पैरा एथलीट सुमित अंतिल का 74.82m थ्रो, F64 में नया विश्व रिकॉर्ड

 नई दिल्ली शक्ति और सटीकता का शानदार प्रदर्शन करते हुए, भारत के पैरा-एथलेटिक्स सुपरस्टार सुमित अंतिल ने बुधवार को आठवीं इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स इंटरनेशनल चैंपियनशिप में पुरुषों की भाला फेंक F64 स्पर्धा में अपना ही विश्व रिकॉर्ड तोड़कर स्वर्ण पदक जीता। हरियाणा के इस एथलीट ने 74.82 मीटर का विशाल थ्रो किया, जिससे दर्शक…

 नई दिल्ली

शक्ति और सटीकता का शानदार प्रदर्शन करते हुए, भारत के पैरा-एथलेटिक्स सुपरस्टार सुमित अंतिल ने बुधवार को आठवीं इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स इंटरनेशनल चैंपियनशिप में पुरुषों की भाला फेंक F64 स्पर्धा में अपना ही विश्व रिकॉर्ड तोड़कर स्वर्ण पदक जीता। हरियाणा के इस एथलीट ने 74.82 मीटर का विशाल थ्रो किया, जिससे दर्शक खुशी से झूम उठे और वैश्विक पैरा-खेल समुदाय को एक स्पष्ट संदेश दिया।

दो बार के पैरालंपिक चैंपियन एंटिल ने प्रतियोगिता के दौरान ही अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म का प्रदर्शन कर दिखाया था। उन्होंने धीरे-धीरे गति पकड़ी और चौथे प्रयास में 70.30 मीटर का थ्रो किया, जिसके बाद उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पांचवें थ्रो में दिखाया। उनके इस अंतिम प्रयास ने न केवल उन्हें स्वर्ण पदक दिलाया, बल्कि 2022 एशियाई पैरा गेम्स में बनाए गए उनके पिछले विश्व रिकॉर्ड 73.29 मीटर को भी तोड़ दिया।

शानदार प्रदर्शन ने प्रतिद्वंद्वियों को अचंभित कर दिया।
नौ खिलाड़ियों के इस समूह का सुमित अंतिल के विस्फोटक प्रदर्शन के आगे कोई चांस नहीं था। उन्होंने शुरू से अंत तक प्रतियोगिता पर पूरी तरह से अपना दबदबा बनाए रखा। महाराष्ट्र के संदीप सरगर ने 62.88 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत पदक जीता और काफी पीछे दूसरे स्थान पर रहे। यह अंतर इस बात को स्पष्ट करता है कि उस दिन अंतिल कितने आगे थे।

इस ताजा जीत ने एंटिल के पहले से ही शानदार करियर में एक और चमकीला अध्याय जोड़ दिया है। पिछले ही साल, 26 वर्षीय एंटिल ने नई दिल्ली में आयोजित विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीता था, जिससे उन्होंने बार-बार साबित किया कि वे F64 वर्ग में भाला फेंक के निर्विवाद बादशाह बने हुए हैं।

भारतीय पैरा स्पोर्ट्स के लिए यह रिकॉर्ड क्यों महत्वपूर्ण है?
भारतीय पैरा-एथलेटिक्स प्रशंसकों के लिए सुमित एंटिल की उपलब्धि सिर्फ एक और पदक से कहीं अधिक है; इसने देश में इस खेल के तीव्र विकास को उजागर किया है। इंडियन ओपन जैसी अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप की मेजबानी से घरेलू खिलाड़ियों को परिचित परिस्थितियों में अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलता है, साथ ही उन्हें विदेशी खिलाड़ियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करने का अवसर भी मिलता है। एंटिल के विश्व-रिकॉर्ड थ्रो से राष्ट्रीय टीम का आत्मविश्वास बढ़ेगा और हजारों दिव्यांग युवा खिलाड़ियों को इस खेल को अपनाने की प्रेरणा मिलेगी।

इस आयोजन में मौजूद कोचों और अधिकारियों ने हरियाणा के इस स्टार खिलाड़ी की निरंतरता और मानसिक दृढ़ता की सराहना की। प्रतियोगिता में प्रबल दावेदार के रूप में उतरे इस खिलाड़ी ने दबाव को बखूबी संभाला और अहम मौकों पर शानदार प्रदर्शन किया।
भविष्य की ओर: सुमित एंटिल और अधिक सफलता की ओर अग्रसर हैं।

आगामी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं को देखते हुए, सुमित एंटिल का प्रदर्शन शानदार है। नई दिल्ली में उनके रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन ने साबित कर दिया है कि वे F64 भाला फेंक में अपनी क्षमताओं को लगातार निखार रहे हैं। समर्थक यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि भविष्य की चैंपियनशिप और पैरालंपिक खेलों में वे कितनी ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं।

 

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