स्टारलिंक विवाद पर रिलायंस का पलटवार, एलॉन मस्क के आरोपों पर दिया जवाब

मुंबई      अमेरिकी उद्योगपति एलॉन मस्क की कंपनी स्टारलिंक (Starlink) को भारत में मंजूरी मिलने को लेकर चल रही बहस के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपना पक्ष रखा है. कंपनी ने कहा है कि वह भारत में सैटेलाइट इंटरनेट के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा का स्वागत करती है. इसमें स्टारलिंक भी शामिल है. हालांकि, रिलायंस…

स्टारलिंक विवाद पर रिलायंस का पलटवार, एलॉन मस्क के आरोपों पर दिया जवाब

मुंबई 
   
अमेरिकी उद्योगपति एलॉन मस्क की कंपनी स्टारलिंक (Starlink) को भारत में मंजूरी मिलने को लेकर चल रही बहस के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपना पक्ष रखा है. कंपनी ने कहा है कि वह भारत में सैटेलाइट इंटरनेट के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा का स्वागत करती है. इसमें स्टारलिंक भी शामिल है. हालांकि, रिलायंस ने यह भी स्पष्ट किया कि इस क्षेत्र में काम करने वाली हर कंपनी को भारत के कानूनों और मौजूदा नियमों का पालन करना होगा। 

रिलायंस का यह बयान स्पेसएक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एलॉन मस्क की उन टिप्पणियों के बाद आया है, जिनमें उन्होंने आरोप लगाया था कि भारत में कुछ कारोबारी हित स्टारलिंक की सेवाओं की शुरुआत में बाधा डाल रहे हैं. मस्क ने अंबानी और भारतीय टेलीकम्युनिकेशन इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा को लेकर भी सवाल उठाए थे. रिलायंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा, 'हमने कभी प्रतिस्पर्धा से डर महसूस नहीं किया. हम इसे इस बात की सबसे बड़ी कसौटी मानते हैं कि ग्राहकों को सबसे अच्छी सेवा कौन देता है। 

रिलायंस ने अपने टेलीकम्युनिकेशन बिजनेस 'जियो प्लेटफॉर्म्स' का उदाहरण देते हुए कहा कि कंपनी ने साल 2016 में भारत के टेलीकम्युनिकेशन मार्केट में कदम रखा था. उस समय उसके पास एक भी ग्राहक नहीं था. रिलायंस के मुताबिक, 10 साल में जियो के ग्राहकों की संख्या 53 करोड़ से अधिक हो गई है. कंपनी ने दावा किया कि जियो ने भारतीय नागरिकों को बेहतर डिजिटल सुविधाएं और दुनिया में सबसे सस्ते मोबाइल डेटा तक पहुंच उपलब्ध कराने में योगदान दिया है। 

जियो को भी मंजूरी का है इंतजार
रिलायंस ने कहा कि वह स्टारलिंक समेत सैटेलाइट बेस्ड कम्युनिकेशन के क्षेत्र में आने वाली सभी कंपनियों का स्वागत करती है. लेकिन जियो समेत हर कंपनी को भारत के लोगों के हित में काम करना होगा और देश के कानूनों तथा नीतियों का पालन करना होगा. कंपनी ने अपने बयान में यह भी कहा कि भारत में निवेश और नए प्रयोगों का स्वागत होता है, चाहे वे देशी कंपनियों की ओर से हों या विदेशी कंपनियों की ओर से. लेकिन यह व्यवस्था कानून के दायरे में ही चलती है। 

कंपनी के मुताबिक, भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि सैटेलाइट बेस्ड कम्युनिकेशन सर्विसेज के लिए आवेदन करने वाली हर कंपनी पर समान प्रक्रिया लागू होती है. रिलायंस ने बताया कि उसकी अपनी सैटेलाइट सेवा जियो को भी जरूरी मंजूरियों का इंतजार है. यह बयान ऐसे समय आया है, जब स्टारलिंक भारत में अपनी व्यावसायिक सेवाएं शुरू करने की तैयारी कर रही है. सैटेलाइट इंटरनेट के क्षेत्र में स्टारलिंक की एंट्री से मौजूदा कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद है. सरकार ने भी कहा है कि सैटेलाइट संचार में एकाधिकार की गुंजाइश नहीं है। 

एलॉन मस्क ने क्या आरोप लगाए?
मस्क ने भारत के दूरसंचार क्षेत्र में एकाधिकार जैसी स्थिति का आरोप लगाया था और स्टारलिंक को जरूरी मंजूरियां मिलने में देरी पर सवाल उठाए थे. उन्होंने एक X पोस्ट में अंबानी को प्रधानमंत्री संबोधित करते हुए तंज कसा था कि उन्हें स्टारलिंक को भारत में अपने कंपनी के साथ प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति देने पर विचार करना चाहिए. उन्होंने एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में यहां तक सवाल उठा दिया था कि क्या अंबानी ही भारत के असली बॉस हैं. मस्क के इस सोशल मीडिया पोस्ट पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी थी और उनसे सहमति जताई थी. इस पर काफी विवाद हुआ था। 

एकाधिकार की गुंजाइश नहीं: सरकार
इस विवाद के बीच सरकार ने मस्क के आरोपों को खारिज कर दिया था. केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा था कि सैटेलाइट कम्युनिकेशन के क्षेत्र में किसी एक कंपनी का एकाधिकार होने देने का सवाल ही नहीं है. उन्होंने बताया कि तीन कंपनियां व्यावसायिक सेवाओं के लिए अंतिम मंजूरी मिलने की प्रक्रिया में हैं. सिंधिया के मुताबिक, भारत में सैटेलाइट संचार सेवाओं की कीमत तय करने के ढांचे पर भी जल्द अंतिम फैसला होने की उम्मीद है। 

उन्होंने यह स्पष्ट किया कि स्टारलिंक समेत सभी लाइसेंस प्राप्त कंपनियों को व्यावसायिक सेवाएं शुरू करने से पहले सुरक्षा संबंधी जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी. कुछ दिन पहले भारत की एक और बड़ी टेलीकम्युनिकेशन कंपनी भारती एयरटेल के फाउंडर सुनील भारती मित्तल ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था कि उनकी कंपनी यूटेलसैट वनवेब (Eutelsat OneWeb) ने भारत में सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट और कम्युनिकेशन सेवाएं शुरू करने के लिए 5 साल पहले आवेदन किया था. सुनील मित्तल ने कहा, 'तीन साल से हमारा ग्राउंड नेटवर्क तैयार है. हम सभी मंजूरियों का इंतजार कर रहे हैं और मुझे लगता है कि मैं कतार में एलॉन मस्क से काफी आगे हूं. अगर मेरी कंपनी को स्टारलिंक से कुछ दिन पहले मंजूरी मिल जाती है, तो मुझे खुशी होगी। 

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