,

सरकारी आवास खाली होने से कर्मचारी परेशान, जगदलपुर की आकाशवाणी कॉलोनी में संकट

जगदलपुर. केंद्र सरकार के कई विभागों में पदस्थ कर्मचारी सरकारी आवास के लिए परेशान हैं, लेकिन जगदलपुर की आकाशवाणी कॉलोनी के मकान खाली पड़े हैं. करीब 49 साल पहले शुरू हुए आकाशवाणी केंद्र के कर्मचारियों के लिए इस कॉलोनी का निर्माण किया गया था. बताया जाता है कि यहां करीब 300 आवास बनाए गए थे,…

सरकारी आवास खाली होने से कर्मचारी परेशान, जगदलपुर की आकाशवाणी कॉलोनी में संकट

जगदलपुर.

केंद्र सरकार के कई विभागों में पदस्थ कर्मचारी सरकारी आवास के लिए परेशान हैं, लेकिन जगदलपुर की आकाशवाणी कॉलोनी के मकान खाली पड़े हैं. करीब 49 साल पहले शुरू हुए आकाशवाणी केंद्र के कर्मचारियों के लिए इस कॉलोनी का निर्माण किया गया था.

बताया जाता है कि यहां करीब 300 आवास बनाए गए थे, जिनमें कभी ढाई सौ से अधिक कर्मचारी और उनके परिवार रहते थे. लेकिन आकाशवाणी और दूरदर्शन में नई भर्ती नहीं होने और लगातार तबादलों के चलते अधिकांश मकान खाली हो गए. अब कॉलोनी के कई आवास रखरखाव के अभाव में बदहाल हो रहे हैं और परिसर में गंदगी भी पसरी हुई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम होते ही सुनसान मकानों में असामाजिक तत्वों की आवाजाही बढ़ जाती है. जन अधिकार मोर्चा एवं सामाजिक कल्याण संघ के प्रांतीय अध्यक्ष चंद्रिका सिंह ने खाली आवासों के उपयोग का सुझाव दिया है. उनका कहना है कि संभागीय मुख्यालय में केंद्र सरकार के 23 से अधिक विभाग संचालित हैं, जिनके कर्मचारी आवास की समस्या झेल रहे हैं.

ऐसे में खाली मकानों को केंद्र सरकार के दूसरे विभागों में कार्यरत पात्र कर्मचारियों को आवंटित किया जा सकता है. इससे एक ओर कर्मचारियों को आवास मिलेगा, वहीं दूसरी ओर सरकारी संपत्ति का बेहतर उपयोग हो सकेगा. कभी रौनक से भरी रहने वाली कॉलोनी के मौजूदा हालात ने सरकारी आवासों के रखरखाव और उपयोग पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports

You May Have Missed