5 T20, 5 वनडे और 2 टेस्ट… न्यूजीलैंड दौरे पर गेंदबाजों को थकने नहीं देगा टीम इंडिया का नया प्लान

वेलिंगटन न्यूजीलैंड दौरे पर टीम इंडिया के सामने सिर्फ रन बनाने और विकेट लेने की चुनौती नहीं है, बल्कि अपने गेंदबाजों को तरोताजा रखने की भी बड़ी जिम्मेदारी है. 5 टी20 इंटरनेशनल, 5 वनडे और 2 टेस्ट मैचों के लंबे कार्यक्रम के बीच भारतीय टीम मैनेजमेंट ने गेंदबाजों के वर्कलोड को संभालने के लिए खास…

5 T20, 5 वनडे और 2 टेस्ट… न्यूजीलैंड दौरे पर गेंदबाजों को थकने नहीं देगा टीम इंडिया का नया प्लान

वेलिंगटन

न्यूजीलैंड दौरे पर टीम इंडिया के सामने सिर्फ रन बनाने और विकेट लेने की चुनौती नहीं है, बल्कि अपने गेंदबाजों को तरोताजा रखने की भी बड़ी जिम्मेदारी है. 5 टी20 इंटरनेशनल, 5 वनडे और 2 टेस्ट मैचों के लंबे कार्यक्रम के बीच भारतीय टीम मैनेजमेंट ने गेंदबाजों के वर्कलोड को संभालने के लिए खास रणनीति तैयार की है. मकसद साफ है- गेंदबाजों को जरूरत से ज्यादा थकाए बिना उन्हें हर फॉर्मेट के लिए तैयार रखना। 

भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने सोमवार को बताया कि टीम ने इस दौरे के लिए 'बुलेटप्रूफ प्लान' बनाया है. इसके तहत टेस्ट सीरीज से पहले कुछ गेंदबाजों को न्यूजीलैंड में बैकअप के तौर पर रोके रखने की योजना है. जरूरत और परिस्थितियों के हिसाब से गेंदबाजी संयोजन तय किया जाएगा. इस संभावित समूह में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह का नाम भी शामिल है, जो अब तक भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट नहीं खेले हैं। 

गेंदबाजों के लिए तैयार रहेगी अलग फौज

मोर्केल के मुताबिक, टीम मैनेजमेंट ऐसे गेंदबाजों का समूह तैयार रखना चाहता है, जो टेस्ट सीरीज के दौरान जरूरत पड़ने पर मुख्य गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती दे सकें. न्यूजीलैंड में मौसम और पिचों की परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझने के बाद इस समूह की तस्वीर और साफ होगी। 

मोर्केल ने कहा कि उनके दिमाग में ऐसे गेंदबाजों का एक अच्छा समूह है, जो अलग-अलग परिस्थितियों में उपयोगी साबित हो सकते हैं. अर्शदीप भी इस चर्चा का हिस्सा हैं. उन्होंने अर्शदीप की मेहनत और उनकी क्षमताओं की तारीफ करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर वह लाल गेंद से भी अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। 

अर्शदीप ने भारत के लिए अब तक टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है. हालांकि, गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की उनकी क्षमता उन्हें इस प्रारूप के लिए भी उपयोगी विकल्प बनाती है. न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में स्विंग गेंदबाजी अहम हो सकती है, इसलिए टेस्ट टीम के संभावित विकल्प के तौर पर उन पर नजर रखी जा रही है. हालांकि, उनके टेस्ट डेब्यू को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। 

वनडे में भी बदल-बदलकर खेलेंगे गेंदबाज
टीम इंडिया की योजना सिर्फ टेस्ट सीरीज के लिए बैकअप तैयार रखने तक सीमित नहीं है. वनडे मुकाबलों के दौरान भी गेंदबाजों को रोटेट किया जाएगा, ताकि उन्हें टेस्ट क्रिकेट से पहले जरूरी मैच अभ्यास मिल सके और उनका वर्कलोड धीरे-धीरे बढ़ाया जा सके। 

मोर्केल ने कहा कि 50 ओवर के प्रारूप में भी खिलाड़ियों को उनकी जरूरत के मुताबिक खेलने का समय दिया जाएगा. इससे गेंदबाज टेस्ट सीरीज से पहले अपनी तैयारी बेहतर कर सकेंगे. टीम मैनेजमेंट ने गेंदबाजों के काम के बोझ और उनकी गेंदबाजी की मात्रा को लेकर पहले से योजना बनाई है। 

हालांकि, मोर्केल ने यह भी माना कि क्रिकेट में हर चीज योजना के मुताबिक नहीं चलती. चोट, परिस्थितियों और दूसरे कारणों से रणनीति में बदलाव की जरूरत पड़ सकती है. इसी वजह से टीम ने बैकअप विकल्प और अलग-अलग संयोजन तैयार रखे हैं, ताकि किसी खिलाड़ी की अनुपलब्धता से तैयारी प्रभावित न हो। 

बुमराह समेत सभी गेंदबाजों पर नजर
इस योजना में जसप्रीत बुमराह समेत सभी गेंदबाजों के वर्कलोड पर नजर रखी जाएगी. मकसद यह सुनिश्चित करना है कि खिलाड़ी वनडे मुकाबलों और टेस्ट सीरीज के लिए अपनी भूमिका निभाने को तैयार रहें. हालांकि, मोर्केल ने बुमराह को आराम देने या किसी खास मैच में उन्हें बाहर रखने का ऐलान नहीं किया है. उनकी बात का जोर पूरी गेंदबाजी इकाई की तैयारी, रोटेशन और बैकअप विकल्पों पर था। 

मोर्केल ने यह भी बताया कि कुछ खिलाड़ी भारत ए की ओर से खेलकर लाल गेंद के क्रिकेट के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं. इससे टीम को टेस्ट सीरीज से पहले खिलाड़ियों की मैच फिटनेस और तैयारी का आकलन करने में मदद मिलेगी। 

टेस्ट सीरीज से पहले कम है समय
भारत और न्यूजीलैंड के बीच 5 मैचों की वनडे सीरीज के खत्म होने के महज चार दिन बाद, 19 नवंबर से टेस्ट सीरीज शुरू होनी है. इससे टीम मैनेजमेंट के सामने खिलाड़ियों को पर्याप्त रिकवरी और अभ्यास का समय देने की चुनौती है। 

इसी वजह से भारत एक ही गेंदबाजी संयोजन पर निर्भर रहने की बजाय विकल्पों का दायरा बढ़ा रहा है. वनडे में रोटेशन, भारत ए के मैचों के जरिए लाल गेंद की तैयारी और जरूरत पड़ने पर बैकअप गेंदबाजों को न्यूजीलैंड में रोकने की योजना इसी रणनीति का हिस्सा है। 

टीम इंडिया का यह 'बुलेटप्रूफ प्लान' कागज पर भले मजबूत दिखता हो, लेकिन इसकी असली परीक्षा व्यस्त कार्यक्रम के दौरान होगी. गेंदबाजों की फिटनेस, परिस्थितियों के मुताबिक चयन और टेस्ट सीरीज से पहले उपलब्ध समय तय करेगा कि यह रणनीति मैदान पर कितनी कारगर साबित होती है। 

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