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टोल टैक्स को लेकर भड़का ग्रामीणों का गुस्सा, 12 पंचायतों ने सड़क पर उतरकर किया प्रदर्शन

बालोद छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-930 पर स्थित जमही टोल प्लाजा इन दिनों भारी विरोध और तनाव का केंद्र बन गया है। टोल प्लाजा पर हो रही मनमानी वसूली और स्थानीय नागरिकों की अनदेखी के खिलाफ आसपास की 12 ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मिलकर मोर्चा खोल दिया है।…

टोल टैक्स को लेकर भड़का ग्रामीणों का गुस्सा, 12 पंचायतों ने सड़क पर उतरकर किया प्रदर्शन

बालोद

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-930 पर स्थित जमही टोल प्लाजा इन दिनों भारी विरोध और तनाव का केंद्र बन गया है। टोल प्लाजा पर हो रही मनमानी वसूली और स्थानीय नागरिकों की अनदेखी के खिलाफ आसपास की 12 ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मिलकर मोर्चा खोल दिया है।

शुक्रवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने टोल प्लाजा के सामने सड़क पर ही पंडाल लगाकर जोरदार प्रदर्शन किया और सांकेतिक चक्काजाम कर यातायात बाधित कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

स्थानीय वाहनों की छूट

आंदोलनकारी ग्रामीणों की मुख्य मांग यह है कि बालोद जिले में पंजीकृत सभी निजी वाहनों (सीजी-24) को जमही टोल प्लाजा से पूरी तरह निःशुल्क आवागमन की सुविधा दी जाए। इसके अलावा, टोल प्लाजा के आसपास के गांवों में रहने वाले नागरिकों को उनके आधार कार्ड के आधार पर टोल शुल्क से पूर्ण मुक्ति प्रदान की जाए। ग्रामीणों का तर्क है कि टोल प्लाजा उनके क्षेत्र के बिलकुल पास स्थित है, जिसके कारण उन्हें अपने रोजमर्रा के छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है और हर बार उन्हें भारी टोल चुकाना पड़ता है।

भूमिपुत्रों को दे रोजगार

इसके साथ ही ग्रामीणों ने यह भी मांग उठाई कि टोल प्लाजा पर होने वाली विभिन्न भर्तियों में स्थानीय बेरोजगार युवक-युवतियों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाए।

पहले भी की गई थी मांग, अनसुनी पर फूटा गुस्सा

ग्रामीणों का कहना है कि टोल शुल्क में छूट और स्थानीय युवाओं के रोजगार से जुड़े इन महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर पहले भी कई बार स्थानीय प्रशासन और टोल प्लाजा के अधिकारियों को लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराया गया था। परंतु हर बार केवल कोरे आश्वासन मिले और धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी उपेक्षा से नाराज होकर ग्रामीणों ने आखिरकार सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन का रास्ता चुना और सड़कजाम कर दिया।

प्रशासन के आश्वासन पर दस दिन के लिए आंदोलन स्थगित

विशाल प्रदर्शन और चक्काजाम की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलनकारी ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के साथ लंबी चर्चा की। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य नीलिमा श्याम, संजय बैस, नितिन जैन, अनिल सुथार, शिवराम सिंगराले सहित कई प्रमुख प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने अगले 10 दिनों तक बालोद जिले के सभी निजी वाहनों को टोल शुल्क से पूरी तरह मुक्त रखने का लिखित आश्वासन दिया।

 

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