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मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आह्वान पर गंगा दशहरा पर जन आंदोलन बनेगा “जल गंगा संवर्धन अभियान”

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हिन्दु संस्कृति के अनुसार गंगा दशहरा का पर्व पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन माँ गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थी और प्रकृति एवं जन-जीवन को धन्य किया था। इस वर्ष गंगा दशहरा के पावन अवसर पर…

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आह्वान पर गंगा दशहरा पर जन आंदोलन बनेगा “जल गंगा संवर्धन अभियान”

भोपाल 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हिन्दु संस्कृति के अनुसार गंगा दशहरा का पर्व पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन माँ गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थी और प्रकृति एवं जन-जीवन को धन्य किया था। इस वर्ष गंगा दशहरा के पावन अवसर पर प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान को व्यापक स्वरूप देते हुए जन-जन को जोड़ा जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान केवल शासकीय कार्यक्रम तक सीमित न रखकर जनभागीदारी आधारित व्यापक अभियान बनाया जाए। उन्होंने कहा कि पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण भविष्य की आवश्यकता है और इसमें समाज के हर वर्ग की सक्रिय सहभागिता जरूरी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इसी विज़न के अनुक्रम में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर 25 मई को प्रदेश के सभी जिलों के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सभी जिला कलेक्टरों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि “जल गंगा संवर्धन अभियान” प्रदेश में 19 मार्च से 30 जून 2026 तक संचालित किया जा रहा है।
दो चरणों में होंगे विशेष कार्यक्रम
गंगा दशहरा पर आयोजित कार्यक्रमों में जिले के प्रभारी मंत्री शामिल होंगे। कार्यक्रम के प्रथम चरण में जनसहभागिता से जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े कार्य किए जाएंगे। इसके बाद द्वितीय चरण में गंगा दशहरा विषय पर आधारित सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएगी। कार्यक्रमों में क्षेत्र के सांसद, विधायक, नगरीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
श्रमदान से होगा जल संरचनाओं का पुनर्जीवन
अभियान के अंतर्गत जनसमुदाय, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से स्थानीय जल स्रोतों का संरक्षण और पुनर्जीवन किया जाएगा। श्रमदान तथा मशीन, ईंधन और परिवहन जैसे संसाधनों के सहयोग से कुओं, नहरों, बावड़ियों और तालाबों की साफ-सफाई एवं जीर्णोद्धार कराया जाएगा।
इसके साथ ही घाटों की स्वच्छता सुनिश्चित की जाएगी और बंद पड़े पुराने बोरवेल और ट्यूबवेल के पास रिचार्ज पिट का निर्माण कराया जाएगा, जिससे भूजल स्तर सुधारने में मदद मिल सके। शासन द्वारा प्रत्येक जिले में 4 से 5 उत्कृष्ट कार्य चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा सके।
ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर तक चलेगा अभियान
अभियान में व्यापक जनसहभागिता सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायत और नगरीय वार्ड स्तर तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ औद्योगिक, सामाजिक, धार्मिक, स्वयंसेवी संगठनों और महिला स्व-सहायता समूहों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और नगरीय क्षेत्रों में नगर निगम आयुक्त अथवा जिला शहरी विकास प्राधिकरण के परियोजना अधिकारी नोडल अधिकारी होंगे।
 

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