,

मध्यप्रदेश कैडर के डॉ. अंसारी सेंट्रल जू ऑथोरिटी की ‘कंजर्वेशन-ब्रीडिंग’ कमेटी में शामिल

भोपाल देश में वन्य जीव संरक्षण को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन..

Varad Avatar

by

2 minutes

Read Time

मध्यप्रदेश कैडर के डॉ. अंसारी सेंट्रल जू ऑथोरिटी की ‘कंजर्वेशन-ब्रीडिंग’ कमेटी में शामिल

भोपाल
देश में वन्य जीव संरक्षण को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अंतर्गत केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने ‘‘कंजर्वेशन-ब्रीडिंग’ के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। समिति का गठन देशभर के चिड़ियाघरों में संचालित ‘‘कंजर्वेशन-ब्रीडिंग’ गतिविधियों की समीक्षा, मार्गदर्शन और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है। समिति में पहली बार मध्यप्रदेश कैडर के आईएफएस अधिकारी डॉ. ए. अंसारी को शामिल किया गया है। डॉ. अंसारी प्रदेश के सिवनी में वर्किंग प्लान अधिकारी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।
समिति में विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। इनमें- डॉ. ए. अंसारी (वर्किंग प्लान ऑफिसर, सिवनी, मध्यप्रदेश), डॉ. मनोज वी. नायर (अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक, ओडिशा), डॉ. कार्तिकेयन वासुदेवन (वैज्ञानिक, हैदराबाद) और डॉ. अभिजीत पावडे (भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, बरेली) शामिल हैं। समिति का कार्यकाल आदेश जारी होने की तिथि से 6 माह निर्धारित किया गया है। गैर-सरकारी सदस्यों को बैठक शुल्क एवं यात्रा भत्ता केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण द्वारा प्रदान किया जाएगा। प्राधिकरण समिति को आवश्यक प्रशासनिक एवं सचिवीय सहयोग भी उपलब्ध कराएगा।
‘‘कंजर्वेशन-ब्रीडिंग’ समिति का गठन देश में वन्यजीव संरक्षण और लुप्तप्राय प्रजातियों के वैज्ञानिक प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से संरक्षण प्रजनन कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी, संगठित और परिणामोन्मुख बनाने में मदद मिलेगी। इस समिति के गठन से देशभर के चिड़ियाघरों में संचालित संरक्षण प्रयासों को नई दिशा और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
समिति चिड़ियाघरों में संरक्षण प्रजनन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच करेगी। इनमें—संरक्षण प्रजनन प्रस्तावों की समीक्षा एवं सिफारिशें, वित्तीय सहायता के प्रस्तावों का परीक्षण, प्राथमिकता वाली प्रजातियों की पहचान और सूची का पुनरीक्षण, समन्वयक और सहभागी चिड़ियाघरों की भूमिका निर्धारित करना,कार्यक्रम के मूल्यांकन और मॉनिटरिंग के लिए मानकीकृत प्रक्रियाओं का विकास, प्रगति रिपोर्ट के लिए प्रारूप तैयार करना और चिड़ियाघरों के मूल्यांकन हेतु प्रश्नावली विकसित करना शामिल हैं। समिति मास्टर प्लान प्रस्तुत करने के लिए प्रारूप भी तैयार करेगी और आवश्यकतानुसार अन्य कार्य भी संपादित करेगी।
 

About the Author

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports