लखनऊ
उत्तर प्रदेश की सियासत में साल 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर अभी से जोड़-तोड़ और सियासी बयानबाजी का दौर तेज हो गया है. चुनाव से ठीक पहले सूबे की हवा किस तरफ बह रही है और जनता के मन में क्या चल रहा है, इसे जानने के लिए न्यूज18 ने मेगा सर्वे किया है. इस मेगा सर्वे के आंकड़े राजनीतिक दलों की धड़कनें बढ़ाने वाले हैं. सर्वे में जनता से सीधा सवाल किया गया कि उत्तर प्रदेश में अगली सरकार किसकी बनेगी, जिसके नतीजों ने तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है।
जनता के बीच जाकर किए गए इस सबसे बड़े ओपिनियन पोल में जब यह पूछा गया कि आगामी चुनाव में किसकी सरकार बनेगी, तो मतदाताओं ने खुलकर अपनी राय रखी. सर्वे के आंकड़े इस प्रकार हैं:
बीजेपी गठबंधन: राज्य के 67 प्रतिशत लोगों ने भरोसा जताया है कि उत्तर प्रदेश में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) गठबंधन की सरकार पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी।
सपा-कांग्रेस गठबंधन: मुख्य विपक्षी दल के रूप में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन को 26 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिलता नजर आ रहा है.
बहुजन समाज पार्टी (BSP): मायावती के नेतृत्व वाली बसपा को इस सर्वे में 5 प्रतिशत लोगों का साथ मिला है।
अन्य और कह नहीं सकते: अन्य दलों के खाते में 1 प्रतिशत और कोई भी स्पष्ट राय न रखने वाले ‘कह नहीं सकते’ वर्ग में भी 1 प्रतिशत लोग शामिल रहे।
युवाओं की भागीदारी सबसे ज्यादा
सर्वे में उम्र के हिसाब से 26 से 35 साल के लोगों की हिस्सेदारी सबसे अधिक 36% रही. 36 से 45 वर्ष के आयु वर्ग के 29% और 18 से 25 साल के 17% लोगों से बातचीत की गई. 46 से 55 वर्ष के लोगों की हिस्सेदारी 11%, 56 से 65 वर्ष की 5% और 66 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों की हिस्सेदारी 1% बताई गई. लिंग के आधार पर सर्वे में 76% पुरुष और 24% महिलाएं शामिल थीं. इस अनुपात को ध्यान में रखना जरूरी है, क्योंकि सर्वे में दोनों समूहों की भागीदारी बराबर नहीं थी।
क्यों विश्वसनीय है यह सर्वे?
इस मेगा सर्वे के दायरे और इसकी पारदर्शिता का अंदाजा इसके सैंपल साइज से लगाया जा सकता है. यह सर्वे उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में किया गया।
भागीदारी: सर्वे टीमों ने घर-घर जाकर कुल 30,925 लोगों से आमने-सामने बात की, जिसमें गांव और शहर दोनों के 18 वर्ष से अधिक आयु के लोग शामिल रहे।
डेमोग्राफिक्स: इसमें 18 से 66+ वर्ष तक के आयु वर्ग, 76% पुरुष और 24% महिलाओं के साथ-साथ व्यापारी, किसान, छात्र, कामगार, बेरोजगार और नौकरीपेशा हर वर्ग की राय ली गई।
सामाजिक समीकरण: सर्वे में विभिन्न जातियों (OBC 45.8%, सामान्य 35.8%, SC 14.7%, ST 2.4%) और प्रमुख धर्मों के मतदाताओं को शामिल कर पूरी तरह संतुलित ओपिनियन पोल तैयार किया गया।
















