ममता बनर्जी के करीबी फिरहाद हकीम का खुलासा, ‘शुभेंदु अधिकारी आज TMC के मुख्यमंत्री होते’, जानें वजह

नई दिल्ली ममता गुट वाले तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम ने घोषणा की है कि वे अब नगर निगम चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने पार्टी के भीतर अपनी उपेक्षा, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ अपने संबंधों और तृणमूल कांग्रेस के भविष्य को लेकर कई बड़े…

ममता बनर्जी के करीबी फिरहाद हकीम का खुलासा, ‘शुभेंदु अधिकारी आज TMC के मुख्यमंत्री होते’, जानें वजह

नई दिल्ली
ममता गुट वाले तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम ने घोषणा की है कि वे अब नगर निगम चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने पार्टी के भीतर अपनी उपेक्षा, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ अपने संबंधों और तृणमूल कांग्रेस के भविष्य को लेकर कई बड़े खुलासे किए। ममता बनर्जी के प्रति अपनी निष्ठा जाहिर करते हुए भी फिरहाद हकीम ने पार्टी नेतृत्व पर तीखा हमला बोला।

मीडिया  में उन्होंने कहा, "हमने कभी ममता बनर्जी का साथ नहीं छोड़ा। समस्या तब शुरू हुई जब उन्होंने अपने पुराने समर्थकों से ज्यादा अपने 'खून' यानी कि रिश्तेदारों और परिवार पर भरोसा करना शुरू कर दिया। हम सब उनके साथ खड़े थे, लेकिन उन्होंने हेलीकॉप्टर से एक नेता को लाकर बैठाना बेहतर समझा।"

शुभेंदु अधिकारी होते आज TMC के मुख्यमंत्री
राजनीतिक वफादारी पर बात करते हुए हकीम ने एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, "अगर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को सही महत्व दिया गया होता, तो शायद आज शुभेंदु अधिकारी TMC के मुख्यमंत्री होते।" पार्टी से अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए हकीम ने कहा कि बीते कुछ वर्षों से उन्हें कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा, "पिछले पांच सालों से पार्टी ने मेरा कोई इस्तेमाल नहीं किया है।"

उन्होंने यह भी कहा कि वे दुर्गा पूजा के दौरान ममता बनर्जी को मिस कर रहे थे और जब भी उनसे मुलाकात होगी वे खुलकर अपनी बात रखेंगे।

फिरहाद हकीम ने बताया कि कोलकाता में पीने के पानी की किल्लत को दूर करना और उत्तर कोलकाता में जलभराव की समस्या को सुलझाना उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि रही। अपने कार्यकाल के दौरान हुई इमारत ढहने की घटना को उन्होंने अपना सबसे बड़ा मलाल बताया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह घटना सीधे तौर पर उनके नियंत्रण में नहीं थी।

नई पीढ़ी को सलाह
हकीम ने कहा कि अब नई पीढ़ी को चुनावी राजनीति में आगे आना चाहिए। हालांकि उन्होंने सचेत किया कि युवाओं को ईंट, बालू और सीमेंट के कारोबार के लिए राजनीति में नहीं आना चाहिए, बल्कि जनता के लिए हमेशा उपलब्ध रहने वाला पार्षद बनना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को अपने परिवार पर नहीं थोपेंगे और न ही किसी पारिवारिक सदस्य पर राजनीति में आने का दबाव बनाएंगे।

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

View All

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports

You May Have Missed