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मंत्री पटेल बोले- स्वच्छ और सुरक्षित रहें नदियों के स्रोत, तभी बचेगा पर्यावरण

नदियों के उद्गम स्थलों को स्वच्छ और सुरक्षित रखना हम सभी का कर्तव्य: मंत्री पटेल अमरकंटक धाम में तीन दिवसीय ‘स्वच्छता व कुण्ड सेवा अभियान में स्वयं किया श्रमदान भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि माँ नर्मदा केवल आस्था की प्रतीक नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन…

मंत्री पटेल बोले- स्वच्छ और सुरक्षित रहें नदियों के स्रोत, तभी बचेगा पर्यावरण

नदियों के उद्गम स्थलों को स्वच्छ और सुरक्षित रखना हम सभी का कर्तव्य: मंत्री पटेल

अमरकंटक धाम में तीन दिवसीय ‘स्वच्छता व कुण्ड सेवा अभियान में स्वयं किया श्रमदान

भोपाल

पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि माँ नर्मदा केवल आस्था की प्रतीक नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन और अस्तित्व का आधार हैं। हमारी नदियों के उद्गम स्थलों को स्वच्छ, सुरक्षित और समृद्ध बनाए रखने में प्रत्येक नागरिक को अपना बहुमूल्य योगदान देना चाहिए। मंत्री पटेल ने यह विचार अमरकंटक धाम स्थित माँ नर्मदा नदी के पावन उद्गम स्थल पर 29 से 31 मई तक आयोजित इस विशेष स्वच्छता अभियान में श्रमदान के दौरान व्यक्त कियें। मंत्री पटेल ने विशेष बल देते हुए कहा कि नदियों का संरक्षण केवल धार्मिक दायित्व नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के सुरक्षित जीवन का आधार है, क्योंकि यदि आज हम जल स्रोतों और उद्गम स्थलों को संरक्षित करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियाँ जल संकट से बच सकेंगी।

मंत्री पटेल ने स्वयं उपस्थित होकर जनभागीदारी के साथ सक्रिय रूप से श्रमदान किया। 'मणिनागेंद्र सिंह फाउंडेशन' एवं 'निर्विकार पथ' के सेवाभावी कार्यकर्ताओं के सहयोग से संचालित इस अभियान में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों ने हिस्सा लिया। सभी ने मिलकर उद्गम और कुण्ड क्षेत्र की स्वच्छता, संरक्षण तथा सेवा कार्यों में अपना योगदान दिया, जिससे यह अभियान क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का एक बड़ा माध्यम बनकर उभरा है।

उल्लेखनीय है कि मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल लंबे समय से जल संरक्षण, जल स्रोतों के संवर्धन और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के माध्यम से पूरे प्रदेश में जल संरचनाओं के पुनर्जीवन, नदियों की स्वच्छता और जनजागरण के कार्यों को व्यापक गति मिली है। अमरकंटक में माँ नर्मदा के उद्गम स्थल पर किया गया यह श्रमदान उसी पर्यावरण-संरक्षण के संकल्प का जीवंत उदाहरण है, जो समाज में सकारात्मक चेतना का संचार करेगा और जनसहभागिता से जल संरक्षण के इस प्रयास को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।

 

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