पिता देवी सिंह लोधी, मानसिंह प्रताप बिहार अहिरवार, लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा, रोहित पिता उत्तम शिवहरे निवासी छतरपुर, राघवेंद्र पिता सोहन सिंह निवासी ततरवारा, धर्मेंद्र पिता भुजबल राजपूत निवासी ततरवारा और सोहन पिता उमराव सिंह राजपूत निवासी ततरवारा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

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