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वासु भगनानी ने साड़ी बेचने से शुरू किया सफर, आज हैं टॉप बॉलीवुड प्रोड्यूसर्स में शामिल

शोबिज में कई ऐसे चहरे हैं जो आज सक्सेसफुल हैं. करोड़ों के एम्पायर के मालिक हैं. लेकिन उन्होंने ये मुकाम सालों के संघर्ष के बाद..

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वासु भगनानी ने साड़ी बेचने से शुरू किया सफर, आज हैं टॉप बॉलीवुड प्रोड्यूसर्स में शामिल

शोबिज में कई ऐसे चहरे हैं जो आज सक्सेसफुल हैं. करोड़ों के एम्पायर के मालिक हैं. लेकिन उन्होंने ये मुकाम सालों के संघर्ष के बाद हासिल किया है. ऐसा ही एक नाम वासु भगनानी का है. वो बॉलीवुड के टॉप प्रोड्यूसर्स में गिने जाते हैं. लेकिन एक वक्त वो भी था जब वो फुटपाथ पर साड़ी बेचा करते थे. फर्श से अर्श तक की उनकी ये जर्नी इंस्पायरिंग है.
वासु पूजा एंटरटेनमेंट के फाउंडर हैं. उनके बैनर तले कुली नंबर 1, हीरो नंबर 1 और बीवी नंबर 1 जैसी फिल्में बनी हैं. कमर्शियल बॉलीवुड को खड़ा करने में उन्होंने दशकों लगाए हैं. उनकी कंपनी ने बीते सालों में 40 से ज्यादा फिल्में प्रोड्यूस की हैं. जिंदाबाद पॉडकास्ट संग बात करते हुए वासु ने अपने स्ट्रगल, बिजनेस वेंचर्स और उस पल के बारे में बताया जिसने उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदलकर रख दी.  
वासु की मुश्किल जर्नी
उन्होंने कहा, मैं फुटपाथ पर साड़ियां बेचा करता था. 13 साल की उम्र में जो लड़का सड़क पर साड़ियां बेचता था, वो आज यहां पहुंच गया. ये जर्नी मुझे और मेरे बच्चों को हमेशा याद रहेगी. उस समय मेरा परिवार कोलकाता में रहता था, वहां कम मौके मिलते थे. हम कोलकाता में चार भाई थे, वहां लिमिटेड ऑप्शन थे. इसलिए हमने सोचा कि एक भाई दिल्ली जाना चाहिए. ये फैसला टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. मैंने दिल्ली जाकर प्रीत विहार में एक छोटा सा प्लॉट खरीदा. इसी तरह आनंद विहार जैसे इलाकों में प्लॉट खरीदे, विला बनाए और बेच दिए. फिर शकरपुर में एक बिल्डिंग है, जिसे वीआईपी बिल्डिंग बुलाते हैं, उसे मैंने 4 महीने में बनाकर खड़ा किया.
”वहां से कंस्ट्रक्शन का काम शुरू हुआ. कोलकाता में हमारा साड़ियों का काम था. लेकिन मुंबई ने मेरी जर्नी को बदला. होली के समय हम मुंबई आए और कभी दिल्ली वापस नहीं गए. ये किस्मत थी. मैंने कभी नहीं सोचा था मुंबई में सैटल हो जाऊंगा. होली पर मुंबई आया. फिर यहीं रह गए, प्लॉट खरीदा और कंस्ट्रक्शन शुरू किया. तेजी से बिजनेस फैला. मैंने तीन-चार साल में 12-15 बिल्डिंग बना दी थीं. काम को बढ़ाया, फिर ऑडियो कैसेट बनाने का काम शुरू किया.”
मैंने 10,000 से शुरू किया, वहां से वो टॉप कंपनियों में शुमार हो गई. हम रोजाना तीन लाख पीस बनाते थे, जिसे भारत में आज तक किसी ने नहीं बनाया. वासु इसके बाद फिल्म लाइन में आए. मूवी आंखें देखने के बाद उनकी लाइफ में टर्निंग पॉइंट आया. घर आकर उन्होंने कहा कि डेविड (डेविड धवन) और गोविंदा को साइन करना है. अगली सुबह पैसे लेकर उनके पास पहुंचे और फिल्म साइन कर ली. सालों में भगनानी ने ढेर सारी फिल्में प्रोड्यूस कीं. उनके बैनर की हालिया रिलीज मूवी मिशन रानीगंज, गणपथ और बड़े मियां छोटे मियां हैं.
सफल फिल्मों के बीच वासुको फिल्म पिटने पर नुकसान भी झेलना पड़ा है. फिर भी वो इस फील्ड में डटे रहे. उनकी पिछली रिलीज मूवी बड़े मियां छोटे मियां (2024) बॉक्स ऑफिस पर धाराशायी हुई.

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