भोपाल
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं उच्च शिक्षा में अकादमिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “स्नातक स्तरीय पाठ्यक्रम निर्माण एवं चिन्हित विषयों की संदर्भ पुस्तकों की पांडुलिपियों में भारतीय ज्ञान परंपरा एवं अकादमिक गुणवत्ता परीक्षण” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का 8 एवं 9 मई को आयोजन हुआ।
उच्च शिक्षा विभाग एवं मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में भोपाल स्थित पलाश रेसिंडेसी में दो दिवसीय महत्वपूर्ण कार्यशाला में प्रदेशभर के विषय विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, अकादमिक विद्वानों एवं नीति-निर्माताओं ने सहभागिता की। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप, उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रमों एवं संदर्भ ग्रंथ पुस्तकों की गुणवत्ता, प्रासंगिकता तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के समावेश पर व्यापक मंथन किया।
कार्यशाला के प्रथम दिवस पर आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 केवल शैक्षणिक सुधार का दस्तावेज नहीं, बल्कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था को आत्मनिर्भर, मूल्याधारित एवं ज्ञान-केंद्रित बनाने का व्यापक दृष्टिकोण है। सिपाहा ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए तैयार की जा रही पाठ्य सामग्री गुणवत्तापूर्ण, समकालीन तथा भारतीय संदर्भों से समृद्ध होना आवश्यक है।
मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी के संचालक अशोक कड़ेल ने कहा कि अकादमिक पांडुलिपियों का गुणवत्ता परीक्षण उच्च शिक्षा में उत्कृष्टता स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस पहल को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी एवं रोजगारोन्मुखी ज्ञान-संसाधनों के निर्माण की दिशा में सार्थक प्रयास बताया।
शिक्षा उत्थान न्यास समिति के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी ने भारतीय ज्ञान परंपरा के समावेश को राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मूल आधार बताते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि व्यक्तित्व, संस्कार और राष्ट्रबोध का निर्माण करना भी है। उन्होंने भारतीय चिंतन, संस्कृति एवं परंपरागत ज्ञान को पाठ्यक्रमों में समाहित करने पर बल दिया। डॉ. कोठारी ने बताया कि प्रदेश, देश का पहला राज्य है जहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं भारतीय ज्ञान परंपरा पर व्यापक कार्य हुआ है। उच्च शिक्षा विभाग की यह पहल अन्य राज्यों के लिए उदाहरण साबित होगी। महर्षि संस्कृत विश्वविद्यालय कैथल हरियाणा के पूर्व कुलपति डॉ. रमेश चंद्र भारद्वाज ने इस कार्यक्रम को वैश्विक स्तर का कार्यक्रम बताया। उन्होंने प्रदेश के विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं एवं महाविद्यालयों के प्राध्यापकों एवं लेखकों को धन्यवाद देते हुए उत्कृष्ट कार्य की प्रशंसा भी की।
कार्यशाला के प्रथम तकनीकी सत्र में स्नातक तृतीय वर्ष के 21 विषयों के लिए तैयार पाठ्यक्रमों एवं पांडुलिपियों का विशेषज्ञों द्वारा गहन परीक्षण किया गया। विषय विशेषज्ञों ने पाठ्य सामग्री की अकादमिक गुणवत्ता, भाषा, तथ्यात्मक शुद्धता, समसामयिकता एवं विद्यार्थियों की आवश्यकता के अनुरूप उपयोगिता पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। द्वितीय तकनीकी सत्र में डॉ. रविन्द्र कान्हेरे ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही विकसित भारत और विकसित मध्यप्रदेश की आधारशिला है। इसके उपरांत भारतीय ज्ञान परंपरा संदर्भ पुस्तक की पांडुलिपि का परीक्षण किया गया। कार्यशाला के द्वितीय दिवस में भारतीय ज्ञान परंपरा संदर्भ पुस्तक की पांडुलिपि का प्रस्तुतीकरण किया गया तथा 21 विषयों के लिए तैयार पाठ्यक्रमों के परीक्षण का शेष कार्य संपन्न हुआ। विभिन्न विषयों के अध्यक्षों द्वारा प्रस्तुतिकरण के माध्यम से पाठ्यक्रमों की विशेषताओं, उद्देश्यों एवं नवाचारों पर प्रकाश डाला गया।
कार्यशाला के दौरान उच्च शिक्षा विभाग की भारतीय ज्ञान परंपरा शीर्ष समिति की बैठक भी आयोजित हुई, जिसमें भारतीय ज्ञान परंपरा आधारित अध्ययन सामग्री, पाठ्यक्रम विकास एवं भावी कार्ययोजना पर गंभीर विमर्श किया गया। साथ ही शोध गतिविधियों एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विशेष बैठक भी आयोजित की गई। कार्यशाला के समापन अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप तैयार की जा रही अध्ययन सामग्री विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन, नैतिक मूल्यों, भारतीयता एवं शोध प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करेगी। यह कार्यशाला, उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, नवाचार एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के समन्वय की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी। कार्यशाला के अंतिम चरण में “विकसित भारत-मध्यप्रदेश में शिक्षा” विषयक बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, समावेशी एवं भविष्य उन्मुख बनाने के लिए विभिन्न सुझावों पर विचार किया गया। कार्यक्रम का संचालन विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी उच्च शिक्षा डॉ. मनोज कुमार सिंह ने किया। आभार प्रदर्शन के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।
अकादमिक गुणवत्ता सुधार पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित, उच्च शिक्षा विभाग और हिंदी ग्रंथ अकादमी की पहल
भोपाल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं उच्च शिक्षा में अकादमिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “स्नातक स्तरीय पाठ्यक्रम निर्माण एवं चिन्हित विषयों की संदर्भ पुस्तकों की पांडुलिपियों में भारतीय ज्ञान परंपरा एवं अकादमिक गुणवत्ता परीक्षण” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का 8 एवं 9 मई को आयोजन हुआ। उच्च शिक्षा विभाग एवं…

Previous Post
Next Post
Latest News

Stay Connected
Categories
featured top-news Uncategorized इंदौर उत्तर प्रदेश खेल ग्वालियर छत्तीसगढ़ जबलपुर देश धर्म ज्योतिष पंजाब बिलासपुर बिहार/झारखण्ड बिज़नेस भोपाल मध्य प्रदेश मनोरंजन राजनीतिक राजस्थान राज्य रायपुर लाइफस्टाइल विदेश हरियाणा
Tags
8th Pay Commission Accident Astrology BJP Chief Minister Dr. Yadav CM Sai CM yogi court featured fifa FIFA World Cup gold High Court india jobs Kanwar Yatra lpg Mahakal modi Mohan Monsoon PM Modi police Punjab Railway rain Ram Mandir Rashifal Recipe road school SIR Stock Market Supreme Court TMC top-news train Trump vastu tips vishnu Vishnu Deo Sai Voter list Weather yogi Yogi government
About the Author

GoodDoo News
Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives
Access over the years of investigative journalism and breaking reports
You May Have Missed












