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यूपी में 7.7 अरब डॉलर से विकसित होगा AI डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक संगम-26 में हुई चर्चा

प्रदेश में 7.7 अरब डॉलर से विकसित होगा एआई डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर                                                                                        …

यूपी में 7.7 अरब डॉलर से विकसित होगा AI डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक संगम-26 में हुई चर्चा

प्रदेश में 7.7 अरब डॉलर से विकसित होगा एआई डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर
                                                                                                                                                       यूपीएसआईएफएस में टेक संगम-26 में उद्यमी आदर्श त्यागी ने भारत-अमेरिका तकनीकी सहयोग, साइबर सुरक्षा और स्वदेशी एआई प्लेटफॉर्म पर की चर्चा

– बोले, 7.7 अरब डॉलर के निवेश से 20 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार, स्वदेशी एआई प्लेटफॉर्म विकसित करने पर दिया जोर 

लखनऊ, 
 उत्तर प्रदेश में आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बड़ा निवेश होगा, जो प्रदेश को एआई का पावर सेंटर बनाएगा। अमेरिका की कंपनी ट्राइफैक्टा कनेक्स प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ आदर्श त्यागी ने प्रदेश में एआई डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए 7.7 अरब डॉलर के प्रस्तावित निवेश की जानकारी दी। इस परियोजना से प्रदेश में 15 हजार से 20 हजार तक रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने संवेदनशील डेटा की सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए स्वदेशी एआई प्लेटफॉर्म विकसित करने की जरूरत पर भी जोर दिया। यह जानकारी शनिवार को उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (यूपीएसआईएफएस), लखनऊ में टेक संगम-2026 में आदर्श त्यागी ने भारत-अमेरिका के बीच तकनीकी सहयोग, उद्यमिता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के भविष्य पर अपने विचार साझा करने के दौरान दी। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता के लिए कौशल, नवाचार और दृढ़ संकल्प बेहद महत्वपूर्ण हैं। किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए व्यक्ति की योग्यता और सीखने की क्षमता अहम भूमिका निभाती है।

एआई और साइबर सुरक्षा में तकनीकी सहयोग पर जोर
आदर्श त्यागी ने बताया कि उनकी कंपनी अमेरिकी सरकार के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और उन्नत तकनीकों से जुड़े क्षेत्रों में काम करती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तेजी से बदलते तकनीकी परिदृश्य में डेटा सुरक्षा और डिजिटल प्रणालियों की विश्वसनीयता को प्राथमिकता देना आवश्यक है। एआई का इस्तेमाल बढ़ने के साथ संवेदनशील सूचनाओं की सुरक्षा, डेटा पर नियंत्रण और तकनीकी प्रणालियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने भारत में ऐसा स्वदेशी एआई प्लेटफॉर्म विकसित करने की आवश्यकता बताई, जिसके माध्यम से संवेदनशील डेटा को देश के भीतर सुरक्षित रखा जा सके। इससे डेटा सुरक्षा को मजबूत करने और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने तकनीकी विकास को केवल नए उत्पादों और सेवाओं के निर्माण तक सीमित रखने के बजाय उसके व्यावहारिक उपयोग और सुरक्षा संबंधी पहलुओं पर भी ध्यान देने की जरूरत बताई।

यूपी में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से बढ़ेंगे अवसर
प्रदेश में 7.7 अरब डॉलर के निवेश का उल्लेख करते हुए उन्होंने एआई डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की संभावनाओं पर चर्चा की। इस परियोजना के माध्यम से बड़े पैमाने पर डिजिटल संसाधनों और तकनीकी क्षमताओं को विकसित करने की परिकल्पना की गई है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। हालांकि, निवेश और रोजगार से संबंधित ये आंकड़े प्रस्तावित परियोजना के संदर्भ में हैं। एआई और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार उद्योगों, शोध संस्थानों और तकनीकी कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है। ऐसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवाओं की जरूरत बढ़ने की संभावना है। इसके लिए विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल विकसित करने, नई तकनीकों को समझने और शोध आधारित गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना आवश्यक है।

सरकार, उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग जरूरी
आदर्श त्यागी ने तकनीकी नवाचार को गति देने के लिए उद्योगों, सरकारी संस्थानों और शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शोध और तकनीकी ज्ञान का वास्तविक लाभ तभी सामने आता है, जब उसे व्यावहारिक जरूरतों के अनुरूप विकसित करके उपयोग में लाया जाए। इस दिशा में शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों के बीच सहयोग विद्यार्थियों को नई तकनीकों से परिचित कराने के साथ उन्हें रोजगार और उद्यमिता के लिए तैयार करने में मदद कर सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि अपनी रुचि के अनुसार कौशल विकसित करें और तकनीकी क्षेत्र में हो रहे बदलावों से लगातार सीखते रहें। एआई, साइबर सुरक्षा और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए निरंतर सीखने, प्रयोग करने और समस्याओं के व्यावहारिक समाधान खोजने की क्षमता महत्वपूर्ण है।

यूपीएसआईएफएस के शोध और सुविधाओं की सराहना
सत्र के दौरान आदर्श त्यागी ने यूपीएसआईएफएस में उपलब्ध सुविधाओं और शोध संबंधी बुनियादी ढांचे की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्थान में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने और शोध एवं नवाचार की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अपने अनुभवों के माध्यम से कौशल विकास के महत्व को समझाया। बिट्स पिलानी से शिक्षा प्राप्त आदर्श त्यागी ने अपनी उद्यमशीलता की यात्रा साझा करते हुए बताया कि किस तरह नए विचारों, तकनीकी दक्षता और दृढ़ संकल्प के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में काम करने के अवसर तलाशे जा सकते हैं। उनका संबोधन विद्यार्थियों के लिए तकनीकी शिक्षा को व्यावहारिक अनुभव और उद्यमिता से जोड़ने का संदेश लेकर आया।

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