हजारों पुरानी बोतलों से बना बॉटल हाउस, 60 साल बाद भी कायम है इसकी अनोखी पहचान

कैनबरा साल 1967 में ऑस्ट्रेलिया के दूर-दराज इलाके में हजारों बेकार कांच की बोतलों से घर बनाया गया था। छह दशक बाद यह इमारत न्यू साउथ वेल्स के लाइटनिंग रिज इलाके में मौजूद है। आज यह पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है और यहां ओपल-माइनिंग से जुड़ी चीज़ें, पुरानी बोतलें और दूसरी ऐतिहासिक वस्तुएं रखी…

हजारों पुरानी बोतलों से बना बॉटल हाउस, 60 साल बाद भी कायम है इसकी अनोखी पहचान

कैनबरा
साल 1967 में ऑस्ट्रेलिया के दूर-दराज इलाके में हजारों बेकार कांच की बोतलों से घर बनाया गया था। छह दशक बाद यह इमारत न्यू साउथ वेल्स के लाइटनिंग रिज इलाके में मौजूद है। आज यह पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है और यहां ओपल-माइनिंग से जुड़ी चीज़ें, पुरानी बोतलें और दूसरी ऐतिहासिक वस्तुएं रखी गई हैं। बॉटल हाउस के नाम से जानी जाने वाली इस इमारत को टेक्स मोकेल ने बनाया था।

इस इमारत की दीवारें कांच की बोतलों को जोड़कर बनाई गई हैं, जबकि इसकी ढलान वाली छत नालीदार लोहे की चादर की है। इमारत के अंदर कई छोटे कमरे और एक मचान है। 1967 में बना बॉटल हाउस शहर की खास पहचान वाली जगहों में से एक है। इसे बॉटल हाउस एंड माइनिंग म्यूजियम के तौर पर लिस्ट किया गया है और पुराने माइनिंग कैंप में अनोखी वास्तुकला का उदाहरण बताया गया है।

बेकार बोतलें कैसे बनीं निर्माण सामग्री
इस इमारत की दीवारें इसकी सबसे खास विशेषता हैं। कांच की बोतलों की कतारों से इसका ढांचा बना है, जिससे यह ईंट, लकड़ी या कंक्रीट से बने आम घरों से बिल्कुल अलग दिखता है। बॉटल हाउस को क्वींसलैंड बॉर्डर के पास बसे छोटे से शहर हेबेल से इकट्ठा की गई बोतलों से बनाया गया था। न्यू साउथ वेल्स सरकार की आधिकारिक पर्यटन जानकारी के अनुसार, शुरुआत में बोतलों को जोड़ने के लिए सीमेंट का इस्तेमाल किया गया था।

मोकेल को बाद में पता चला कि स्थानीय मिट्टी ज़्यादा सही थी क्योंकि इससे टूटी हुई बोतल को बदलना आसान हो जाता था। इमारत की दीवारें इसकी सबसे खास विशेषता हैं। कांच की बोतलों की कतारों से इसका ढांचा बना है, जिससे यह ईंट, लकड़ी या कंक्रीट से बने आम घरों से बिल्कुल अलग दिखता है। कांच से होकर आने वाली रोशनी एक और खास नजारा बनाती है।

कितनी बोलतों का हुआ इस्तेमाल
उपलब्ध ऐतिहासिक रिकॉर्ड में निर्माण में इस्तेमाल की गई बोतलों की सही संख्या नहीं बताई गई है। हालांकि इमारत की दीवारें तकरीबन पूरी तरह से बोतलों से बनी हैं, जिससे बेकार कांच इसके डिजाइन का मुख्य हिस्सा बन गया है। आज इस इमारत में एक छोटा सा म्यूजियम है, जिसमें ओपल माइनिंग और खनिजों से जुड़ी चीजें रखी गई हैं।

बॉटल हाउस असल में खनिकों के एक कैंप से जुड़ा था, जो लाइटनिंग रिज के ओपल-माइनिंग बस्ती वाले इतिहास को दिखाता है। उत्तरी न्यू साउथ वेल्स का यह शहर अपने काले ओपल के लिए मशहूर है और यहां माइनिंग और छोटी बस्तियों का लंबा इतिहास रहा है। 1970 के दशक में कुछ समय के लिए डेव मार्टिन ने बॉटल हाउस चलाया था।

बॉटल हाउस कहां है
बॉटल हाउस और माइनिंग म्यूजियम, लाइटनिंग रिज, न्यू साउथ वेल्स (पोस्टकोड 2834) में ओपल स्ट्रीट पर स्थित है। न्यू साउथ वेल्स सरकार की वेबसाइट के अनुसार, यहां एंट्री फीस 2 से 10 ऑस्ट्रेलियन डॉलर के बीच है। यह जगह इलाके की माइनिंग विरासत और निर्माण के अनोखे तरीके, दोनों की झलक दिखाती है।

1967 में टेक्स मोकेल का बनाया गया बॉटल हाउस उस समय की याद दिलाता है, जब बेकार पड़ी चीजों का इस्तेमाल करके स्थानीय इमारत बनाई जाती थी। खनिकों के कैंप के हिस्से के तौर पर शुरुआती दिनों की तुलना में अब इसका मकसद अलग है। पर्यटकों के लिए लाइटनिंग रिज के इतिहास की चीजों को सहेजकर रखना है।

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