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ग्रामीण स्वच्छता कर्मियों को हरियाणा सरकार का तोहफा, ज्यादा मानदेय के साथ मिलेंगी कई सुविधाएं

चंडीगढ़   हरियाणा सरकार की ओर से ग्रामीण सफाई कर्मियों के लिए कई वित्तीय और लाभकारी घोषणा की गई है। इनमें उनका मानदेय बढ़ाना, यूनिफॉर्म और धुलाई के लिए ज्यादा भत्ता देना, गांव से बाहर ड्यूटी करने पर मुआवजा देना और ड्यूटी के दौरान मौत होने पर परिवार के किसी सदस्य को नौकरी देना शामिल है।…

ग्रामीण स्वच्छता कर्मियों को हरियाणा सरकार का तोहफा, ज्यादा मानदेय के साथ मिलेंगी कई सुविधाएं

चंडीगढ़ 
 हरियाणा सरकार की ओर से ग्रामीण सफाई कर्मियों के लिए कई वित्तीय और लाभकारी घोषणा की गई है। इनमें उनका मानदेय बढ़ाना, यूनिफॉर्म और धुलाई के लिए ज्यादा भत्ता देना, गांव से बाहर ड्यूटी करने पर मुआवजा देना और ड्यूटी के दौरान मौत होने पर परिवार के किसी सदस्य को नौकरी देना शामिल है। हरियाणा के विकास और पंचायत विभाग के निदेशक की ओर से 10 सितंबर को एक आधिकारिक मेमोरेंडम जारी करके इन फायदों की जानकारी दी गई। यह मेमोरेंडम राज्य भर के डिप्टी कमिश्नरों, जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और जिला व ब्लॉक स्तर के विकास और पंचायत अधिकारियों को भेजा गया था। इस फैसले के तहत, ग्रामीण सफाई कर्मियों को जनवरी 2026 से उनके मासिक मानदेय में 2,100 रुपये की बढ़ोतरी से मिलने वाला बकाया पैसा (एरियर) मिलेगा। मानदेय 16,000 रुपये से बढ़ाकर 18,100 रुपये कर दिया गया है, और 30 जून 2026 तक की अवधि के लिए बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा।

सरकार ने अक्टूबर 2023 के लिए बकाया मानदेय जारी करने की भी मंजूरी दे दी है। यह उन सफाई कर्मियों के लिए है, जिन्हें हड़ताल के दौरान उस महीने का भुगतान नहीं मिला था। आदेश में ढांड में 48, फारुखनगर में 54, सिहमा में 25 और निजामपुर में 15 कर्मियों के नाम शामिल हैं, जिससे कुल संख्या 139 है।

जो सफाई कर्मी अपने गांव से बाहर ड्यूटी करेंगे, उन्हें 200 रुपये प्रतिदिन का भत्ता मिलेगा। यह राशि संबंधित ब्लॉक विकास और पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) कार्यालय की ओर से ऐसी तैनाती के लिए छोटे-मोटे खर्चों से दी जाएगी।

सरकार ने सालाना यूनिफॉर्म भत्ता भी 2,000 रुपये बढ़ा दिया है, जिससे यह 4,000 रुपये से बढ़कर 6,000 रुपये हो गया है। सालाना धुलाई भत्ता 500 रुपये बढ़ाकर 1,000 रुपये से 1,500 रुपये कर दिया गया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर ड्यूटी के दौरान किसी ग्रामीण सफाई कर्मी की मौत हो जाती है, तो परिवार के एक सदस्य को मानवीय आधार पर नौकरी दी जाएगी।

निजी एजेंसियों की ओर से परिवारों के शोषण को रोकने के लिए, बीडीपीओ कार्यालयों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे मृत सफाई कर्मियों के परिवारों को ईपीएफ और ईएसआई डेथ-क्लेम से जुड़े कागजी काम पूरा करें।

सरकार की ओर से यह भी निर्देश दिया गया है कि ग्रामीण सफाई कर्मियों का मासिक मानदेय हर महीने की सात तारीख तक दे दिया जाना चाहिए। देरी होने पर 2,500 रुपये का जुर्माना देना होगा।

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