,

झारखंड BJP को मिले नए प्रभारी, गजेंद्र पटेल और पवन साय संभालेंगे जिम्मेदारी

रांची झारखंड में लगातार दो बार से सरकार बनाने से चूक जा रही भारतीय जनता पार्टी ने जीत के लिए अब संगठन में बदलाव किए हैं। केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से दिल्ली से रांची तक झारखंड भाजपा को नए प्रभारी मिले हैं। खास बात यह है कि प्रभारी बनाए गए नेता मध्यप्रदेश या छत्तीसगढ़ से…

झारखंड BJP को मिले नए प्रभारी, गजेंद्र पटेल और पवन साय संभालेंगे जिम्मेदारी

रांची
झारखंड में लगातार दो बार से सरकार बनाने से चूक जा रही भारतीय जनता पार्टी ने जीत के लिए अब संगठन में बदलाव किए हैं। केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से दिल्ली से रांची तक झारखंड भाजपा को नए प्रभारी मिले हैं। खास बात यह है कि प्रभारी बनाए गए नेता मध्यप्रदेश या छत्तीसगढ़ से आते हैं।

भाजपा के नए प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय अभी तक छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।पार्टी के प्रदेश प्रभारी गजेंद्र पटेल मध्यप्रदेश के खरगोन से सांसद हैं। जबकि सह प्रभारी बनाए गए सौरव सिंह छत्तीसगढ़ में खनिज विकास निगम के अध्यक्ष हैं।

राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री सौदान सिंह भी मध्यप्रदेश के ही रहने वाले हैं। सौदान सिंह इससे पहले भी झारखंड और छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रभार में रहे हैं और दोनों ही जगह भाजपा की सरकार बनाने में उनकी रणनीतिक भूमिका रही है।

2014 में झारखंड विधानसभा में भाजपा की जीत के समय सौदान सिंह ही प्रभारी थे। पिछले दिनों हुए राज्यसभा चुनाव के समय भी छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को केंद्रीय नेतृत्व ने झारखंड में प्रभारी बनाया था।

मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ से मिलती है झारखंड की सामाजिक संरचना
मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की तरह ही झारखंड में आदिवासी जनसंख्या बड़ी संख्या में है। प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह खरगोन सुरक्षित लोकसभा से आदिवासी सांसद हैं। संगठन महामंत्री पवन साय भी आदिवासी समुदाय से आते हैं। ऐसे में राज्य के आदिवासी समाज को भाजपा संगठन में अपनी शीर्ष सामाजिक भागीदारी देखने को मिलेगी।

पवन साय झारखंड से सटे जशपुर जिले के रहने वाले हैं जहां से सिमडेगा, गुमला जैसे पड़ोसी जिलों में बड़ी संख्या में रिश्तेदारी होती है।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ननिहाल सिमडेगा जिले में ही है। ऐसे में संगठन के शीर्ष दो पदों पर आदिवासी नेता को लाकर भाजपा ने एक संदेश दिया है।

गिरिडीह उपचुनाव में होगी रणनीति की परीक्षा
पूर्व मंत्री सुदिव्य कुमार के निधन के बाद राज्य के गिरिडीह विधानसभा में उपचुनाव होना है। भाजपा के संगठन में हुए नए नेताओं की इंट्री के साथ बदली हुई रणनीति के साथ पार्टी उपचुनाव में जाएगी। यहां प्रत्याशी चयन से लेकर प्रचार अभियान तक में पार्टी के पास अब अनुभवी नेताओं की टीम होगी।

 

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

View All

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports

You May Have Missed