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विश्वकर्मा स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेला-2026 और टूलकिट एवं ऋण वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वकर्मा जयंती पर कारीगरों और हस्तशिल्पियों के सम्मान समारोह में पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य कहा जाता था, जबकि प्रदेश के पास सबसे बड़ी आबादी, उर्वरा भूमि, भरपूर जल संसाधन और युवा जनशक्ति थी। मुख्यमंत्री ने कहा,…

विश्वकर्मा स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेला-2026 और टूलकिट एवं ऋण वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित

लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वकर्मा जयंती पर कारीगरों और हस्तशिल्पियों के सम्मान समारोह में पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य कहा जाता था, जबकि प्रदेश के पास सबसे बड़ी आबादी, उर्वरा भूमि, भरपूर जल संसाधन और युवा जनशक्ति थी। मुख्यमंत्री ने कहा, बीमारू यूपी नहीं था, बीमारू तो यूपी को संचालित करने वाले राजनेताओं की मानसिकता थी, जो हमारे हस्तशिल्प और कारीगरों का अपमान करते थे।
 
विश्वकर्मा स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेला-2026 और टूलकिट एवं ऋण वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले परंपरागत कारीगर हताशा और निराशा के साये में जीने को मजबूर थे। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन व्यवस्था के अधिकारी और गुर्गे कारीगरों से वसूली करते और उनका शोषण करते थे।
 
सैफई महोत्सव और बर्मिंघम की बग्घी पर हमला
मुख्यमंत्री योगी ने पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, जिन्हें सैफई में महोत्सव कराकर वहां मुंबई से लोगों को लाकर डांस कराने से फुर्सत न हो और बर्मिंघम की बग्घी लाकर अपना जन्मदिन मनाने से फुर्सत हो, वे कारीगरों के बारे में कब सोचते। वे स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के बारे में कब सोचते। उन्होंने कहा कि जब सरकार ने कारीगरों के लिए योजना लागू की तो वे लोग हंसते थे।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से 2018 में उत्तर प्रदेश दिवस पर वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना लागू की गई। इसके बाद 2019 में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना शुरू की गई। इसका उद्देश्य परंपरागत कारीगरों को प्रशिक्षण, आधुनिक टूलकिट और बैंक ऋण से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना था।
 
कारीगर श्रमिक नहीं, उद्यमी बने
मुख्यमंत्री योगी ने कहा, हमारा कारीगर और हमारा हस्तशिल्पी श्रमिक न बने, बल्कि उद्यमी बने। उन्होंने कहा कि कारीगर रोज काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। इसलिए प्रशिक्षण के दौरान उसकी आय प्रभावित न हो, इसकी भी व्यवस्था की गई है।
 
योजना के तहत 10 दिन का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान पांच हजार रुपये मानदेय और इसके बाद 15 हजार रुपये तक की आधुनिक टूलकिट उपलब्ध कराई जाती है। कारीगरों को बैंक से जोड़कर अपना उद्यम स्थापित करने में भी सहयोग दिया जा रहा है।
 
कारीगरों को 10 लाख तक ब्याज और गारंटी मुक्त ऋण
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम युवा उद्यमी योजना में पांच लाख रुपये तक ब्याज और गारंटी मुक्त ऋण की सुविधा है। कारीगरों के लिए इसकी सीमा 10 लाख रुपये तक की गई है। इसमें 10 से 15 प्रतिशत तक मार्जिन मनी की भी व्यवस्था है। मुख्यमंत्री ने कहा, गारंटी हमारा कारीगर नहीं देगा, ब्याज भी वह नहीं देगा, ब्याज हम देंगे, बस उसको आप लोन दीजिए।
 
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि पूंजी की कमी किसी कारीगर के उद्यमी बनने की राह में बाधा न बने।
 
अब 25 ट्रेड में प्रशिक्षण और सहयोग
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि योजना के पहले चरण में 16 ट्रेड लिए गए थे। इनमें बढ़ई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, नाई, राजमिस्त्री, सुनार, टोकरी बुनकर, हलवाई, मोची और धोबी जैसे पारंपरिक ट्रेड शामिल थे। अब मूर्तिकार, दुधिया, माला बनाने वाले माली, भड़भूजा और मछुआरा जैसे नए पारंपरिक ट्रेड भी जोड़े गए हैं।
 
युवाओं की जरूरतों को देखते हुए मोबाइल रिपेयर, ऑटोमोबाइल रिपेयर, इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिकल उपकरणों की मरम्मत, प्लंबरिंग, कंप्यूटर रिपेयर, सोलर इंस्टॉलेशन, डिजिटल फोटोग्राफी और ब्यूटी पार्लर जैसे आधुनिक ट्रेड को भी योजना में जगह दी गई है। अब कुल 25 ट्रेड में प्रशिक्षण और सहयोग दिया जाएगा।
 
बॉटम फाइव से बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में यूपी
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश देश के बॉटम फाइव राज्यों में आता था। आज देश की दो या तीन बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की चर्चा होती है तो उसमें उत्तर प्रदेश की भी गिनती होती है। उन्होंने कहा कि कारीगरों, हस्तशिल्पियों और उद्यमियों को सम्मान और सहयोग देने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 96 लाख सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम इकाइयां स्थापित कराई गई हैं और इनमें 3.25 करोड़ लोग काम कर रहे हैं। प्रदेश अब देश की अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन के रूप में आगे बढ़ रहा है।
 
ट्रेड शो में 12 से 15 हजार करोड़ के ऑर्डर की उम्मीद
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर में यूपी ट्रेड शो आयोजित होगा। इसमें प्रदेश में बने उत्पादों को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया जाएगा। ट्रेड शो में 2,500 से अधिक प्रदर्शक और 650 से अधिक विदेशी खरीदार शामिल होंगे।
 
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस आयोजन से 12 हजार से 15 हजार करोड़ रुपये तक का कारोबार और ऑर्डर मिल सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका पैसा सीधे प्रदेश के कारीगरों, हस्तशिल्पियों और उद्यमियों की जेब में जाएगा।
 
छह लाख से अधिक कारीगरों को मिला लाभ
एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और ओडीओपी के माध्यम से छह लाख से अधिक हस्तशिल्पियों और कारीगरों को लाभ मिला है। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 में नए ट्रेड जोड़कर युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
 
उन्होंने बताया कि प्लेज योजना के तहत 14 जिलों में 205.8 एकड़ से अधिक भूमि प्लेज पार्कों के लिए स्वीकृत की गई है। महिला उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए 10 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज उपादान सहायता की व्यवस्था भी की गई है।

टूलकिट बांटी, मार्जिन मनी ऋण पोर्टल शुरू
मुख्यमंत्री योगी ने कार्यक्रम में विभिन्न स्टॉल का निरीक्षण कर उत्पादों की जानकारी ली। उन्होंने भगवान विश्वकर्मा के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने उन्हें भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा भेंट की। मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर मार्जिन मनी ऋण पोर्टल का शुभारंभ भी किया।
 
मुख्यमंत्री ने अयोध्या के श्रवण कुमार को हलवाई और रामतीर्थ को कुम्हार की टूलकिट दी। बाराबंकी की रमा जायसवाल व वंदना को दर्जी, उन्नाव के रणजीत को नाई, हरदोई के बाबूराम को मोची, कानपुर के शिवसेवक को लोहार, अवधेश को सुनार, रायबरेली के शाहिद को बढ़ई, इटावा के विजयपाल को राजमिस्त्री और लखनऊ के मनीष को धोबी के कार्य के लिए वाशिंग मशीन दी।
 
प्रकाश साहू को हलवाई के लिए आठ लाख रुपये, राहुल कुमार को बढ़ई के लिए एक लाख, मुश्ताक को सैलून के लिए दो लाख और उन्नाव के रामबाबू व आनंद कुमार को बढ़ई के कार्य के लिए एक-एक लाख रुपये के ऋण के चेक दिए गए।
 
कौशल विकास के लिए एमओयू का आदान-प्रदान
कार्यक्रम में कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए विभिन्न संस्थानों के साथ एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। मीडिया एंड एंटरटेनमेंट स्किल काउंसिल के डॉ. मोहित सोनी, इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर स्किल काउंसिल ऑफ इंडिया के माधवेंद्र सिंह, एनएसडीसी के सीईओ डॉ. कृष्ण कुमार, हैंडीक्राफ्ट एंड कार्पेट स्किल काउंसिल के विकास भारद्वाज, टाटा पावर के उदय प्रताप सिंह और उत्तर प्रदेश के आयुक्त एवं निदेशक उद्योग विजयेंद्र पांडयन के साथ एमओयू का आदान-प्रदान किया गया।

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