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पंजाब चुनाव 2027 से पहले बड़ा कदम, 12 नवंबर से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की होगी जांच

चंडीगढ़. भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्तों, महानिदेशकों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ), राज्य पुलिस के नोडल अधिकारी और विभिन्न केंद्रीय व राज्य प्रवर्तन एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। इसका उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों का…

पंजाब चुनाव 2027 से पहले बड़ा कदम, 12 नवंबर से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की होगी जांच

चंडीगढ़.

भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्तों, महानिदेशकों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ), राज्य पुलिस के नोडल अधिकारी और विभिन्न केंद्रीय व राज्य प्रवर्तन एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ एक समीक्षा बैठक की।

इसका उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों का जायजा लेना था।इस दिन 'फर्स्ट लेवल चेकिंग' (एफएलसी) कार्यशाला का भी सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) यूनिट्स की जांच से जुड़ी तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के बारे में प्रशिक्षित करना था। कार्यशाला के दौरान पंजाब के सीईओ ने बताया कि सभी जिलों में एफएलसी प्रक्रिया 12 नवंबर से शुरू होगी। यह प्रक्रिया ईसीआई (भारत निर्वाचन आयोग) के दिशानिर्देशों के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न की जाएगी।

निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी इस पूरी प्रक्रिया की हर दिन कड़ी निगरानी करेंगे। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के विशेषज्ञ इंजीनियरों ने व्यावहारिक प्रदर्शन (डेमो) दिए और प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए, ताकि प्रतिभागी एफएलसी के तकनीकी पहलुओं को अच्छी तरह समझ सकें। कार्यशाला में एक मूल्यांकन प्रक्रिया भी शामिल थी। साथ ही सवालों के जवाब देने और शंकाओं को दूर करने के लिए एक विशेष सत्र भी रखा गया था। इस कार्यशाला में जिला निर्वाचन अधिकारी, अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी, एफएलसी नोडल अधिकारी, मास्टर ट्रेनर, बीईएल के विशेषज्ञ और इस प्रक्रिया से जुड़े अन्य अधिकारी शामिल हुए।

पूरी एफएलसी प्रक्रिया के दौरान तय प्रोटोकॉल का पालन करने और पारदर्शिता, सटीकता और सावधानी के उच्चतम मानकों को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यशाला के बाद आगामी चुनावों के लिए तैयारियों और आपसी समन्वय का आकलन करने के लिए प्रवर्तन एजेंसियों के साथ एक समीक्षा बैठक की गई। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सभी प्रवर्तन एजेंसियां ​​सक्रिय रूप से शामिल हों, ताकि चुनाव प्रक्रिया सुचारू, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।

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