Diwali 2026: लक्ष्मी पूजन में चावल की जगह क्यों चढ़ाई जाती है खील, गणेश जी के आगे क्यों जलता है सरसों का दीपक?

Diwali 2026: हर साल कार्तिक अमावस्या की रात दीपावली का त्योहार मनाया जाता है. इस साल दीपावली का त्योहार 8 नवंबर दिन रविवार को मनाया जाएगा. इस दिन भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की संयुक्त पूजा की जाती है. उन्हें खील का भोग लगाया जाता है. खील यानि खिली हुई धान. सभी पूजा-पाठ में देव…

Diwali 2026: लक्ष्मी पूजन में चावल की जगह क्यों चढ़ाई जाती है खील, गणेश जी के आगे क्यों जलता है सरसों का दीपक?

Diwali 2026: हर साल कार्तिक अमावस्या की रात दीपावली का त्योहार मनाया जाता है. इस साल दीपावली का त्योहार 8 नवंबर दिन रविवार को मनाया जाएगा. इस दिन भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की संयुक्त पूजा की जाती है. उन्हें खील का भोग लगाया जाता है. खील यानि खिली हुई धान. सभी पूजा-पाठ में देव पूजन के लिए सामान्यतः रोली के साथ चावल का उपयोग किया जाता है. लेकिन दीपावली एकमात्र ऐसा त्योहार है. जब लक्ष्मी-गणेश जी के पूजन के लिए खील-बताशे का प्रयोग होता है. जबकि भगवान गणेश के सामने सरसों के तेल का दीपक भी विशेष रूप से जलाया जाता है.

दीपावली पर लोग घर में सुख-समृद्धि और धन-वैभव की कामना के साथ लक्ष्मी पूजन करते हैं. खिली हुई धान यानि खील घर में सुख-समृद्धि और सम्पन्नता का प्रतीक है और बताशे घर के सभी सदस्यों के बीच मिठास बढ़ाने का काम करते हैं. घर में हमेशा इसी तरह धनधान्य बना रहे, मिठास बिखरी रहे, इसी कामना के लिए दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश जी के पूजन के लिए चावल के स्थान पर खील का प्रयोग किया जाता है.

गणपति के आगे सरसों के तेल का दीपक
दीपावली पर मां लक्ष्मी के समक्ष शुद्ध घी और गणपति के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाने की प्रथा है. मां लक्ष्मी के बाईं तरफ विराजमान गणपति के सामने सरसों के तेल का दीपक प्रज्ज्वलित किया जाता है. पूजन के बाद उसी दीपक की लौ से एक कच्चे मिट्टी के दीपक से काजल बनाया जाता है. इसे घर के सभी सदस्य अगले दिन सुबह उठकर अपनी आंखों में लगाते हैं.

मान्यता है कि इस काजल को परिवार के सदस्यों को लगाने से बुरी नजर का प्रभाव दूर रहता है और घर-परिवार पर गणेश जी की कृपा बनी रहती है. देव पूजन में प्रज्वलित दीपक से प्राप्त काजल शुभता का प्रतीक होता है और इसे लगाने से बुरी नजर से बचाव होता है. बच्चों को विशेष रूप से काजल लगाने की परंपरा भी कई क्षेत्रों में प्रचलित रही है.

सरसों के तेल का दीपक और विघ्नहर्ता गणेश
भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और बुद्धि-विवेक का देवता माना जाता है. दीपावली पर लक्ष्मी पूजन के साथ गणेश पूजन का विधान है. लक्ष्मी जी धन, वैभव और ऐश्वर्य प्रदान करती हैं, वहीं गणेश जी उस धन के सदुपयोग के लिए बुद्धि और विवेक देते हैं. ऐसे में गणेश जी के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाना जीवन की बाधाओं को दूर करने और परिवार में सुख-शांति बनाए रखने की कामना का प्रतीक माना जाता है.

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports