11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि शुरू, घटस्थापना में कलश रखते समय इन गलतियों से बचें

Sharadiya Navratri:शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर से है। पहले दिन ही मां दुर्गा की पूजा के साथ-साथ घटस्थापना की परंपरा निभाई जाती है। नवरात्रि में पहले दिन ही कलश की स्थापना करते हुए अगले नौ दिन तक मां दुर्गा की पूर्जा अर्चना की जाती है। मान्यता है कि कलश में देवती-देवता वास करते हैं…

11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि शुरू, घटस्थापना में कलश रखते समय इन गलतियों से बचें

Sharadiya Navratri:शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर से है। पहले दिन ही मां दुर्गा की पूजा के साथ-साथ घटस्थापना की परंपरा निभाई जाती है। नवरात्रि में पहले दिन ही कलश की स्थापना करते हुए अगले नौ दिन तक मां दुर्गा की पूर्जा अर्चना की जाती है। मान्यता है कि कलश में देवती-देवता वास करते हैं और इसकी स्थापना में किसी भी तरह की चूक करने से बचना चाहिए। तमाम लोगों को ये कन्फ्यूजन होता है कि कलश की स्थापना कैसे करना है और कौन सा स्टेप पहले शुरू करना है।

वहीं इस बात को लेकर बहुत कन्फ्यूजन होता है कि कलश को सीधे जमीन पर रखना है या फिर इसके नीचे कोई अनाज रखना है। अगर अनाज रखना है तो फिर कौन सा अनाज रखना है? चलिए जानते हैं कि कलसश के नीचे क्या रखना चाहिए? साथ ही जानेंगे के घटस्थापना के वक्त किन गलतियों को करने से बचना है?

कलश के नीचे कौन सा अनाज रखें?
नवरात्रि की कलश स्थापना में कुछ नियमों का ध्यान रखना जरूरी है। पूजा के कलश को सीधे जमीन पर नहीं रखा जाता है। ना ही इसे सीधे तौर पर चौकी पर रखना चाहिए। इसके लिए सबसे पहले अनाजों की वेदी बनाते हैं और इसी पर कलश को रखना शुभ मानते हैं। इस दौरान सात तरह के अनाजों का इस्तेमाल करना शुभ माना जाता है। इसे सप्तधान्य भी कहा जाता है। इसमें आप चावल, गेंहू, तिल और बाजरा समेत कई चीजें मिला सकते हैं। सबसे पहले अनाज को साफ कर लें और फिर इसकी वेदी बना दें और इसी पर कलश को रखें।

नवरात्रि घटस्थापना में ना करें ये गलतियां
1. कलश पर रखे जाने वाले नारियल को गलत दिशा में कभी भी ना रखें। इसकी सही दिशा का ध्यान जरूर दें। धार्मिक मान्यता के हिसाब से जब आप पूजा करें तो नारियल की दिशा पूजा करने वाले की साइड होना चाहिए। इसे कहीं पर भी ऊपर या फिर अपने पीछे की ओर ना रखें।

2. नवरात्रि की घटस्थापना में अक्षत का इस्तेमाल होता है। ऐसे में इस दौरान कोशिश करें कि चावल टूटे हुए ना हो। कलश स्थापना के वक्त चावल का इस्तेमाल करते वक्त इस बात का ध्यान जरूर रखें। साथ ही ध्यान रखें कि पूजा में इस्तेमाल होने वाले चावल साफ हो।

3. नियम के अनुसार घटस्थापना वाले कलश को गलत जगह ना रखें। इसके लिए घर के ईशान कोण को चुनें। ज्योतिष वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा को ईशान कोण कहा जाता है। अगर यहां जगह संभव नहीं है तो पूर्व दिशा में भी कलश रख सकते हैं। बस इतना ध्यान रखें कि जहां भी पूजा हो रही है वो जगह साफ हो। बार-बार यहां पर किसी का हाथ नहीं लगना चाहिए।

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports