फ्रांस में दंगों पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति की टिप्पणी, वेस्टर्न लिबरल्स की नीतियों पर उठाए सवाल

वाशिंगटन अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार को फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों के लिए वेस्टर्न लिबरल्स की इमिग्रेशन और डाइवर्सिटी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने देश से इस पागलपन को रोकने की अपील की, क्योंकि बड़े पैमाने पर अशांति के बीच लूटपाट करने वालों ने लग्जरी स्टोर और सार्वजनिक इमारतों को निशाना बनाया. सोशल…

फ्रांस में दंगों पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति की टिप्पणी, वेस्टर्न लिबरल्स की नीतियों पर उठाए सवाल

वाशिंगटन
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार को फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों के लिए वेस्टर्न लिबरल्स की इमिग्रेशन और डाइवर्सिटी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने देश से इस पागलपन को रोकने की अपील की, क्योंकि बड़े पैमाने पर अशांति के बीच लूटपाट करने वालों ने लग्जरी स्टोर और सार्वजनिक इमारतों को निशाना बनाया.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स एक पोस्ट में, वेंस ने वेस्टर्न सरकारों पर आरोप लगाया कि डाइवर्सिटी और करुणा के नाम पर नीतियां बनाते समय उन्होंने एसिमिलेशन और कंपैटिबिलिटी के सवालों को नजरअंदाज किया.

वेंस ने लिखा, 'वेस्टर्न लिबरल्स ने डाइवर्सिटी और करुणा के नाम पर फ्रांस और अन्य देशों में 'तीसरी दुनिया' (थर्ड वर्ल्ड) को आयात किया. उन्होंने एसिमिलेशन और कंपैटिबिलिटी के बुनियादी सवालों को नजरअंदाज किया. उन्हें बताया गया था कि इसका नतीजा यही होगा, लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी.'

उन्होंने फ्रांस से हिंसा पर काबू पाने का आग्रह किया और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आग से और अधिक लैंडमार्क को नुकसान पहुंचने से पहले देश कार्रवाई करेगा.

उन्होंने कहा, 'मैं प्रार्थना करता हूं कि फ्रांस, जो अद्भुत लोगों का एक सुंदर देश है, अपनी और अधिक अहम लैंडमार्क के जलने से पहले इस पागलपन को रोक देगा.'

आग की लपटों में घिरे सिटी हॉल का फुटेज शेयर करते हुए, वेंस ने फ्रांस की अशांति को अमेरिकी राजनीति से जोड़ा और अमेरिकियों को चेतावनी दी कि कांग्रेसनल डेमोक्रेट्स अमेरिका के लिए भी ऐसा ही भविष्य चाहते हैं.

उन्होंने लिखा, 'मुझे उम्मीद है कि अमेरिकी इस पर ध्यान दे रहे हैं. कांग्रेसनल डेमोक्रेट्स आपके देश के लिए यही भविष्य चाहते हैं.'

बता दें, फ्रांस में बढ़ती महंगाई को लेकर लोगों का गुस्सा सड़कों पर दिख रहा है. पेरिस में प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी. कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव देखने को मिला है.

वहीं, लियोन में देशव्यापी प्रदर्शन के दौरान टूरिस्ट ऑफिस की बिल्डिंग और गाड़ी में आग लगा दी गई. यह आंदोलन केवल बढ़ती कीमतों तक सीमित नहीं है. इसमें असमानता, सरकारी खर्च में कमी और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी नाराजगी भी शामिल है.

रॉयटर्स के अनुसार, फ्रांस के अलग-अलग शहरों में शनिवार को प्रदर्शन शुरू हुए. देशभर में सैकड़ों जगह प्रोटेस्ट का प्लान बनाया गया था, जिनमें हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद थी. प्रदर्शनकारियों ने चमकीले रंग की जैकेट पहनकर सड़कों पर मार्च किया और कई जगह रास्ते रोक दिए. पेरिस में पुलिस की भारी तैनाती की गई. हालात को देखते हुए कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई.

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports