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खेतों में 4 काम एक साथ करेगा ‘किसान दोस्त’, ईंधन की जरूरत नहीं

रांची बीआइटी मेसरा की विभिन्न इकाईयों में लगातार नए नए प्रयोग होते रहते हैं। कभी राकेट्री साइंस डिपार्टमेंट तो कभी फार्मेसी और मैकेनिकल में लेकिन अबकी बार यूनिवर्सिटी पालिटेक्निक बीआइटी मेसरा के छात्रों ने किसानी को आसान बनाने की दिशा में नवाचार किया है। यहां के छात्र प्रांजल ओझा और रोनित कुमार ने मार्गदर्शक डॉ.…

खेतों में 4 काम एक साथ करेगा ‘किसान दोस्त’, ईंधन की जरूरत नहीं

रांची
बीआइटी मेसरा की विभिन्न इकाईयों में लगातार नए नए प्रयोग होते रहते हैं। कभी राकेट्री साइंस डिपार्टमेंट तो कभी फार्मेसी और मैकेनिकल में लेकिन अबकी बार यूनिवर्सिटी पालिटेक्निक बीआइटी मेसरा के छात्रों ने किसानी को आसान बनाने की दिशा में नवाचार किया है।

यहां के छात्र प्रांजल ओझा और रोनित कुमार ने मार्गदर्शक डॉ. सतीश कुमार, प्रो. पीआर महतो और प्रो. राकेश के मार्गदर्शन में 'किसान दोस्त' नामक उपकरण विकसित किया है। जो कि सौर उर्जा से संचालित होता है और इसे खेतों या वाटिका में चलाने के लिए किसी अन्य ईंधन की आवश्यकता नहीं होती है।

यह उपकरण खेत में एक साथ चार काम करेगा, पहला घास पतवार हटाएगा, दूसरा मेड़ या कियारी निर्माण करेगा, तीसरा बीज बुआई और चौथा खेत को समतल करने में मदद करेगा।

भविष्य में इसकी मांग बढ़ेगी
बता दें कि इस उपकरण को बीआइटी मेसरा के प्लैटिनम जुबली समारोह में प्रायोगिक तौर पर यूनिवर्सिटी पालिटेक्निक के परिसर में प्रदर्शित किया गया था। बेहद किफायती होने के कारण भविष्य में इसकी मांग बढ़ेगी। सौर उर्जा से संचालित इस उपकरण की मदद से घास हटाने और बीज बोने का काम बिना खर्च किया जा सकता है।

'किसान दोस्त' एक अभिनव और टिकाऊ कृषि उपकरण है, जिसे किसानों की प्रमुख समस्याओं का समाधान करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह पर्यावरण अनुकूल खेती की प्रैक्टिस को बढ़ावा देता है। यह उपकरण पूरी तरह से सौर ऊर्जा द्वारा संचालित होता है और इसमें उन्नत यांत्रिक घटकों के साथ हरित ऊर्जा समाधान जोड़े गए हैं इसलिए यह किसानों के लिए एक कुशल और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील समाधान बनता है।

जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम
डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि यह सौर ऊर्जा पर काम करता है, जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम होती है, संचालन लागत में कमी आती है और पर्यावरण संरक्षण में योगदान होता है, इसमें घास हटाने की प्रणाली विकसित की गईं हैं, इसमें सटीक नियंत्रण वाले उपकरण लगे हैं जो फसलों को बिना नुकसान पहुंचाए घास को प्रभावी रूप से हटा सकते हैं, जिससे फसलों का स्वास्थ्य और उपज बेहतर होती है।

यह उपकरण सुनिश्चित करता है कि बीजों को सही गहराई और दूरी पर समान रूप से बोया जाए ताकि पौधों की बढ़त और उपज को बढ़ावा मिले।

किसानों की चुनौतियों का होगा समाधान
यह उपकरण महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को स्वचालित करता है, जिससे मैन्युअल श्रम पर निर्भरता कम होती है, विशेषकर व्यस्त सीजन में रासायनिक खरपतवार नाशकों की आवश्यकता को समाप्त करके संचालन लागत में कमी करता है।

यह भूमि अपक्षय और रासायनिक अफवाह को कम कर टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देता है, जिससे मृदा और जल संसाधनों की सुरक्षा होती है। यह घास हटाने और बीज बोने की प्रक्रिया को तेज करता है, जिससे किसानों का कीमती समय बचता है।

यह हल्का और संचालन में आसान है, जो इसे छोटे से लेकर मध्यम आकार के खेतों के लिए उपयुक्त बनाता है। यह रासायनिक खरपतवार नाशकों की आवश्यकता को समाप्त कर और पारंपरिक कृषि मशीनों से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को कम करके पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देता है।

किसान दोस्त उन किसानों के लिए आदर्श है जो पारंपरिक कृषि समस्याओं से निपटने के लिए आधुनिक, ईंधन कुशल, पर्यावरण के प्रति संवेदनशील और लागत-कुशल समाधानों की तलाश में हैं। इस उपकरण में एक साथ खरपतवार की कटाई, जमीन की खुदाई, बीज की बुआई और जमीन को समतल करने का मैकेनिज्म शामिल है। यह हरित ऊर्जा से संचालित होती है।-  डॉ. सतीश कुमार, अस्सिटेंट प्रोफेसर सह कन्वेनर ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल, यूनिवर्सिटी पालिटेक्निक।

 

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