,

पोलियो वैक्सीन बनाने वाली बिबकॉल कंपनी होगी बंद, 90 कर्मचारियों का भविष्य अधर में

बुलंदशहर 37 साल पहले बुलंदशहर में स्थापित हुई बिबकॉल कंपनी अब बंद हो जाएगी। ये कंपनी पोलियो ड्राप बनाती थी। 2022 में इसका प्रोडक्शन पूरी तरह से बंद हो चुका है। कभी भारत के पोलियो उन्मूलन अभियान की अहम ताकत रही सरकारी वैक्सीन कंपनी भारत इम्यूनोलॉजिकल्स एंड बायोलॉजिकल्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बिबकॉल) अब अपने अस्तित्व के…

पोलियो वैक्सीन बनाने वाली बिबकॉल कंपनी होगी बंद, 90 कर्मचारियों का भविष्य अधर में

बुलंदशहर
37 साल पहले बुलंदशहर में स्थापित हुई बिबकॉल कंपनी अब बंद हो जाएगी। ये कंपनी पोलियो ड्राप बनाती थी। 2022 में इसका प्रोडक्शन पूरी तरह से बंद हो चुका है। कभी भारत के पोलियो उन्मूलन अभियान की अहम ताकत रही सरकारी वैक्सीन कंपनी भारत इम्यूनोलॉजिकल्स एंड बायोलॉजिकल्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बिबकॉल) अब अपने अस्तित्व के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही है। दो साल से इस कंपनी के कर्मचारियों को सैलरी तक नहीं मिली है। अफसरों के मुताबिक दिल्ली में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में बिबकॉल को बंद करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

बिबकॉल की स्थापना 10 मार्च 1989 को भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के तहत की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य देश के राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के लिए ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी) का उत्पादन करना और वैक्सीन के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाना था। कंपनी का प्लांट उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के चोला में स्थापित किया गया था। 1990 के दशक में बिबकॉल ने ओपीवी उत्पादन की दिशा में काम शुरू किया और बाद में इसे डब्लयूएचओ-जीपीएम प्रमाणन भी मिला। 2000 के दशक की शुरुआत में कंपनी को भारत सरकार और यूनिसेफ की ओर से बड़े वैक्सीन सप्लाई ऑर्डर मिले। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, बिबकॉल ने भारत के पोलियो टीकाकरण कार्यक्रम में बड़ी मात्रा में ओपीवी की आपूर्ति की।

पोलियो उन्मूलन अभियान में रही अहम भूमिका
भारत में पोलियो उन्मूलन अभियान के दौरान बिबकॉल देश की उन सरकारी संस्थाओं में शामिल थी जिन्होंने बड़े पैमाने पर ओरल पोलियो वैक्सीन उपलब्ध कराने में योगदान दिया। वर्ष 2015 में सरकार ने भी कहा था कि बिबकॉल ने भारत के इम्यूनाइजेशन कार्यक्रम के लिए अरबों डोज की ओपीवी सप्लाई की और देश को पोलियो मुक्त बनाने के प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बुधवार को कैबिनेट की बैठक में बिबकॉल के पीएसयू पर सरकार ने अहम फैसला किया है जिसके तहत अब सरकार वैक्सीन और बायोलॉजिकल बनाने वाली इस कंपनी के पीएसयू को पूरी तरह से बंद करने वाली है।

क्यों लिया गया ये फैसला
बिबकॉल कंपनी को लगातार नुकसान हुआ, जिसकी वजह से आर्थिक तंगी के कारण कंपनी ने पिछले करीब दो साल से कर्मचारियों को लंबे समय तक वेतन नहीं दिया। जिसके कारण इस कंपनी को बंद करने का फैसला किया गया।

वर्ष 2022 में बंद हो गया था प्रोडक्शन
बिबकॉल सरकारी कंपनी है, जो वैक्सीन और बायोलॉजिकल प्रोडक्ट्स बनाती है। इसकी मुख्य मैन्युफैक्चरिंग यूनिट ने दिसंबर 2022 के आखिर में अपने मुख्य प्रोडक्ट, ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी) का उत्पादन बंद कर दिया था। इसके बाद से ही कंपनी को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। यह कंपनी बच्चों के लिए पोलियो वैक्सीन (ओपीवी), जिंक टैबलेट, डायरिया मैनेजमेट किट और अन्य दवाएं बनाने का काम करती है। भारत को पोलियो मुक्त बनाने में इस कंपनी ने ऐतिहासिक भूमिका निभाई है।

करीब 90 कर्मचारी अभी सेवारत
कंपनी की स्थापना के समय और बीच में प्रोडक्शन बढ़ाने पर स्थाई और स्थाई मिलाकर लगभग 300 अधिकारी कर्मचारी इसमें सेवारत थे। इसके बाद जब प्रोडक्शन कम हुआ तो कर्मचारियों अधिकारियों की संख्या घटती गई और इनमें से कुछ सेवानिवृत हो गए और कुछ की सेवाकाल के दौरान मृत्यु हो गई। बिबकॉल के सीनियर प्लांट सुपरिंटेंडेंट सुनील शर्मा ने बताया कि वर्तमान में लगभग 90 अधिकारी कर्मचारी सेवारत हैं। बिबकॉल बंद होने का बेहद दुख है। हम वर्ष 2022 से अपने वेतन और कंपनी को चलाने की मांग को लेकर जगह-जगह संपर्क कर रहे थे मगर विफलता ही हाथ लगी। पूर्व वाइस प्रेसीडेंट बिबकॉल सुनील शर्मा ने बताया, पोलियो वैक्सीन बनाने वाली बिबकॉल कंपनी को आज नई दिल्ली में हुई कैबिनेट की बैठक में बंद करने का निर्णय लिया गया है।

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

View All

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports

You May Have Missed