जयपुर
राजस्थान के प्रशासनिक ढांचे और ब्यूरोक्रेसी में जल्द ही बड़ा बदलाव दिखने वाला है। दरअसल, राज्य प्रशासनिक सेवा (RAS) के 18 वरिष्ठ अधिकारियों की भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के पदों पर पदोन्नति होने जा रही है। इस पदोन्नति प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने 23 सितंबर को नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक बुलाई है। इस बैठक में राज्य से भेजे गए 54 RAS अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड, वरिष्ठता और गोपनीय रिपोर्ट पर गहन मंथन किया जाएगा। इस बैठक में शामिल होने के लिए राजस्थान के मुख्य सचिव, राज्य सरकार की ओर से नामित एक वरिष्ठ अधिकारी और कार्मिक विभाग के सचिव खुद दिल्ली पहुंचेंगे, जहां आयोग के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर अंतिम 18 नामों पर मोहर लगाई जाएगी।
राजस्थान सरकार की ओर से 54 अधिकारियों के नामों की सूची पहले ही जुलाई के महीने में UPSC को भेजी जा चुकी है। इस सूची में मुख्य रूप से वर्ष 2001 बैच और उसके बाद के वरिष्ठ आरएएस अधिकारियों के नाम शामिल हैं।
पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी होते ही राज्य में नए आईएएस अधिकारियों की कमी दूर होगी और प्रशासनिक कामकाज में तेजी आएगी। हालांकि, दूसरी तरफ गैर-प्रशासकीय सेवा (Non-RAS) से आईएएस बनने की प्रक्रिया पिछले 9 महीनों से अटकी हुई है, जिससे संबंधित विभागों के अधिकारियों में निराशा भी देखने को मिल रही है।
नियमों के मुताबिक, जितने पदों पर प्रमोशन होना होता है, उससे तीन गुना अधिकारियों के नाम का पैनल UPSC को भेजा जाता है। राजस्थान सरकार ने 18 आईएएस पदों के सापेक्ष 54 वरिष्ठ आरएएस अफसरों का पूरा डोजियर संघ लोक सेवा आयोग को सौंप दिया था।
इस पदोन्नति प्रक्रिया में साल 2001 बैच और उसके आसपास के बैच के अधिकारियों की किस्मत चमकने वाली है। लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे इन अधिकारियों का सेवा रिकॉर्ड साफ-सुथरा होने पर उन्हें आईएएस कैडर अलॉट कर दिया जाएगा। 23 की बैठक के बाद जल्द ही इसका नोटिफिकेशन जारी होने की उम्मीद है।
चयन समिति में कौन-कौन?
दिल्ली स्थित संघ लोक सेवा आयोग के मुख्यालय में आयोजित होने वाली यह चयन समिति की बैठक बेहद महत्वपूर्ण है। इस बैठक में जो अधिकारी भाग लेंगे, उनमें :
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के प्रतिनिधि या सदस्य
राज्य सरकार द्वारा मनोनीत वरिष्ठ आईएएस अधिकारी
कार्मिक विभाग (DOP) राजस्थान के सचिव
यह समिति 54 अधिकारियों के एपीआर (APR) और विजिलेंस क्लीयरेंस की जांच कर 18 योग्य अधिकारियों के नाम की सिफारिश करेगी।
9 महीने से अटका 4 IAS पदों पर प्रमोशन
एक तरफ जहां RAS से IAS बनने की राह आसान हो गई है, वहीं गैर-प्रशासकीय सेवा के अधिकारियों का इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। गैर-प्रशासकीय सेवा से आईएएस के 4 पदों पर पदोन्नति को लेकर यूपीएससी ने पिछले साल दिसंबर में ही मंथन पूरा कर लिया था।
इसके बावजूद राज्य सरकार के स्तर पर अभी तक इस पर अंतिम मंजूरी नहीं मिल पाई है। राज्य के विभिन्न विभागों (जैसे शिक्षा, वाणिज्यिक कर, सहकारिता आदि) के 20 वरिष्ठ अधिकारियों के नाम इन पदों के लिए विचाराधीन थे। सरकार के स्तर पर अंतिम फैसला न होने से 1 और पद पर होने वाली पदोन्नति की प्रक्रिया भी अधर में लटकी हुई है।
IAS अधिकारियों की कमी होगी दूर
राजस्थान में 18 नए आईएएस अधिकारियों के मिलने से राज्य सरकार को प्रशासनिक स्तर पर बड़ा संबल मिलेगा। पदोन्नत होने वाले इन अधिकारियों को राज्य के विभिन्न जिलों में कलेक्ट्रेट, संभागीय आयुक्त कार्यालयों या फिर राज्य स्तरीय विभागों में प्रबंध निदेशक और सचिव स्तर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।
प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि राजस्थान में नए जिलों के गठन और विकास योजनाओं को गति देने के लिए वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों की आवश्यकता है। ऐसे में आरएएस से आईएएस बनने वाले इन अधिकारियों का लंबा मैदानी अनुभव राज्य सरकार के लिए बेहद फायदेमंद साबित
















