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न्यू चंडीगढ़ में बनेगी फिल्म सिटी, 200 से 300 एकड़ भूमि पर होगा बड़ा प्रोजेक्ट

चंडीगढ़ पंजाब के कला, संस्कृति और सिनेमा जगत के लिए एक बेहद ऐतिहासिक और उत्साहजनक खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने मनोरंजन उद्योग को एक नया आयाम देने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लुधियाना में आयोजित एक प्रतिष्ठित फिल्म महोत्सव के दौरान यह घोषणा की है…

न्यू चंडीगढ़ में बनेगी फिल्म सिटी, 200 से 300 एकड़ भूमि पर होगा बड़ा प्रोजेक्ट

चंडीगढ़
पंजाब के कला, संस्कृति और सिनेमा जगत के लिए एक बेहद ऐतिहासिक और उत्साहजनक खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने मनोरंजन उद्योग को एक नया आयाम देने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लुधियाना में आयोजित एक प्रतिष्ठित फिल्म महोत्सव के दौरान यह घोषणा की है कि जल्द ही न्यू चंडीगढ़ के पास 200 से 300 एकड़ के विशाल क्षेत्र में एक आधुनिक फिल्म सिटी का निर्माण किया जाएगा। इस बड़े प्रोजेक्ट के जरिए न केवल पंजाबी सिनेमा को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी, बल्कि देश-विदेश के फिल्म निर्माताओं को एक ही छत के नीचे शूटिंग से लेकर पोस्ट-प्रोडक्शन तक की तमाम विश्वस्तरीय सुविधाएं भी मिल सकेंगी।

न्यू चंडीगढ़ में बनेगी हाई-टेक फिल्म सिटी, कई प्रोड्यूसर्स से हो चुकी है बात
लुधियाना के सिनेपोलिस एमबीडी मॉल में आयोजित फिल्म महोत्सव के भव्य शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने संबोधन में इस महत्वकांक्षी परियोजना का खाका सबके सामने रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस फिल्म सिटी को बसाने को लेकर सरकार की कई नामी-गिरामी फिल्म प्रोड्यूसर्स और स्टूडियो के साथ गंभीर चर्चाएं हो चुकी हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य पंजाब को फिल्म निर्माण का एक बड़ा हब बनाना है, ताकि मुंबई या दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योगों की तरह पंजाब में भी फिल्मों के निर्माण के लिए तमाम आधुनिक संसाधन आसानी से उपलब्ध हो सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की आबोहवा, संस्कृति और भौगोलिक बनावट हमेशा से ही फिल्म निर्माताओं को अपनी ओर आकर्षित करती रही है। यहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य को बड़े पर्दे पर उतारने के लिए देश भर के निर्देशक उत्सुक रहते हैं। इस नई फिल्म सिटी के बन जाने से फिल्म निर्माताओं को शूटिंग के लिए दूर-दराज भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वे एक ही परिसर में अपनी फिल्मों से जुड़े सभी कार्य आसानी से पूरे कर सकेंगे।

क्यों खास है पंजाब का लोकेशन? शूटिंग के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन
भारतीय सिनेमा के इतिहास में पंजाब की भूमि का एक खास और सुनहरा स्थान रहा है। फिल्मों की शूटिंग के लिहाज से पंजाब के पास विविध प्रकार के लोकेशन्स मौजूद हैं, जिनका जिक्र मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में खास तौर पर किया:

    सरसों के खेत और हरियाली: पंजाबी संस्कृति और बॉलीवुड के रोमांटिक दृश्यों की पहचान रहे सरसों के पीले खेत और लहलहाती फसलें हमेशा से निर्देशकों की पहली पसंद रहे हैं।
    भाखड़ा बांध की झीलें
: पानी के विशाल जलस्त्रोत और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर भाखड़ा बांध की झीलें किसी भी फिल्म के दृश्यों में चार चांद लगा देती हैं।
    ऐतिहासिक और पारंपरिक घर: अबोहर, फाजिल्का और ग्रामीण इलाकों में मौजूद पुराने व पारंपरिक पंजाबी घर अपनी खास वास्तुकला के कारण पीरियड फिल्मों या ग्रामीण पृष्ठभूमि पर आधारित कहानियों के लिए एकदम उपयुक्त हैं।
    कंडी क्षेत्र की वादियां: कंडी एरिया की प्राकृतिक हरियाली और पहाड़ी नज़ारे किसी भी एक्शन या थ्रिलर फिल्म की शूटिंग के लिए बेहतरीन माहौल प्रदान करते हैं।

शूटिंग के साथ पोस्ट-प्रोडक्शन का काम भी होगा अब पंजाब में ही
अभी तक की सबसे बड़ी समस्या यह रही है कि पंजाब में फिल्मों की शूटिंग तो बड़े पैमाने पर होती है, लेकिन एडिटिंग, साउंड डिजाइनिंग, वीएफएक्स (VFX), कलर ग्रेडिंग और डबिंग जैसे पोस्ट-प्रोडक्शन के काम के लिए यूनिट्स को वापस मुंबई या अन्य महानगरों का रुख करना पड़ता था। इस नई फिल्म सिटी के निर्माण के बाद यह सारी प्रक्रियाएं पंजाब के भीतर ही पूरी हो सकेंगी।

इससे न केवल समय और लागत में भारी कमी आएगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर भी पैदा होंगे। एडिटिंग स्टूडियोज, विजुअल इफेक्ट्स हब और साउंड रिकॉर्डिंग स्टेज के बन जाने से पंजाब का स्थानीय तकनीशियन वर्ग भी मजबूत होगा।

फिल्म महोत्सव की सराहना और सिनेमा का बढ़ता दायरा
इस दौरान मुख्यमंत्री ने तीन दिवसीय फिल्म महोत्सव के आयोजन की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन आम जनता को सिनेमा की बेहतरीन कला से जोड़ने का एक अनूठा और सराहनीय प्रयास हैं। एक ही छत के नीचे हिंदी, पंजाबी, दक्षिण भारतीय (साउथ) और यहाँ तक कि अंतरराष्ट्रीय सिनेमा की बेहतरीन फिल्मों को देखने का मौका मिलना दर्शकों के लिए एक अनमोल अनुभव है।

उन्होंने कहा कि फिल्में केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि यह समाज का दर्पण होती हैं। सिनेमा के माध्यम से इंसानी जिंदगी के अनछुए पहलुओं को बहुत कुछ सीखने को मिलता है। इस तरह के आयोजनों से कला और संस्कृति के प्रति युवाओं का रुझान और अधिक बढ़ता है।

एक पुराना दिलचस्प किस्सा: जब सीएम मान ने साझा की पुरानी यादें
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने पुराने दिनों का एक मजेदार और दिलचस्प किस्सा भी साझा किया, जिसने वहां मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने याद करते हुए बताया कि जब वे एक कलाकार और कॉमेडियन के रूप में सक्रिय थे, तब वे गांवों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और खेल टूर्नामेंटों में हिस्सा लेने के लिए फीस (पैसे) लेकर जाते थे।

हंसते हुए मुख्यमंत्री ने बरनाला के एक गांव का वाकया सुनाया जब वे हाल ही में वहां बतौर सीएम गए थे। उन्होंने बताया कि वहां के बुजुर्गों और ग्रामीणों ने उनका पूरा हिसाब-किताब लगा रखा था। ग्रामीणों ने उनसे कहा कि 1998 में वे एक टूर्नामेंट में कार्यक्रम करने के एवज में दो लाख रुपये लेकर आए थे, और आज यदि उस पर ब्याज जोड़ दिया जाए तो वह रकम काफी बड़ी बनती है। इस पर चुटकी लेते हुए सीएम मान ने कहा कि अब वे कलाकार की भूमिका में नहीं हैं, बल्कि जनता द्वारा सौंपी गई एक बड़ी और पवित्र जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी के साथ निभा रहे हैं।

दिग्गजों की मौजूदगी ने बढ़ाई कार्यक्रम की गरिमा
लुधियाना के इस भव्य आयोजन में राज्यभर से कई नामचीन हस्तियों ने शिरकत की। इस दौरान पर्यावरणविद् एवं राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल, कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां, लुधियाना की मेयर इंदरजीत कौर, विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू, एडवोकेट परमवीर सिंह और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहे। आयोजकों ने बताया कि इस तीन दिवसीय सांस्कृतिक समागम में कला जगत की कई जानी-मानी हस्तियां शिरकत कर रही हैं, जिससे पंजाब के सांस्कृतिक गलियारों में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

पंजाबी सिनेमा के सुनहरे भविष्य की ओर एक बड़ा कदम
पिछले कुछ वर्षों में पंजाबी सिनेमा (पॉलीवुड) ने बॉक्स ऑफिस पर न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी एक अलग और मजबूत पहचान बनाई है। पंजाबी फिल्मों के बजट, उनकी विषयवस्तु (Content) और अभिनय के स्तर में अभूतपूर्व सुधार देखा गया है। ऐसे में न्यू चंडीगढ़ में स्थापित होने वाली यह फिल्म सिटी पंजाबी फिल्म उद्योग के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है।

सरकार की इस दूरदर्शी सोच से यह साफ जाहिर होता है कि आने वाले समय में पंजाब केवल कृषि और उद्योग के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय फिल्म जगत के सबसे चमकते हुए केंद्रों में से एक के रूप में भी अपनी पहचान स्थापित करने जा रहा है। न्यू चंडीगढ़ की यह फिल्म सिटी पंजाबी कलाकारों और निर्देशकों के सपनों को एक नया और मुकम्मल आसमान देने का काम करेगी।

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