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मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान सरकार की प्राथमिकता, सभी दिखें फील्ड पर

जन विश्वास अभियान के दौरान सभी अधिकारी फील्ड में रहकर जन समस्याओं का करें निराकरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान जन समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए प्रारंभ किया गया अभियान है। सरकार की प्राथमिकता वाले इस अभियान में सभी अधिकारियों को फील्ड में…

मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान सरकार की प्राथमिकता, सभी दिखें फील्ड पर

जन विश्वास अभियान के दौरान सभी अधिकारी फील्ड में रहकर जन समस्याओं का करें निराकरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान जन समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए प्रारंभ किया गया अभियान है। सरकार की प्राथमिकता वाले इस अभियान में सभी अधिकारियों को फील्ड में जाना ही है। सभी अधिकारी इस दिन फील्ड में रहकर अधिकतम जनसमस्याओं को मौके पर ही निराकृत करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब वे बिना कोई सूचना दिए आकस्मिक रूप से किसी भी जिले में उतरकर वहां जन विश्वास अभियान में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन जिलों में जनसमस्याओं की लंबित स्थिति बनी हुई है, वे कलेक्टर्स विशेष प्रयास कर लंबित प्रकरणों को न्यूनतम स्थिति में लेकर आएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से कलेक्टर्स-कमिश्नर्स, एसपी-आईजी की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन विश्वास अभियान अंतर्गत सीएम हेल्प लाईन में सर्वाधिक लंबित शिकायतों वाले विभागों क्रमश: राजस्व विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, पीएचई के वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल विभागीय स्थिति सुधारने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में ऐसा देखा जा रहा है कि कुछ कलेक्टर इसमें पूरी गंभीरता से कार्य नहीं कर रहे हैं। यह बेहद आपत्तिजनक है। कलेक्टर्स मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में अपने प्रदर्शन में तत्काल सुधार लाएं। फील्ड में जाकर जनसमस्याओं का निराकरण करें।

स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन योजना में अब तक 1.60 लाख रजिस्ट्रियां हुईं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को स्वामित्व से सम्मान, नि:शुल्क रजिस्ट्री के महा अभियान की भी समीक्षा की। बताया गया कि इस योजना के अंतर्गत 21 अक्टूबर 2026 की स्थिति में कुल 49 लाख 48 हजार 980 प्लाट्स की नि:शुल्क रजिस्ट्री के लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 1 लाख 60 हजार 230 नि:शुल्क रजिस्ट्रियां की जा चुकी है।

बेहतर कार्य करने वालों को दी बधाई
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रजिस्ट्रेशन के अनुसार शीर्ष 3 उप-पंजीयकों क्रमश: श्री राजेश तिवारी (तहसीलदार रीवा), श्री संजय मसराम (तहसीलदार छिन्दवाड़ा) एवं श्री रणजीत कुशवाह (तहसीलदार शिवपुरी) को बधाई दी। रजिस्ट्रेशन के अनुसार शीर्ष 3 पटवारियों क्रमश: श्री जीतेंद्र शुक्ला (केवलारी सिवनी), श्री वीरेंद्र सिंह नरवरिया (मुंगावली, अशोकनगर) और श्री रूप सिंह यादव (डबरा, ग्वालियर) की प्रशंसा की।

बेहतर कार्य नहीं करने वालों के विरूद्ध जताई नाराजगी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शून्य प्रगति वाले हल्कों की जानकारी मिलने पर रीवा, शहडोल एवं धार जिला कलेक्टर को तत्काल प्रगति लाने के सख्त निर्देश दिए। मुख्य सचिव श्री बर्णवाल ने स्वामित्व योजना में न्यूनतम प्रगति वाले 10 जिलों के कलेक्टर्स पर सख्त नाराजगी व्यक्त कर फौरन सुधार लाने को कहा। उन्होंने कहा कि जिन पटवारी हलकों में काम शुरू नहीं हुआ है, वहां तत्काल काम प्रारंभ कराएं।

अल्प वर्षा की स्थिति से निपटने के लिए बनाएं विशेष कार्य योजना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के 12 जिलों में अल्प वर्षा की जानकारी मिली है। संबंधित कलेक्टर्स यहां खेती-किसानी, पेयजल, सिंचाई एवं अन्य प्रबंधन के लिए तत्काल विशेष कार्य योजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि इन जिलों के जिन क्षेत्रों में न्यूनतम वर्षा हुई वहां विशेष ध्यान दें। बताया गया कि मध्यप्रदेश में सामान्य वर्षा 949 मिलीमीटर है, जबकि इस साल वास्तविक वर्षा 908.4 मिलीमीटर हुई है। इसमें 4 प्रतिशत का अंतर है। प्रदेश के 34 जिलों में इस वर्ष सामान्य वर्षा हुई है। प्रदेश के 12 जिलों क्रमश: आलीराजपुर, धार, झाबुआ, रतलाम, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, इंदौर, उज्जैन, पांढुर्णा, शाजापुर, छिंदवाड़ा में सामान्य वर्षा से 19 प्रतिशत से कम वर्षा हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन जिलों के कलेक्टर्स से चर्चा कर सभी को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए।

मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए करें विशेष उपाय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मौसम परिवर्तन के कारण नागरिकों को होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिये विशेष उपाय करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह नागरिक स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है, सभी सावधानी बरतें। बताया गया कि मौसमी बीमारियों के लिए प्रदेश के सभी जिला चिकित्सालयों और शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में विगत 15 अक्टूबर से चेस्ट क्लीनिक प्रारंभ किए गए हैं। मौसमी रोगों की पहचान एवं उपचार की भी विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। बताया गया कि मौसम के परिवर्तन के साथ नागरिकों को खांसी, जुकाम, गले और सीने में दर्द की शिकायतें होती हैं। चेस्ट क्लीनिक में ऐसे ही मौसमी रोंगों की जांच कर यह देखा जाएगा कि कहीं यह गंभीर रोग तो नहीं है।

नगरीय निकायों के कामों को भी पूरा कराएं
बैठक में वर्षा के बाद निर्माण कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाने के संबंध में भी चर्चा हुई। प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग ने बताया कि सड़कों की मरम्मत एवं अन्य निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इनमें नगरीय निकायों के अपूर्ण कामों को भी शामिल कर ‍लिया जाए और इन्हें तेजी से पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों की आवश्यक मरम्मत का काम दीपावली से पहले पूरा करा लें।

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