,

सचिन पायलट की रिपोर्ट से बदली पंजाब कांग्रेस की रणनीति, राजा वड़िंग की जगह नए अध्यक्ष की तैयारी

चंडीगढ़  पंजाब में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी कर ली है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने गुरुवार को बताया कि ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के नए प्रभारी महासचिव सचिन पायलट द्वारा पिछले तीन हफ्तों में जुटाए गए फीडबैक…

सचिन पायलट की रिपोर्ट से बदली पंजाब कांग्रेस की रणनीति, राजा वड़िंग की जगह नए अध्यक्ष की तैयारी

चंडीगढ़ 

पंजाब में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी कर ली है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने गुरुवार को बताया कि ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के नए प्रभारी महासचिव सचिन पायलट द्वारा पिछले तीन हफ्तों में जुटाए गए फीडबैक के आधार पर कांग्रेस आलाकमान ने पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पद छोड़ने के लिए कह दिया है।

आपको बता दें कि 5 सितंबर को भूपेश बघेल की जगह पंजाब प्रभारी बने सचिन पायलट ने पंजाब के वरिष्ठ नेताओं और सांसदों के साथ बैठकें की। पंजाब से कांग्रेस के 7 लोकसभा सांसदों में से बहुसंख्यक और कई वरिष्ठ क्षेत्रीय नेताओं ने नेतृत्व परिवर्तन की मांग की थी। इसके बाद पार्टी आलाकमान ने एक ऐसे नए प्रदेश अध्यक्ष की तलाश शुरू कर दी है जो सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को संतुलित कर सके तथा पंजाब के इकलौते दलित मुख्यमंत्री रहे चरणजीत सिंह चन्नी के साथ मिलकर काम कर सके। पंजाब के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि जैसे ही पार्टी ने भूपेश बघेल को हटाकर सचिन पायलट को कमान सौंपी कि वडिंग की स्थिति कमजोर हो गई थी।

पिछले नतीजों से तय हो रही रणनीति
पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। 2022 के चुनावों में आम आदमी पार्टी (AAP) ने 117 में से 92 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया था। उस समय सत्ता में मौजूद कांग्रेस महज 18 सीटों पर सिमट गई थी, जबकि सुखबीर सिंह बादल की शिरोमणि अकाली दल को सिर्फ 3 सीटें मिली थीं। भूपेश बघेल के उलट सचिन पायलट ने संतुलन बनाए रखने के लिए चन्नी और वडिंग दोनों के साथ-साथ अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात की। सचिन पायलट ने एक इंटरव्यू में कहा था, "चन्नी के साथ मेरी सौहार्दपूर्ण मुलाकात हुई और उन्होंने मुझे आश्वासन दिया है कि वह चुनावों के लिए पार्टी के प्रयासों में अपना पूरा समर्थन देंगे।"

नेताओं से फीडबैक लेने के बाद कांग्रेस आलाकमान को सौंपी अपनी रिपोर्ट में सचिन पायलट ने प्रदेश नेतृत्व में बदलाव की सिफारिश की। उनका स्टैंड भूपेश बघेल द्वारा दी गई रिपोर्ट के बिल्कुल विपरीत था, जिसमें उन्होंने नेतृत्व परिवर्तन की संभावना को खारिज कर दिया था। पार्टी के बदलते रुख के बारे में पूछे जाने पर सचिन पायलट ने गुरुवार को कहा, "राजनीति में बदलाव के लिए कभी देर नहीं होती।"

सिंगला का नाम सबसे आगे
पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय इंदर सिंगला राजा वडिंग की जगह लेने की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं। पंजाब के एक सांसद ने कहा, "एक हिंदू चेहरा पंजाब कांग्रेस इकाई में अस्थायी शांति ला सकता है। वडिंग के हटने से चन्नी सहज महसूस करेंगे और जाट सिखों को भी इससे कोई आपत्ति नहीं होगी।" सिंगला की संभावित नियुक्ति से चुनाव से पहले गुटबाजी से जूझ रही पंजाब कांग्रेस में सुलह की उम्मीद जताई जा रही है।

यदि सिंगला को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाता है तो जाट सिख समुदाय के प्रमुख चेहरों प्रताप सिंह बाजवा और सुखजिंदर सिंह रंधावा को संगठन में अधिक जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं ताकि वे जट्ट सिख समुदाय के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत कर सकें।

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports