रूस के लड़ाकू विमानों के बाद इथियोपिया को मिलेंगे 4 एयर डिफेंस सिस्टम, बढ़ाएगा अपनी हवाई सुरक्षा

अदीस अबाबा  ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच हुई सैन्य कार्रवाई में S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की काफी चर्चा हुई थी. अब इथियोपिया भी रूस से ऐसे ही सिस्टम खरीदने जा रहा है. इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद ने बताया है कि देश को रूस से 12 Su-35 लड़ाकू विमान मिल चुके…

रूस के लड़ाकू विमानों के बाद इथियोपिया को मिलेंगे 4 एयर डिफेंस सिस्टम, बढ़ाएगा अपनी हवाई सुरक्षा

अदीस अबाबा 

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच हुई सैन्य कार्रवाई में S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की काफी चर्चा हुई थी. अब इथियोपिया भी रूस से ऐसे ही सिस्टम खरीदने जा रहा है. इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद ने बताया है कि देश को रूस से 12 Su-35 लड़ाकू विमान मिल चुके हैं, जबकि चार S-400 सिस्टम भी मिलने वाले हैं. हालांकि, इथियोपिया के इस फैसले का ऑपरेशन सिंदूर से सीधा संबंध होने की पुष्टि नहीं हुई है। 

रूस से हथियार खरीदने का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब इथियोपिया के कुछ हिस्सों में लड़ाई जारी है. पड़ोसी देश इरिट्रिया के साथ भी तनाव बना हुआ है. ऐसे में इथियोपिया अपनी वायुसेना और हवाई सुरक्षा को मजबूत करना चाहता है. Su-35 विमानों की डिलीवरी तय समय से एक साल पहले हुई है. वहीं, S-400 सिस्टम कब तक मिलेंगे और इस पूरे सौदे पर कितना खर्च हुआ है, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। 

इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद ने बताया कि रूस से 12 Su-35 लड़ाकू विमान मिले हैं. उनके मुताबिक, इन विमानों की डिलीवरी तय समय से एक साल पहले हुई है. उन्होंने इस मदद के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भी धन्यवाद किया। 

Su-35 रूस का बनाया हुआ लड़ाकू विमान है. इसका इस्तेमाल दुश्मन के विमानों से मुकाबला करने और जमीन पर मौजूद सैन्य ठिकानों पर हमला करने के लिए किया जा सकता है. इसमें दुश्मन के विमानों का पता लगाने के लिए रडार और कई तरह के हथियार लगे होते हैं. इन विमानों से इथियोपिया की वायुसेना को अपनी हवाई सीमा की सुरक्षा करने में मदद मिल सकती है. हालांकि, विमान मिलने के साथ पायलटों की ट्रेनिंग, हथियार और रखरखाव की व्यवस्था भी जरूरी होती है। 

क्या करता है S-400 सिस्टम?
S-400 रूस का बनाया हुआ एयर डिफेंस सिस्टम है. इसका इस्तेमाल दुश्मन के लड़ाकू विमानों और कुछ तरह की मिसाइलों को हवा में ही रोकने के लिए किया जाता है. इस सिस्टम में रडार और मिसाइलें होती हैं. रडार आसमान में उड़ रहे विमानों और दूसरे खतरों का पता लगाता है. इसके बाद जरूरत के हिसाब से मिसाइल दागकर खतरे को रोकने की कोशिश की जाती है। 

इस सिस्टम की मदद से किसी देश के जरूरी सैन्य ठिकानों और दूसरे अहम इलाकों की सुरक्षा की जा सकती है. इथियोपिया को रूस से ऐसे चार सिस्टम मिलने हैं. हालांकि, ये कब तक पहुंचेंगे और देश में कहां लगाए जाएंगे, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। 

ऑपरेशन सिंदूर में भी चर्चा में रहा S-400
भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी S-400 सिस्टम चर्चा में रहा था. भारतीय वायुसेना प्रमुख ए.पी. सिंह ने अगस्त 2025 में कहा था कि ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान के पांच लड़ाकू विमान और एक अन्य सैन्य विमान गिराए गए थे। 

उन्होंने बताया था कि इनमें से ज्यादातर विमानों को भारत के S-400 सिस्टम ने निशाना बनाया था. हालांकि, इथियोपिया के इस सौदे और ऑपरेशन सिंदूर के बीच सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई है. इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बाद ही इथियोपिया ने S-400 खरीदने का फैसला किया। 

इथियोपिया क्यों बढ़ा रहा है अपनी सैन्य ताकत?
इथियोपिया के टिग्रे और अम्हारा इलाकों में सशस्त्र समूहों के साथ लड़ाई जारी है. इसके अलावा, पड़ोसी देश इरिट्रिया के साथ भी उसका तनाव है. इन हालात में इथियोपिया अपनी सेना को नए हथियारों से मजबूत करना चाहता है. रूस से लड़ाकू विमान और एयर डिफेंस सिस्टम खरीदना इसी कोशिश का हिस्सा है. इस सौदे से रूस और इथियोपिया के बीच सैन्य सहयोग भी बढ़ सकता है। 

फिलहाल, इथियोपिया को 12 Su-35 लड़ाकू विमान मिलने की जानकारी दी गई है. अब चार S-400 सिस्टम की डिलीवरी बाकी है. इनकी कीमत और मिलने की तारीख सामने आने के बाद ही इस सौदे की पूरी जानकारी मिल पाएगी। 

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