,

सरकारी कार्यालयों में 2 अक्टूबर से चलेगा विशेष अभियान 6.0, पुराने रिकॉर्ड और कबाड़ होंगे निस्तारित

अंबाला  सरकारी कार्यालयों में सफाई अभियान अब सिर्फ झाड़ू-पोंछे और चमकते कमरों तक सीमित नहीं रहेगा। धूल में दबी फाइलें, वर्षों से लंबित मामले, बेकार रिकॉर्ड, अनुपयोगी सामान, कबाड़ और ई-कचरा सबकी छंटाई होगी। कबाड़ को निस्तारित कर सरकार 4967.78 करोड़ रुपये का राजस्व जुटा चुकी है। अब इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए केंद्र…

सरकारी कार्यालयों में 2 अक्टूबर से चलेगा विशेष अभियान 6.0, पुराने रिकॉर्ड और कबाड़ होंगे निस्तारित

अंबाला
 सरकारी कार्यालयों में सफाई अभियान अब सिर्फ झाड़ू-पोंछे और चमकते कमरों तक सीमित नहीं रहेगा। धूल में दबी फाइलें, वर्षों से लंबित मामले, बेकार रिकॉर्ड, अनुपयोगी सामान, कबाड़ और ई-कचरा सबकी छंटाई होगी। कबाड़ को निस्तारित कर सरकार 4967.78 करोड़ रुपये का राजस्व जुटा चुकी है।

अब इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए केंद्र सरकार विभागों में विशेष अभियान 6.0 शुरू करेगी। 15 से 30 सितंबर तक तैयारी चरण के बाद 2 से 31 अक्टूबर तक मुख्य चरण चलेगा।

प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग की गाइडलाइन के अनुसार अभियान का फोकस सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को स्थायी व्यवस्था बनाने के साथ लंबित मामलों के निपटारे, पुराने रिकार्ड की छंटाई, ई-कचरा के विज्ञानी निस्तारण और खाली हुई जगह के बेहतर प्रयोग पर रहेगा।

हर मंत्रालय और विभाग में कम से कम संयुक्त सचिव स्तर के नोडल अधिकारी को कमान सौंपी जाएगी। रुकी फाइलों का भी हिसाब होगा।

प्रतिदिन होगी निगरानी
विशेष अभियान 6.0 में लंबित मामलों को अलग से चिह्नित कर उनके निस्तारण की रोजाना निगरानी होगी। इनमें सांसदों के संदर्भ, राज्य सरकारों के मामले, प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़े संदर्भ, अंतर-मंत्रालयीय मामले, तीन महीने से अधिक पुराने संसदीय आश्वासन तथा जन शिकायतें और अपीलें शामिल होंगी। शेष अभियानों के दौरान पुराने कबाड़ के निस्तारण से सरकार को बड़ा राजस्व मिला है।

2021 से जून 2026 तक कबाड़ की बिक्री से 4967.78 करोड़ रुपये प्राप्त होने की जानकारी दी गई है। इसी अवधि में 178.63 लाख अनुपयोगी फाइलों की छंटाई/ई-फाइलों को बंद किया गया, जबकि देश-विदेश स्थित भारतीय मिशनों समेत 24.16 लाख स्थानों को स्वच्छता अभियान के दायरे में लाया गया।

कबाड़ हटाने के साथ उसकी बिक्री से मिली राशि का ब्योरा दर्ज करना होगा। सफाई के बाद कितनी जगह खाली हुई और उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया, इसका रिकॉर्ड भी पोर्टल पर दर्ज होगा।

15 दिन तैयारी, 30 दिन कार्रवाई
15 से 30 सितंबर तक तैयारी चरण में मंत्रालयों, विभागों और अधीनस्थ कार्यालयों को अपने-अपने लक्ष्य तय करने होंगे। इसमें सफाई स्थलों, लंबित मामलों, पुरानी फाइलों, कबाड़ और ई-कचरा की पहचान की जाएगी।

इसके बाद 2 से 31 अक्टूबर तक मुख्य कार्रवाई चरण चलेगा। नोडल अधिकारी और विभागीय स्तर के अधिकारी रोजाना प्रगति की समीक्षा करेंगे। अभियान की प्रगति केंद्रीय पोर्टल पर दर्ज की जाएगी और समेकित रिपोर्ट उच्च स्तर पर भेजी जाएगी। अभियान समाप्त होने के बाद 10 नवंबर तक स्व-मूल्यांकन भी किया जाना है।

भवनों का भी बदलेगा स्वरूप
सरकारी भवनों के बाहरी हिस्सों और साझा क्षेत्रों को भी अभियान में शामिल किया गया है। सीपीडब्ल्यूडी और एनबीसीसी को उनके रखरखाव वाले भवनों के बाहरी हिस्सों में सफाई और सुधार कार्य कराने के निर्देश हैं। बाहरी दीवारों, कॉमन एरिया और भवनों के स्वरूप को बेहतर बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

अभियान के बाद स्वतंत्र जांच
विशेष अभियान 6.0 खत्म होने के बाद इसके जमीनी असर का आकलन भी किया जाएगा। 16 से 30 नवंबर के बीच स्वतंत्र थर्ड पार्टी टीम द्वारा अभियान के परिणामों का मूल्यांकन किए जाने का प्रविधान है। साथ ही नियमित समीक्षा होगी।

 

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports