भोपाल में 5वां समर्थ भारत कॉन्क्लेव संपन्न
‘ विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कौशल, उद्यमिता और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रयास जरूरी : राज्यपाल मंगु भाई पटेल
राज्यपाल मंगु भाई पटेल की मौजूदगी में आईसेक्ट समूह के 40 वर्षों की उपलब्धियों पर जोर, एआई साक्षरता और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कई पहल
भोपाल
राजधानी भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में आयोजित 5वां समर्थ भारत कॉन्क्लेव 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। “रीइमेजिनिंग इम्पैक्ट: एआई-ड्रिवन स्किलिंग, फाइनेंशियल इंक्लूजन एवं सोशल एंटरप्राइज फॉर विकसित भारत” थीम पर आधारित इस कॉन्क्लेव में प्रदेश के महामहिम राज्यपाल मंगु भाई पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मंच पर रबींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे, स्कोप ग्लोबल स्किल यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी, रबींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. रवि प्रकाश दुबे, स्कोप ग्लोबल स्किल यूनिवर्सिटी के कुलगुरु डॉ. विजय सिंह, प्रो चांसलर डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स तथा वाधवानी फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल संतोष भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स ने किया। इसके पश्चात महामहिम राज्यपाल का स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया।
महामहिम राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने आईसेक्ट समूह के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि एआई के क्षेत्र में ‘कौशल रथ’ जैसी पहल बच्चों में तकनीकी साक्षरता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने सामाजिक और पर्यावरणीय संरक्षण के साथ नवाचारों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि गरीबों के जीवन में खुशहाली लाने और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कौशल, उद्यमिता और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने स्किल इंडिया, खेलो इंडिया और स्वच्छ भारत जैसे अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि डिजिटल और तकनीकी सहयोग से देश एक मजबूत इकोसिस्टम की ओर बढ़ रहा है।
इससे पहले कॉन्क्लेव की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने बताया कि आईसेक्ट पिछले 40 वर्षों से शिक्षा, कौशल, समावेशन और अवसर के क्षेत्र में कार्य कर रहा है और अब “आईसेक्ट इंडिया” के रूप में पैन इंडिया नेटवर्क के साथ-साथ अफ्रीका, मिडिल ईस्ट और जर्मनी तक अपनी पहुंच बना चुका है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की दिशा में आईसेक्ट की भूमिका निरंतर बढ़ रही है और सीएसआर के माध्यम से साझेदार संस्थाओं के साथ मिलकर सामाजिक-आर्थिक प्रभाव को सशक्त किया जा रहा है। रबींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय का अटल इन्क्यूबेशन सेंटर देश के शीर्ष 5 केंद्रों में शामिल है।
अपने संबोधन में संतोष चौबे ने कहा कि उनके संस्थान में भारतीय पारंपरिक मूल्यों को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब संस्थान का फोकस कंप्यूटर साक्षरता से आगे बढ़कर एआई मिशन पर केंद्रित है, जिसके तहत एआई आधारित कोर्स, शॉर्ट टर्म प्रोग्राम और शैक्षणिक यात्राएं शुरू की गई हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एआई मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार के साथ मिलकर इस दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान आईसेक्ट पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म प्रदर्शित की गई। साथ ही आईसेक्ट एवं स्कोप ग्लोबल स्किल यूनिवर्सिटी की वार्षिक रिपोर्ट, कौशल रथ पर आधारित रिपोर्ट तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर हिंदी में प्रकाशित पुस्तक का विमोचन कर उन्हें महामहिम राज्यपाल को भेंट किया गया।
कॉन्क्लेव में उत्कृष्ट कार्य के लिए आईसेक्ट केंद्र से जुड़े प्रेम सिंह गुंदीया और सुस्वाति त्रिवेदी को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण एमओयू भी हस्ताक्षरित हुए, जिनमें स्कोप ग्लोबल स्किल यूनिवर्सिटी और रिलायंस एनीमेशन, वाधवानी फाउंडेशन और आईसेक्ट, नेक्स्ट वेव टेक्नोलॉजी तथा एचसीएल टेक के साथ साझेदारी शामिल रही। सत्र के अंत में स्कोप ग्लोबल स्किल यूनिवर्सिटी के कुलगुरु डॉ. विजय सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का दूसरा सत्र ‘नॉलेज सेशन’ का रहा जिसमें विभिन्न अतिथियों सहित आईसेक्ट प्रतिनिधियों ने ‘विकसित भारत के लिये एआई’ विषय पर पैनल डिस्कशन में अपने महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किये। इंडिया एआई असिस्टेंट मैनेजर देवव्रत वैष्ण्व ने कहा कि हम 570 डाटा सेंटर खोल रहे हैं। और यह सारे टायर 2 और टियर तीन शहरों में खोले जाएंगे। बच्चे यहां से डाटा संबंधी कोर्स कर सकेंगे और यह सारे कोर्स 3 साल तक फ्री रहेंगे। HCL head tech गायत्री धर्मराज ने कहा कि एआई के कारण किसी की जॉब नहीं जाएगी। एआई वर्कर को और बेहतर बनाएगा। यह काम में और गुणवत्ता का भी सुधार करेगा। सभी को एआई को रोजमर्रा के काम में अपनाने की जरूरत है। नेक्स्ट वेव के वरिष्ठ नायडू ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का जो सपना है वह युवाओं के द्वारा भागीदारी करने से ही संपन्न होगा और इसमें युवा जितने जल्दी एआई को अपनाएगा उतना ही भारत विकसित होगा।
आईसेक्ट निदेशक अभिषेक पंडित ने इस मौके पर कहा कि आईसेक्ट एआई मिशन के माध्यम से ग्रामीण बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। आज बहुत सारे बच्चे एआई के माध्यम से अपनी शिक्षा पूरी कर पा रहे हैं और इसमें आईसेक्ट बहुत बड़ी भूमिका निभा रहा है। आईसेक्ट लर्न के जीएम मनोज त्रिपाठी ने एआई लिटरेसी मिशन के बारे में प्रेजेंटेशन दिया और बताया कि आईसेक्ट स्किल्ड कोर्सेज और फैकल्टी डेवलपमेंट ट्रेनिंग के माध्यम से एआई द्वारा सुविधा उपलब्ध करा रहा है। सेशन के अंतर्गत ‘वोकेशनल एजुकेशन प्रोग्राम इन स्कूल एनुअल रिपोर्ट आफ लद्दाख, मेघालय, झारखंड, यूपी, बिहार’, ‘इम्पैक्ट रिपोर्ट आन राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम नेशनल हेल्थ मिशन’, ‘आईसेक्ट इम्पैक्ट रिपोर्ट आन इम्पिलटेशन आफ यूनिसेफ पासपोर्ट टू अर्निंग प्रोग्राम’ का लोकार्पण भी किया गया। इस दौरान बहुत सारे प्रोजेक्ट में रोजगार प्राप्त करने वाले कैंडिडेट को आफर लेटर भी प्रदान किये गये। नॉलेज सेशन का संचालन एजीयू निदेशक डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स ने किया।
तीसरे सत्र “को-क्रिएटिंग इम्पैक्ट: द पावर ऑफ कोलैबोरेटिव सीएसआर” में विभिन्न कॉर्पोरेट और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सहयोगात्मक प्रयासों के जरिए सामाजिक प्रभाव बढ़ाने पर जोर दिया। सत्र में जेनपैक्ट की वाइस प्रेसिडेंट सुरचना चुघ, वाधवानी फाउंडेशन से कर्नल संतोष, एनएसडीसी की प्रतिनिधि सुबरकत उल निसा, पॉलीकैब फाउंडेशन के मैनेजर अभिजीत झाल्टे और आईसेक्ट के ईवीपी अरविंद चतुर्वेदी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर आईसेक्ट और जेनपैक्ट के बीच स्किल बिल्ड प्रोग्राम के लिए एमओयू का आदान-प्रदान किया गया।
समापन सत्र के प्रमुख अतिथियों में संतोष चौबे, चेयरमैन, आईसेक्ट इंडिया; डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी, डायरेक्टर ऑपरेशंस, आईसेक्ट इंडिया; अभिषेक पंडित, प्रो. चांसलर, स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी; अरविंद चतुर्वेदी, कार्यकारी उपाध्यक्ष, आईसेक्ट इंडिया; तथा डॉ. आर.पी दुबे, कुलगुरु, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय उपस्थित रहे। इस सत्र के दौरान मध्य प्रदेश स्टेट प्रोफाइल का लोकार्पण किया गया तथा विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले उद्यमियों को सम्मानित किया गया। इसमें बेस्ट वूमन एंटरप्रेन्योर अवॉर्ड झाबुआ की कुसुम भारपोड़ा को, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर अवॉर्ड भूपेंद्र शर्मा, दीप चंद, प्रीति विश्वकर्मा, पवन मिश्र को तथा चेयरमैन मेडल ऑफ एक्सीलेंस – एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर अवॉर्ड सुभाष राठौर को प्रदान किया गया। साथ ही कार्यक्रम के दौरान विभिन्न उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए सफलता की प्रेरक कहानियां प्रस्तुत कीं, जिससे उपस्थित प्रतिभागियों को नई दिशा और उत्साह प्राप्त हुआ।
विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कौशल, उद्यमिता और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रयास जरूरी : राज्यपाल मंगु भाई पटेल
भोपाल में 5वां समर्थ भारत कॉन्क्लेव संपन्न ‘ विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कौशल, उद्यमिता और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रयास जरूरी : राज्यपाल मंगु भाई पटेल राज्यपाल मंगु भाई पटेल की मौजूदगी में आईसेक्ट समूह के 40 वर्षों की उपलब्धियों पर जोर, एआई साक्षरता और उद्यमिता को बढ़ावा देने…

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