RBI Action: पुडुचेरी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक पर सख्ती, क्या आपके खाते पर भी पड़ेगा असर?

नई दिल्ली  भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को पुडुचेरी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक पर कई तरह की पाबंदिया लगाई हैं। इस बैंक के ग्राहक अब अपने खाते से 5000 रुपये से ज्यादा की रकम नहीं निकाल सकेगा। बैंक की बिगड़ती वित्तीय स्थिति को देखते हुए RBI ने पाबंदियां लगाई हैं। पुडुचेरी को-ऑपरेटिव बैंक पर पाबंदियां 6…

RBI Action: पुडुचेरी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक पर सख्ती, क्या आपके खाते पर भी पड़ेगा असर?

नई दिल्ली
 भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को पुडुचेरी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक पर कई तरह की पाबंदिया लगाई हैं। इस बैंक के ग्राहक अब अपने खाते से 5000 रुपये से ज्यादा की रकम नहीं निकाल सकेगा। बैंक की बिगड़ती वित्तीय स्थिति को देखते हुए RBI ने पाबंदियां लगाई हैं।

पुडुचेरी को-ऑपरेटिव बैंक पर पाबंदियां 6 महीने तक लागू रहेंगी। यह बुधवार 21 अक्टूबर से लागू होगी। पात्र जमाकर्ता 'डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन' (DICGC) से 5 लाख रुपये तक का जमा बीमा दावा (deposit insurance claim) प्राप्त कर सकेंगे।

बैंक नहीं दे पाएगा लोन
RBI के अनुसार पुडुचेरी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक पर लोन और एडवांस देने, निवेश करने, देनदारी लेने, और संपत्तियों या एसेट्स को ट्रांसफर करने या उनका निपटान करने पर पाबंदियां लगाई गई हैं।

RBI ने कहा, "बैंक की मौजूदा लिक्विडिटी (नकदी) की स्थिति को देखते हुए, बैंक को निर्देश दिया गया है कि वह किसी जमाकर्ता के बचत खाते, चालू खाते या किसी अन्य खाते से 5,000 रुपये से अधिक की निकासी की अनुमति न दे। हालांकि, कुछ शर्तों के साथ जमा राशि के बदले लोन की भरपाई (सेट-ऑफ) करने की अनुमति दी गई है।"

बैंक पर इन चीजों के लिए भी लगी रोक
आरबीआई के लगाए गए प्रतिबंधों के मद्देनजर पुडुचेरी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड रिजर्व बैंक की पूर्व लिखित मंजूरी के बिना कोई नया लोन या एडवांस नहीं दे सकता और न ही मौजूदा लोन को रिन्यूअल कर सकता है। 

इसके अलावा, बैंक निर्देशों में बताई गई शर्तों को पूरा किए बिना कोई नया निवेश नहीं कर सकता, नई देनदारियां नहीं ले सकता, उधार के जरिए फंड नहीं जुटा सकता, नई जमा राशि स्वीकार नहीं कर सकता, कोई भुगतान नहीं कर सकता और न ही अपनी संपत्ति बेच या ट्रांसफर कर सकता है. बैंक की मौजूदा लिक्विडिटी स्थिति को देखते हुए RBI ने जमाकर्ताओं को अपने बचत, चालू या अन्य खातों से 5,000 रुपये तक निकालने की अनुमति दी है। 

हालांकि, इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं है क्योंकि आरबीआई ने यह साफ-साफ कह दिया है कि ऐसा करने का मतलब यह नहीं है कि बैंक का लाइसेंस कैंसिल हो गया है. बैंक की वित्तीय स्थिति जब तक नहीं सुधरती है, तब तक इन्हीं प्रतिबंधों के तहत बैंक अपना कामकाज जारी रखेगा। 

आरबीआई का क्या है मकसद?
जब कोई बैंक डूबने के कगार पर होता है, तब बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 (Banking Regulation Act, 1949) के तहत आरबीआई मामले में हस्तक्षेप करता है. इसका मकसद आम जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा करने के साथ-साथ बैंक को पूरी तरह डिफॉल्ट होने से बचाना है। 

पुडुचेरी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड भी इस वक्त बेहद गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहा है. उसके पास नकदी की भारी कमी है. ऐसे में आरबीआई ने ग्राहकों द्वारा पैसे निकालने की सीमा तय कर बैंक को पूरी तरह क्रैश होने से बचाया है. बैंक के पास अभी अपनी वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए 6 महीने का वक्त है। 

आपका पैसा कितना सुरक्षित?
अगर बैंक की वित्तीय स्थिति नहीं सुधरती है और वह डूब जाता है, तो ग्राहकों को डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के नियमों के तहत 5 लाख रुपये तक की जमा राशि पर इंश्योरेंस कवर मिलेगा. 5 लाख तक के इस कवर में प्रिंसिपल अमाउंट और इंटरेस्ट दोनों शामिल होते हैं। 

लाइसेंस को लेकर RBI ने क्या कहा?
भारतीय रिजर्व बैंक ने अपने निर्देश में कहा कि इन निर्देशों को जारी करने का मतलब यह नहीं है कि RBI ने बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है।

बैंक तब तक अपना बैंकिंग कामकाज जारी रखेगा, जब तक कि उसकी वित्तीय स्थिति में सुधार नहीं आ जाता। हालांकि, उसे इन निर्देशों में बताई गई पाबंदियों का पालन करना होगा।

RBI ने यह भी कहा कि वह बैंक की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। हालात को देखते हुए और जमाकर्ताओं के हित में, RBI जरूरी कदम उठाएगा, जिसमें इन निर्देशों में बदलाव करना भी शामिल हो सकता है।

 

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