जयपुर
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में अगस्त 2026 तक प्रदेश के प्रमुख राजस्व अर्जक मदों से कुल राजस्व प्राप्तियां 57 हजार 396 करोड़ रुपये रही हैं, जो गत वर्ष की समान अवधि में 51 हजार 61 करोड़ रुपये थीं। इस प्रकार राजस्व प्राप्तियों में 12.41 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्य सचिव बुधवार को शासन सचिवालय में प्रमुख राजस्व अर्जक विभागों की राजस्व प्राप्तियों एवं कार्ययोजनाओं की समीक्षा कर रहे थे।
मुख्य सचिव ने विभागों को राजस्व वृद्धि की गति बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग अपने राजस्व लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करें और जहां प्राप्तियां कम हैं, वहां कारणों की पहचान कर सुधार के लिए कार्ययोजना बनाएं। उन्होंने बकाया राजस्व की वसूली, प्रभावी प्रवर्तन, लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण और तकनीक के बेहतर उपयोग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने सभी राजस्व अर्जक विभागों को निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए नियमित समीक्षा और प्रभावी कार्ययोजना के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया। ओवरलोडिंग, ओवरस्पीडिंग और परिवहन नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव खान एवं पेट्रोलियम अपर्णा अरोड़ा ने बताया कि खान क्षेत्र से अगस्त तक 4 हजार 162 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो गत वर्ष की समान अवधि से 20.26 प्रतिशत अधिक है। पेट्रोलियम क्षेत्र से 1 हजार 107 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई।
प्रमुख शासन सचिव वित्त श्री वैभव गालरिया ने राज्य की समग्र राजस्व स्थिति और विभागवार प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने प्रमुख राजस्व अर्जक विभागों की लक्ष्य के मुकाबले राजस्व प्राप्तियों तथा गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में राजस्व वृद्धि से अवगत कराया।
प्रमुख शासन सचिव राजस्व टी. रविकांत ने बताया कि लंबित भूमि आवंटन प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के लिए संभागीय आयुक्तों और जिला कलक्टरों के स्तर पर नियमित समीक्षा की जा रही है। भू-राजस्व की बकाया वसूली तथा राजस्व एवं सिविल न्यायालयों में लंबित महत्वपूर्ण प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रमुख शासन सचिव परिवहन भवानी सिंह देथा ने बताया कि अगस्त तक परिवहन विभाग को 3 हजार 95 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि गत वर्ष की समान अवधि में यह 2 हजार 748 करोड़ रुपये था।
वाणिज्यिक कर आयुक्त आनंदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ीं और बताया कि अगस्त तक वस्तु एवं सेवा कर से 19 हजार 622 करोड़ रुपये तथा मूल्य संवर्धित कर से 11 हजार 448 करोड़ रुपये की प्राप्तियां हुई हैं। गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में इनमें क्रमशः 9.07 प्रतिशत और 14.09 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसी प्रकार पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग द्वारा अगस्त तक 6 हजार 313 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो गत वर्ष की समान अवधि के 4 हजार 956 करोड़ रुपये की तुलना में 27.38 प्रतिशत अधिक है।
बैठक में आबकारी, श्रम तथा नगरीय विकास एवं आवासन विभाग की राजस्व प्राप्तियों की भी समीक्षा की गई। इस अवसर पर संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
















