,

कोलकाता में ED की बड़ी छापेमारी, फरार ‘सोना पप्पू’ से जुड़े ठिकानों पर दबिश

पश्चिम बंगाल पश्चिम बंगाल में जारी विधानसभा चुनाव के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों ने  फरार अपराधी ‘सोना पप्पू’ से जुड़े कथित जमीन कब्जाने..

Varad Avatar

by

2 minutes

Read Time

कोलकाता में ED की बड़ी छापेमारी, फरार ‘सोना पप्पू’ से जुड़े ठिकानों पर दबिश

पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल में जारी विधानसभा चुनाव के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों ने  फरार अपराधी ‘सोना पप्पू’ से जुड़े कथित जमीन कब्जाने और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में कोलकाता के कई स्थानों पर छापे मारे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने आनंदपुर और अलीपुर क्षेत्रों में दो कारोबारियों के आवासों पर छापे मारे।
ईडी अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया, ”ये छापे वित्तीय अनियमितताओं और फरार आरोपी सोना पप्पू से संभावित संबंधों की जारी जांच का हिस्सा हैं।” सोना पप्पू को जमीन कब्जाने और वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े मामलों का प्रमुख आरोपी माना जाता है और वह पिछले कुछ समय से फरार है।
अधिकारियों का मानना है कि उसके कई कारोबारियों से करीबी संबंध थे, जिसके कारण एजेंसी ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाया है। ईडी अधिकारी ने कहा, ”पूछताछ के दौरान हमें कुछ अहम सुराग मिले, जिनके आधार पर हम इन परिसरों तक पहुंचे।” उन्होंने बताया कि ईडी दो कारोबारियों की कथित वित्तीय गड़बड़ियों में भूमिका की जांच कर रही है और यह भी देखा जा रहा है कि क्या उन्होंने अवैध लेनदेन के माध्यम के रूप में काम किया। ईडी सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच जारी है तथा आने वाले दिनों में और भी छापेमारी हो सकती है।
गेहूं घोटाले में भी ईडी की छापेमारी
इससे पहले, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पश्चिम बंगाल में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत गेहूं घोटाले से जुड़े मामले में कोलकाता, बर्दवान और हाबरा स्थित नौ ठिकानों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई निरंजन चंद्र साहा और अन्य आरोपियों से जुड़े आपूर्तिकर्ताओं तथा निर्यातकों के परिसरों पर की जा रही है। प्रवर्तन निदेशालय ने यह जांच धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत शुरू की है, जो पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा बशीरहाट थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की गयी है।
यह मामला घोजाडांगा भूमि सीमा शुल्क केंद्र के उप आयुक्त की शिकायत पर दर्ज हुआ था, जिसमें कल्याणकारी योजनाओं के लिए निर्धारित गेहूं की बड़े पैमाने पर हेराफेरी का आरोप लगाया गया था। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से लाभार्थियों के लिए निर्धारित गेहूं को अवैध रूप से आपूर्ति श्रृंखला से बाहर निकालकर कम कीमत पर प्राप्त किया और फिर उसे खुले बाजार में ऊंची कीमत पर बेच दिया। इस प्रक्रिया में आपूर्तिकर्ताओं, अधिकृत वितरकों, डीलरों और बिचौलियों की मिलीभगत बतायी गयी है।

About the Author

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports