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हरियाणा में सड़क निर्माण में लापरवाही पर सख्ती, घटिया काम करने वाले अधिकारियों की रिपोर्ट बिगड़ेगी

 चंडीगढ हरियाणा में अब अगर किसी अधिकारी की निगरानी में बनी सड़क समय से पहले खराब होती है और जांच में लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) खराब होगी। सड़क निर्माण में लापरवाही को संबंधित अधिकारी की एसीआर से जोड़ा जाएगा। म्हारी सड़क ऐप और विभिन्न विभागों के अधीन…

हरियाणा में सड़क निर्माण में लापरवाही पर सख्ती, घटिया काम करने वाले अधिकारियों की रिपोर्ट बिगड़ेगी

 चंडीगढ
हरियाणा में अब अगर किसी अधिकारी की निगरानी में बनी सड़क समय से पहले खराब होती है और जांच में लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) खराब होगी। सड़क निर्माण में लापरवाही को संबंधित अधिकारी की एसीआर से जोड़ा जाएगा।

म्हारी सड़क ऐप और विभिन्न विभागों के अधीन सड़कों की स्थिति की समीक्षा करते हुए शनिवार को मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों की मरम्मत से जुड़ी शिकायतों का 10 दिन में समाधान सुनिश्चित किया जाए। शिकायतें लंबित न रहें। गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

सड़क निर्माण में टाइलों के बजाय आरसीसी या तारकोल का इस्तेमाल किया जाए। पंचायत विभाग, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (एचएसएएमबी) सहित सभी विभागों की सड़कें गुणवत्ता मानकों के अनुसार बनाई जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान काम में अनियमितता या घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायत के लिए संबंधित विभाग का मोबाइल नंबर सार्वजनिक किया जाए।

इससे लोग निर्माण कार्य के दौरान ही गड़बड़ी की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे। सड़क निर्माण स्थल पर ऐसे बोर्ड लगाए जाएं, जिन पर निर्माण एजेंसी का नाम, निर्माण पूरा होने की तारीख, डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (डीएलपी) यानी दोष दायित्व अवधि और संबंधित अधिकारियों के नाम व मोबाइल नंबर दर्ज हों। इससे लोगों को सड़क निर्माण और उसकी देखभाल से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल सकेगी।

बैठक में बताया गया कि लोक निर्माण विभाग हर जिले में एक माडल रोड बना रहा है। 18 फीट से अधिक चौड़ी सड़कों पर रोड मार्किंग, किनारों की लाइन और मोड़ों को बेहतर बनाया जाए। गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला जैसे शहरों में सड़कों को आकर्षक बनाने पर विशेष ध्यान है।

गुरुग्राम में 10 आइकोनिक सड़कें विकसित की जाएंगी। इन पर स्मार्ट लाइटें, स्ट्रीट फर्नीचर और हरियाली के साथ नो-स्मोकिंग जोन, दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर तथा डिस्प्ले पर जागरूकता संदेश जैसी सुविधाएं होंगी।

कॉलोनियों में जिम्मेदारी कॉलोनाइजर की
करीब 63 हजार 621 किलोमीटर सड़कों की जीआइएस मैपिंग पूरी हो चुकी है। इस व्यवस्था को एसडीओ और जेई स्तर तक जोड़ा गया है, ताकि शिकायत सीधे संबंधित क्षेत्र के अधिकारी तक पहुंचे और कार्रवाई में देरी न हो।

कॉलोनाइजरों द्वारा विकसित कॉलोनियों में सड़कों की देखभाल और मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित कॉलोनाइजर की होगी। यदि कॉलोनाइजर मरम्मत नहीं करवाता, तो विभाग अपने स्तर पर काम करवाकर खर्च उससे वसूल करेगा।

प्रमुख पुलों के आसपास बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, शिक्षा और अन्य सामाजिक विषयों से जुड़े संदेशों के साथ कीटनाशकों के अंधाधुंध इस्तेमाल के खिलाफ जागरूकता संदेश लगाए जाएंगे।

7352 किलोमीटर सड़कों के सुधार कार्य मंजूर
बैठक में प्रदेश में विभिन्न विभागों के अधीन कुल 63 हजार 621 किलोमीटर सड़क की समीक्षा की गई। वर्ष 2026-27 में 7352 किलोमीटर की 6593 सड़कों के सुधार कार्य मंजूर किए गए हैं। इनमें से 770 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है, जबकि 1347 किलोमीटर पर काम चल रहा है।

 

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