'जब अखिलेश CM थे तब 2014 में 73 और 2017 में 330 सीटें कैसे जीता NDA?',दयाशंकर सिंह ने सपा को घेरा
'अपनी हार छिपाने के लिए चुनाव आयोग पर ठीकरा फोड़ रहे अखिलेश'… दयाशंकर सिंह का हमला
लखनऊ
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के चुनाव आयोग पर फर्जी वोट बनवाने और भाजपा पर फर्जी वोट डालने के आरोपों पर योगी सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ही हार का बहाना तैयार करने में जुट गए हैं। इसलिए वो चुनाव आयोग पर भ्रामक आरोप लगा रहे हैं। दयाशंकर सिंह ने 2014 के लोकसभा और 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत का हवाला देते हुए सवाल किया कि उस समय अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे, तब क्या उन्होंने खुद वोट चोरी करवाकर भाजपा को जिताया था?
'2027 में हारेंगे, इसलिए अभी से बना रहे बहाना'
मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव चुनाव आयोग पर आरोप लगाकर अपनी हार छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख को पहले से ही 2027 के चुनाव में हार का डर सता रहा है, इसलिए वह अभी से ऐसी भूमिका तैयार कर रहे हैं कि चुनाव परिणाम उनके खिलाफ आए तो उसे वोट चोरी का नाम दिया जा सके।
दयाशंकर सिंह ने कहा कि चुनाव हारने की खीझ में इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, अखिलेश यादव अपनी हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़कर पहले से ही जनता और मीडिया के सामने सफाई तैयार करना चाहते हैं।
'अखिलेश मुख्यमंत्री थे, तब भाजपा कैसे जीती?'
दयाशंकर सिंह ने अखिलेश यादव के आरोपों पर सवाल उठाते हुए 2014 और 2017 के चुनावों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव के समय अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए ने प्रदेश की 80 में से 73 सीटें जीती थीं।
उन्होंने सवाल किया कि अगर चुनाव में वोट चोरी हो रही थी, तो उस समय भाजपा को इतनी बड़ी जीत कैसे मिली? दयाशंकर सिंह ने 2017 के विधानसभा चुनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय भी अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे और भाजपा गठबंधन को 330 सीटें मिली थीं। मंत्री ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या उस समय भी अखिलेश यादव ने वोट चोरी करवाकर भाजपा को जिताया था?
कांग्रेस पर भी साधा निशाना, इमरजेंसी का किया जिक्र
दयाशंकर सिंह ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाने के मुद्दे पर कांग्रेस को भी घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र को सबसे ज्यादा कांग्रेस ने बदनाम किया है। इमरजेंसी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश में आपातकाल कांग्रेस ने लगाया था और उसके शासनकाल में संवैधानिक संस्थाओं के कामकाज पर राजनीतिक प्रभाव रहता था।
दयाशंकर सिंह ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में सभी संस्थाएं स्वतंत्र रूप से अपना काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अपना काम कर रहा है, लेकिन विपक्षी दलों को यह रास नहीं आ रहा है। मंत्री के मुताबिक, अखिलेश यादव और कांग्रेस चुनाव आयोग पर सवाल उठाकर अपनी राजनीतिक परेशानी जाहिर कर रहे हैं।
















