भोपाल
मध्यप्रदेश में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों और उनके आश्रितों को कैशलेस आयुष चिकित्सा का लाभ दिया जायेगा। यह श्रमिकों के स्वास्थ्य कल्याण के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय है। मंत्रालय में पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार की गरिमामयी उपस्थिति में श्रम विभाग और आयुष विभाग के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर आदान-प्रदान किया गया। इस एमओयू पर आयुष विभाग की ओर से आयुक्त डॉ. संजय मिश्र और श्रम विभाग (ईएसआईसी) की ओर से संचालक डॉ. सी. एस. जायसवाल ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर आयुष विभाग के प्रमुख सचिव शोभित जैन एवं श्रम विभाग के सचिव रघुराज एम आर सहित दोनों ही विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मंत्री पटेल ने कहा कि श्रमिकों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हमारा दायित्व है और यह पहल भारतीय चिकित्सा पद्धति को आमजन में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी 21 जून को ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ के अवसर पर प्रदेश के श्रमिक सामूहिक रूप से योग कर स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का संदेश देंगे।
मंत्री परमार ने भारतीय चिकित्सा पद्धति को विश्वसनीयता के साथ आमजन तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इस एमओयू के तहत की जा रही गतिविधियों की हर वर्ष समीक्षा की जाएगी और आवश्यकतानुसार सुविधाओं का विस्तार भी किया जायेगा। इस अवसर पर सभी प्रदेशवासियों, विशेषकर श्रमिक वर्ग में योग और सूर्य नमस्कार से स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देने के लिए श्रम विभाग द्वारा आयुष विभाग के सहयोग से तैयार किए गए एक विशेष ‘लोगो’ का भी विमोचन किया गया।
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य कर्मचारी राज्य बीमा योजना के लाभार्थियों को राज्य के शासकीय आयुष संस्थानों, जैसे चिकित्सा महाविद्यालयों, जिला चिकित्सालयों, एलोपैथिक अस्पतालों में संचालित आयुष विंग्स और औषधालयों के माध्यम से समग्र, सुलभ और पूरी तरह से कैशलेस चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराना है। इसके तहत पंजीकृत कर्मचारियों और उनके आश्रितों को आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी पद्धतियों पर आधारित वैकल्पिक उपचार के बहुआयामी विकल्प प्राप्त हो सकेंगे। इस योजना का क्रियान्वयन चरणबद्ध रूप से किया जाएगा, जिसके प्रथम चरण में इसे प्रदेश के 9 शासकीय आयुष चिकित्सा महाविद्यालयों में शुरू किया जाएगा और इसके बाद दोनों विभागों की आपसी सहमति से इसका विस्तार जिला स्तरीय आयुष चिकित्सालयों, आयुष विंग और डिस्पेंसरीज़ में किया जाएगा। इस पहल से जहाँ एक ओर दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक आयुष स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर एलोपैथिक स्वास्थ्य संस्थानों पर मरीजों का बढ़ता दबाव भी कम होगा।
एमओयू के प्रावधानों के अनुसार, श्रम विभाग द्वारा ईएसआईसी के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिक और उनके आश्रित परिवार के सदस्य (जैसे जीवनसाथी, आश्रित माता-पिता एवं पात्र संतान) इस योजना में लाभ प्राप्त करने के पात्र होंगे। लाभार्थियों की पात्रता का सत्यापन ई-पहचान पत्र, बीमा संख्या अथवा अन्य वैध माध्यमों से किया जाएगा। इन संस्थानों में पात्र मरीजों को चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क ओपीडी परामर्श देने के साथ आवश्यक आयुष औषधियों का निःशुल्क वितरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, संस्थान में उपलब्धता के आधार पर पंचकर्म व अन्य चिकित्सीय प्रक्रियाएँ, योग व जीवनशैली परामर्श तथा मधुमेह, उच्च रक्तचाप, गठिया और मोटापा जैसे दीर्घकालिक रोगों का समग्र प्रबंधन भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस पूरी व्यवस्था में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उपचार के लिये सीजीएचएस अथवा राज्य शासन द्वारा निर्धारित दरों को लागू किया जाएगा और ऑनलाइन क्लेम प्रोसेसिंग प्रणाली के माध्यम से समयबद्ध प्रतिपूर्ति की जाएगी।
कर्मचारी राज्य बीमा निगम के पंजीकृत श्रमिकों को मिलेगा कैशलेस आयुष चिकित्सा का लाभ
भोपाल मध्यप्रदेश में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों और उनके आश्रितों को कैशलेस आयुष चिकित्सा का लाभ दिया जायेगा। यह श्रमिकों के स्वास्थ्य कल्याण के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय है। मंत्रालय में पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर…

Previous Post
Next Post
Latest News

Stay Connected
Categories
featured top-news Uncategorized इंदौर खेल ग्वालियर छत्तीसगढ़ जबलपुर देश धर्म ज्योतिष बिलासपुर बिज़नेस भोपाल मध्य प्रदेश मनोरंजन राजनीतिक राज्य रायपुर लाइफस्टाइल विदेश
Tags
About the Author

GoodDoo News
Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives
Access over the years of investigative journalism and breaking reports
You May Have Missed



